नरसिंहपुर कलेक्टर रजनी सिंह ने शुक्रवार रात गोटेगांव विकासखंड के दूरस्थ ग्राम बरहेटा स्थित शासकीय कन्या आदिवासी छात्रावास और सीनियर आदिवासी बालक छात्रावास का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान दोनों छात्रावासों के अधीक्षक अनुपस्थित पाए गए, साथ ही कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। इस पर कलेक्टर ने दोनों अधीक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। कलेक्टर सिंह जब शासकीय कन्या आदिवासी छात्रावास बरहेटा पहुंचीं, तो अधीक्षिका शरद शाह मौके पर अनुपस्थित मिलीं। अधीक्षिका की गैर-मौजूदगी के कारण छात्रावास कार्यालय में ताला लगा हुआ था, जिससे आवश्यक पंजी और अभिलेखों का अवलोकन नहीं हो सका। कलेक्टर ने इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम गोटेगांव संघमित्रा गौतम को पंचनामा तैयार कर आवश्यक रिकॉर्ड जब्त करने के निर्देश दिए। ये कमियां मिली हॉस्टल में निरीक्षण के दौरान छात्राओं को उपलब्ध कराए गए बेड, कंबल और चादरें साफ-सुथरी नहीं पाई गईं। इसके अतिरिक्त, खाद्य सामग्री का पर्याप्त भंडारण नहीं था और जो सामग्री उपलब्ध थी, उसकी गुणवत्ता भी संतोषजनक नहीं थी। इन अनियमितताओं के लिए कलेक्टर ने अधीक्षिका शरद शाह को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। इसके बाद कलेक्टर सिंह ने सीनियर आदिवासी बालक छात्रावास बरहेटा का भी निरीक्षण किया। यहां भी अधीक्षक पियूष गंगारे अनुपस्थित मिले और कार्यालय में ताला लगा हुआ था। छात्रावास परिसर में भी अव्यवस्थाएं देखने को मिलीं। कलेक्टर ने मौके पर ही अधीक्षक गंगारे को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों को शासन की योजनाओं के अनुरूप बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


