गोरखपुर में अब बनेंगे रॉकेट और मिसाइल…डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग और एयरोस्पेस सेक्टर में रखेगा पहला कदम

गोरखपुर में अब बनेंगे रॉकेट और मिसाइल…डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग और एयरोस्पेस सेक्टर में रखेगा पहला कदम

गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) क्षेत्र में अब डिफेंस और एयरोस्पेस से जुड़े इंडस्ट्री की स्थापना का रास्ता साफ हो गया है। मंडलायुक्त एवं GIDA बोर्ड के अध्यक्ष अनिल ढींगरा की अध्यक्षता में आयुक्त सभागार में आयोजित गीडा की 64वीं बोर्ड बैठक में उत्तर प्रदेश एयरोस्पेस तथा रक्षा इकाई एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति को मंजूरी दे दी गई।

डिफेंस, एयरोस्पेस सेक्टर से जुड़ेगा

इस फैसले के बाद गोरखपुर पहली बार डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग और एयरोस्पेस सेक्टर से जुड़ी बड़ी औद्योगिक इकाइयों का केंद्र बन सकेगा। इससे न केवल निवेश को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि लोकल यूथ के लिए टेक्निकल और और उच्च स्तरीय एम्प्लॉयमेंट के अवसर भी सृजित होंगे।

प्राप्त हुआ 400 करोड़ रुपए का ग्रांट

रक्षा और एयरोस्पेस इकाइयों को प्राथमिकता देते हुए धुरियापार क्षेत्र में नए गांवों में भूमि अधिग्रहण की योजना बनाई गई है। टाटा, रिलायंस जैसी नामचीन कंपनियों को जमीन उपलब्ध कराने के लिए शासन से 400 करोड़ रुपये का ग्रांट भी प्राप्त हो चुका है। पहले चरण में 450 एकड़ भूमि आवंटन का प्रस्ताव है।

जमीन अधिग्रहण में रखा जाएगा किसानों का ख्याल

किसानों का ख्याल रखते हुए बोर्ड बैठक में बताया गया कि किसानों से सर्किल रेट के 2 से 2.5 गुना मूल्य पर आपसी सहमति से भूमि अधिग्रहण का प्रयास किया जाएगा। धुरियापार और प्रस्तावित औद्योगिक गलियारे में नई इकाइयों के लिए तेजी से जमीन उपलब्ध कराई जाएगी।

700 एकड़ में फैला रहेगा औद्योगिक क्षेत्र

GIDA के OSD अनुपम मिश्रा ने बताया कि बोर्ड बैठक में उत्तर प्रदेश एयरोस्पेश तथा रक्षा इकाई एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2024 को मंजूरी मिल गई है। इस क्षेत्र में औद्योगिक विस्तार को और तेज करने के लिए ग्राम बरउर, सियर, सहजूपार और चकभोप का मास्टर प्लान तैयार करने को बोर्ड ने मंजूरी दी। यह क्षेत्र लगभग 700 एकड़ से अधिक में फैला होगा। इसके साथ ही सेक्टर-27 के लेआउट में संशोधन के प्रस्ताव पर भी सहमति बनी।

एक वर्ष में 213 एकड़ भूमि का आवंटन

GIDA की CEO अनुज मलिक ने बताया कि प्राधिकरण के इतिहास में यह पहला मौका है जब एक वर्ष में सर्वाधिक 213 एकड़ भूमि का आवंटन किया गया है। जनवरी में एक नई परियोजना के बाद यह आंकड़ा 250 एकड़ तक पहुंच जाएगा। बैठक में DM दीपक मीणा, GDA उपाध्यक्ष आनंद वर्धन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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