बक्सर के नावानगर प्रखंड स्थित तुरांवगढ़ गांव में नहर किनारे बसे लगभग 40 मुसहर परिवारों के घर उजाड़ दिए गए हैं। इस घटना के बाद डुमरांव के पूर्व विधायक डॉ. अजीत कुमार सिंह ने प्रशासन की कार्रवाई को अमानवीय बताते हुए गंभीर सवाल उठाए हैं। डॉ. सिंह ने कहा कि कड़ाके की ठंड में बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को खुले आसमान के नीचे रहने पर मजबूर करना संवेदनहीनता है। उन्होंने इसे संविधान में प्रदत्त जीवन के अधिकार का उल्लंघन बताया। पूर्व विधायक के अनुसार, मुसहर समाज सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक रूप से पहले से ही पिछड़ा हुआ है, ऐसे में बिना वैकल्पिक व्यवस्था के बेदखली मानवीय मूल्यों के विपरीत है। पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर स्थिति का जायजा लिया घटना की जानकारी मिलते ही डॉ. अजीत कुमार सिंह, भाकपा-माले के प्रखंड सचिव हरेन्द्र राम, मड़ियां पैक्स अध्यक्ष नीरज कुमार, जिला परिषद सदस्य राजीव कुमार यादव और मुखिया ब्रिज कुमार सिंह सहित कई जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर स्थिति का जायजा लिया। डॉ. सिंह ने अंचल अधिकारी से फोन पर बात की और पीड़ित परिवारों के लिए तत्काल तिरपाल, कंबल, भोजन, राशन तथा अस्थायी आवास की व्यवस्था करने की मांग की। उन्होंने सभी प्रभावित परिवारों के लिए स्थायी पुनर्वास प्रक्रिया शीघ्र शुरू करने पर भी जोर दिया। जनआंदोलन करने की दी चेतावनी पूर्व विधायक ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने तत्काल राहत और पुनर्वास की व्यवस्था नहीं की, तो जनप्रतिनिधि और ग्रामीण जनआंदोलन करने को मजबूर होंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। फिलहाल, पीड़ित परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को विवश हैं। प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस राहत व्यवस्था नहीं होने के कारण ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। बक्सर के नावानगर प्रखंड स्थित तुरांवगढ़ गांव में नहर किनारे बसे लगभग 40 मुसहर परिवारों के घर उजाड़ दिए गए हैं। इस घटना के बाद डुमरांव के पूर्व विधायक डॉ. अजीत कुमार सिंह ने प्रशासन की कार्रवाई को अमानवीय बताते हुए गंभीर सवाल उठाए हैं। डॉ. सिंह ने कहा कि कड़ाके की ठंड में बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को खुले आसमान के नीचे रहने पर मजबूर करना संवेदनहीनता है। उन्होंने इसे संविधान में प्रदत्त जीवन के अधिकार का उल्लंघन बताया। पूर्व विधायक के अनुसार, मुसहर समाज सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक रूप से पहले से ही पिछड़ा हुआ है, ऐसे में बिना वैकल्पिक व्यवस्था के बेदखली मानवीय मूल्यों के विपरीत है। पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर स्थिति का जायजा लिया घटना की जानकारी मिलते ही डॉ. अजीत कुमार सिंह, भाकपा-माले के प्रखंड सचिव हरेन्द्र राम, मड़ियां पैक्स अध्यक्ष नीरज कुमार, जिला परिषद सदस्य राजीव कुमार यादव और मुखिया ब्रिज कुमार सिंह सहित कई जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर स्थिति का जायजा लिया। डॉ. सिंह ने अंचल अधिकारी से फोन पर बात की और पीड़ित परिवारों के लिए तत्काल तिरपाल, कंबल, भोजन, राशन तथा अस्थायी आवास की व्यवस्था करने की मांग की। उन्होंने सभी प्रभावित परिवारों के लिए स्थायी पुनर्वास प्रक्रिया शीघ्र शुरू करने पर भी जोर दिया। जनआंदोलन करने की दी चेतावनी पूर्व विधायक ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने तत्काल राहत और पुनर्वास की व्यवस्था नहीं की, तो जनप्रतिनिधि और ग्रामीण जनआंदोलन करने को मजबूर होंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। फिलहाल, पीड़ित परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को विवश हैं। प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस राहत व्यवस्था नहीं होने के कारण ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।


