चित्रकूट के पाठा क्षेत्र में स्थित मटदर के भैरम बाबा मंदिर तक सड़क न होने से श्रद्धालुओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर तत्कालीन जिलाधिकारी ने मार्ग का निरीक्षण किया था, लेकिन उनके स्थानांतरण के बाद यह मामला ठंडे बस्ते में चला गया। अब बुंदेली सेना ने वर्तमान जिलाधिकारी से इस समस्या के समाधान की मांग की है। बुंदेली सेना के जिलाध्यक्ष अजीत सिंह ने बताया कि मटदर के भैरम बाबा मंदिर दर्जनों गांवों के लाखों भक्तों के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र है। पिछले कार्यकाल में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मटदर वन ब्लॉक में ही वृक्षारोपण की शुरुआत की थी और कोदंड वन स्थापित किया था। उसी समय मुख्यमंत्री के निर्देश पर तत्कालीन जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ला ने स्वयं भैरम बाबा तक पहुंचकर रास्ते का अवलोकन किया था। हालांकि, उनके स्थानांतरण के साथ ही सड़क निर्माण का मामला ठंडे बस्ते में चला गया। यहां वर्ष भर श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहता है, लेकिन भादौ महीने में विशाल मेले लगते हैं। सेहरिन से लेकर मटदर तक लगभग तीन किलोमीटर वन क्षेत्र में श्रद्धालु पगडंडी के सहारे किसी तरह गिरते-पड़ते भैरम बाबा तक पहुंचते हैं। इस रास्ते में एक पहाड़ी नाले को भी पार करना श्रद्धालुओं की मजबूरी है, जिससे उनकी मुश्किलें और बढ़ जाती हैं। बुंदेली सेना ने जिलाधिकारी पुलकित गर्ग से मटदर के भैरम बाबा मंदिर तक सड़क निर्माण कराने की मांग की है, ताकि श्रद्धालुओं को सुगम आवागमन मिल सके।


