औरैया जिले में एक सप्ताह के भीतर दो ऐसी घटनाएं सामने आई हैं, जहां पत्नियों ने अपने प्रेमियों के साथ मिलकर पतियों की हत्या कर दी। इन मामलों में पुलिस ने आरोपी पत्नियों और उनके प्रेमियों को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों घटनाओं में पत्नियों ने खूब रोने का नाटक किया जिससे उनपर किसी का शक न जाए लेकिन पुलिस टीम ने प्रभावी जांच कर मामले का खुलासा कुछ दिन में ही के दिया। पहला मामला 10 जनवरी की रात का है। 11 जनवरी को थाना बेला पुलिस को ग्राम कुर्सी और बूचपुर के बीच नहर की पटरी के पास एक व्यक्ति का शव मिला। मृतक की पहचान ग्राम कुर्सी निवासी शैलेंद्र सिंह पाल पुत्र स्वर्गीय औसान सिंह पाल के रूप में हुई। उच्चाधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। बेला पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतक के ताऊ मानसिंह पाल की तहरीर पर थाना बेला में मामला दर्ज किया गया। एसपी अभिषेक भारती ने तीन दिन के भीतर इस मामले का खुलासा कर दिया। बेला-तिर्वा रोड बॉर्डर बैरियर पर चेकिंग के दौरान अवनीश पाल और रिंकू कठेरिया को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में अभियुक्त अवनीश ने बताया कि उसके मृतक शैलेंद्र सिंह की पत्नी अर्चना के साथ संबंध थे। शैलेंद्र इस रिश्ते का विरोध करता था। अभियुक्ता अर्चना ने भी स्वीकार किया कि वह अवनीश के साथ रहना चाहती थी। इसी बात से परेशान होकर तीनों ने मिलकर शैलेंद्र को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। योजना के तहत शैलेंद्र को पटना नहर पुल पर बुलाया गया, जहां उसे शराब पिलाई गई और फिर मफलर से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी गई। दूसरी घटना 17 जनवरी को हुई। जब मंडी रोड निवासी अरविंद कुमार की उनके घर में ही गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। अरविंद के भाई अशोक कुमार ने अज्ञात हमलावर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने इस घटना को भी छठवें दिन खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी योगेन्द्र शाक्य उर्फ पप्पू को गिरफ्तार कर लिया।


