प्रयागराज की हालिया घटना को लेकर सियासी बयानबाज़ी तेज हो गई है। इसी कड़ी में कांग्रेस से जुड़े नेता शरद शुक्ला ने एक पोस्टर जारी कर धार्मिक और नैतिक संदर्भों के साथ अपनी प्रतिक्रिया दी है। पोस्टर में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को ‘परमाराध्य’ बताते हुए उनके प्रति सम्मान व्यक्त किया गया है और घटना को लेकर तीखा संदेश दिया गया है। धार्मिक उद्धरणों के साथ सख्त संदेश शरद शुक्ला द्वारा जारी पोस्टर में मनुस्मृति और रामचरितमानस के श्लोकों का उल्लेख किया गया है। मनुस्मृति का श्लोक उद्धृत करते हुए कहा गया है कि गुरु या वेदाचार्य का अपमान करने वाले को घोर परिणाम भुगतने पड़ते हैं। वहीं रामचरितमानस की पंक्तियों के जरिए यह संकेत दिया गया है कि जब किसी पर प्रभु की कृपा हटती है, तो उसकी बुद्धि पहले ही हर ली जाती है। शंकराचार्य के प्रति समर्थन का ऐलान पोस्टर में ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को ‘परमाराध्य’ बताते हुए उन्हें कोटिशः प्रणाम किया गया है। शरद शुक्ला ने साफ किया कि वह शंकराचार्य के सम्मान और सनातन परंपराओं के पक्ष में खड़े हैं और किसी भी तरह के अपमान को स्वीकार नहीं किया जा सकता। प्रयागराज घटना को लेकर कांग्रेस की प्रतिक्रिया कांग्रेस नेता शरद शुक्ला ने प्रयागराज की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि इस तरह की घटनाएं समाज में वैमनस्य फैलाने का काम करती हैं। पोस्टर के जरिए उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से सत्ता पक्ष और विरोधियों पर निशाना साधते हुए नैतिक और धार्मिक मूल्यों की याद दिलाई है। अयोध्या विधानसभा से जुड़ा सियासी संदेश शरद शुक्ला, जो भारतीय युवा कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष और अयोध्या विधानसभा क्षेत्र से जुड़े हैं, ने यह पोस्टर जारी कर साफ संकेत दिया है कि कांग्रेस इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेगी। पार्टी नेताओं का मानना है कि प्रयागराज की घटना ने धार्मिक भावनाओं को आहत किया है और इस पर सार्वजनिक तौर पर प्रतिक्रिया जरूरी थी। राजनीति और धर्म के मेल पर बहस तेज इस पोस्टर के सामने आने के बाद राजनीति और धर्म के आपसी संबंधों पर बहस और तेज हो गई है। प्रयागराज की घटना को लेकर आने वाले दिनों में राजनीतिक बयानबाज़ी और तेज होने के आसार हैं, जिसमें कांग्रेस और अन्य दल अपनी-अपनी भूमिका तय करते नजर आ सकते हैं।


