दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय को यूजीसी से ऑनलाइन लर्निंग (ओएल) और ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग (ओडीएल) दोनों मोड में स्नातक (UG) और स्नातकोत्तर (PG) स्तर के शैक्षणिक कार्यक्रम संचालित करने की स्वीकृति प्राप्त हुई है। यह स्वीकृति विश्वविद्यालय को ‘श्रेणी-I’ (Category-I) विश्वविद्यालय के रूप में दी गई है, जो इसकी एकेडमिक गुणवत्ता, प्रशासनिक दक्षता और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में यूजीसी के विश्वास को प्रदर्शित करती है। इस स्वीकृति के साथ, विश्वविद्यालय पहले से संचालित कार्यक्रमों के अतिरिक्त नए PG कार्यक्रम भी इन लचीले मोड में प्रारंभ करने में सक्षम होगा। यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप है, जो उच्च शिक्षा को बहुविकल्पीय, तकनीक-समर्थित और विद्यार्थी-केंद्रित बनाने पर बल देती है। ओएल और ओडीएल मोड का विस्तार से मिलेगा लाभ
ये मोड कार्यरत पेशेवरों, दूरदराज के क्षेत्रों के विद्यार्थियों, महिलाओं तथा उन सभी शिक्षार्थियों के लिए वरदान साबित होंगे, जो समय या स्थान की बाध्यताओं के कारण नियमित कक्षाओं में भाग नहीं ले पाते। ऑनलाइन लर्निंग में इंटरएक्टिव डिजिटल कंटेंट, लाइव व रिकॉर्डेड लेक्चर और ऑनलाइन मूल्यांकन शामिल हैं, जबकि ओडीएल स्व-अध्ययन सामग्री और लचीले पाठ्यक्रम ढाँचे पर आधारित है। इन प्रोग्राम्स को मिली मंजूरी हमारा लक्ष्य उन तक शिक्षा पहुंचाना है, जो नियमित मोड से जुड़ नहीं पाते
इस उपलब्धि पर कुलपति प्रोफेसर पूनम टंडन ने कहा- यह स्वीकृति विश्वविद्यालय की अकादमिक परिपक्वता व डिजिटल तत्परता का प्रमाण है। ओएल व ओडीएल कार्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप शिक्षा को अधिक सुलभ और समावेशी बनाएंगे। हमारा लक्ष्य उन तक शिक्षा पहुंचाना है, जो नियमित मोड से जुड़ नहीं पाते। भविष्य में हम उद्योग व रोजगार की माँग के अनुरूप और अधिक नवाचारी व कौशल-आधारित कार्यक्रम इन मोड में लॉन्च करेंगे।


