उज्जैन का चक्रतीर्थ, जो अब तक केवल अंत्येष्टि स्थल था, अब आध्यात्मिक शांति और आत्मिक सुकून का केंद्र बनने जा रहा है। यहां दाह संस्कार के बाद शोकसभा स्थल पर एलईडी स्क्रीन के माध्यम से गीता के सार और आध्यात्मिक संदेशों का स्लाइड शो दिखाया जाएगा, जिससे शोक संतप्त परिवारों को शांति मिल सके। चक्रतीर्थ विकास योजना के तहत इस संवेदनशील स्थल का स्वरूप पूरी तरह बदला जा रहा है। यहां लगभग 80 मीटर लंबा भव्य डोम फैब्रिक शेड तैयार किया गया है, जो धूप और बारिश से सुरक्षा प्रदान करेगा। दाह संस्कार स्थल पर नए शेड, बैठने के लिए पक्के ओटले और दीवारों पर धार्मिक चित्रकारी की गई है, जो वातावरण को आध्यात्मिक स्वरूप दे रही है। दीवारों पर यमराज, सुदर्शन चक्र, भगवान शिव के साथ-साथ स्वच्छता और जीवन के सत्य से जुड़े संदेशों की आकृतियां उकेरी गई हैं। ये चित्रकलाएं हर आने वाले को जीवन की नश्वरता और सत्य का अहसास कराती हैं। परिजनों और नागरिकों की सुविधा के लिए शोकसभा स्थल पर 50 से अधिक स्टील कुर्सियां, वाटर कूलर, प्याऊ, स्नानघर और शौचालय की व्यवस्था की गई है। उद्यान क्षेत्र में लगाया गया नया फाउंटेन भी शांतिपूर्ण माहौल बनाने में सहायक होगा। महापौर मुकेश टटवाल ने निरीक्षण के दौरान बताया कि चक्रतीर्थ को ऐसा स्वरूप दिया जा रहा है, जहां अंतिम विदाई के क्षणों में लोगों को दुख के साथ-साथ धैर्य, शांति और आत्मिक संतुलन भी मिल सके।


