पटना-मेट्रो के 2 नए स्टेशन की हुई EIG इंस्पेक्शन:दिल्ली की टीम ने खेमनीचक से मलाही पकड़ी तक की जांच, इलेक्ट्रिकल सुरक्षा का किया परीक्षण

पटना-मेट्रो के 2 नए स्टेशन की हुई EIG इंस्पेक्शन:दिल्ली की टीम ने खेमनीचक से मलाही पकड़ी तक की जांच, इलेक्ट्रिकल सुरक्षा का किया परीक्षण

पटना मेट्रो के 2 नए स्टेशन को शुरू करने की कवायद की जा रही है। आज अधिकारियों ने खेमनीचक से मलाही पकड़ी मेट्रो स्टेशन तक EIG इंस्पेक्शन किया। ये इंस्पेक्शन भारत सरकार के चीफ इलेक्ट्रिकल इंस्पेक्टर जगदीश कुमार द्वारा किया गया। इस इंस्पेक्शन में पटना मेट्रो और दिल्ली मेट्रो की इलेक्ट्रिकल टीम भी मौजूद रही। इस इंस्पेक्शन में स्टेशन, ट्रैक और सिग्नल संबंधित सभी तरह के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच हुई, जो मानक के अनुरूप पाई गई। ऐसी उम्मीद है कि फरवरी से दो नए स्टेशन पर मेट्रो का परिचालन शुरू हो जाएगा। इलेक्ट्रिकल जांच और वेरिफिकेशन किए गए पटना मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए चल रही तैयारियों के अंतर्गत, व्यापक इलेक्ट्रिकल जांच और वेरिफिकेशन किए गए। इस दौरान रिले की टेस्टिंग, वैधानिक स्वीकृतियों का वेरिफिकेशन, इंटरलॉकिंग व्यवस्था की जांच, अर्थिंग वैल्यू का मेजरमेंट और अन्य प्रासंगिक इलेक्ट्रिकल पैरामीटर का असेस्मेंट शामिल था। ये जांच निरीक्षण से पहले सिस्टम की सेफ्टी, विश्वसनीयता और निर्धारित मानकों के अनुपालन को सुनिश्चित करती है। इसके साथ ही मलाही पकड़ी मेट्रो स्टेशन पर ASS इंस्पेक्शन के साथ-साथ खेमनीचक से मलाही पकड़ी मेट्रो स्ट्रेच तक OHE इंस्पेक्शन भी किया गया। फाइनल जांच रेल सुरक्षा आयुक्त द्वारा की जाएगी EIG जांच के बाद ही मेट्रो परिचालन के लिए फाइनल जांच रेल सुरक्षा आयुक्त द्वारा की जाएगी। इस दौरान पटरियों की मजबूती, विद्युत आपूर्ति और ओवरहेड लाइन, सिग्नलिंग और संचार प्रणाली, आपातकालीन व्यवस्था (फायर सेफ्टी, इवैक्यूएशन), स्टेशन की संरचनात्मक सुरक्षा, ड्राइवर, कंट्रोल रूम और स्टाफ की ट्रेनिंग ट्रायल रन और ब्रेकिंग सिस्टम आदि की जांच की जाती है। इसके बाद ही मेट्रो के फाइनल परिचालन को स्वीकृति मिलती है। पटना मेट्रो के 2 नए स्टेशन को शुरू करने की कवायद की जा रही है। आज अधिकारियों ने खेमनीचक से मलाही पकड़ी मेट्रो स्टेशन तक EIG इंस्पेक्शन किया। ये इंस्पेक्शन भारत सरकार के चीफ इलेक्ट्रिकल इंस्पेक्टर जगदीश कुमार द्वारा किया गया। इस इंस्पेक्शन में पटना मेट्रो और दिल्ली मेट्रो की इलेक्ट्रिकल टीम भी मौजूद रही। इस इंस्पेक्शन में स्टेशन, ट्रैक और सिग्नल संबंधित सभी तरह के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच हुई, जो मानक के अनुरूप पाई गई। ऐसी उम्मीद है कि फरवरी से दो नए स्टेशन पर मेट्रो का परिचालन शुरू हो जाएगा। इलेक्ट्रिकल जांच और वेरिफिकेशन किए गए पटना मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए चल रही तैयारियों के अंतर्गत, व्यापक इलेक्ट्रिकल जांच और वेरिफिकेशन किए गए। इस दौरान रिले की टेस्टिंग, वैधानिक स्वीकृतियों का वेरिफिकेशन, इंटरलॉकिंग व्यवस्था की जांच, अर्थिंग वैल्यू का मेजरमेंट और अन्य प्रासंगिक इलेक्ट्रिकल पैरामीटर का असेस्मेंट शामिल था। ये जांच निरीक्षण से पहले सिस्टम की सेफ्टी, विश्वसनीयता और निर्धारित मानकों के अनुपालन को सुनिश्चित करती है। इसके साथ ही मलाही पकड़ी मेट्रो स्टेशन पर ASS इंस्पेक्शन के साथ-साथ खेमनीचक से मलाही पकड़ी मेट्रो स्ट्रेच तक OHE इंस्पेक्शन भी किया गया। फाइनल जांच रेल सुरक्षा आयुक्त द्वारा की जाएगी EIG जांच के बाद ही मेट्रो परिचालन के लिए फाइनल जांच रेल सुरक्षा आयुक्त द्वारा की जाएगी। इस दौरान पटरियों की मजबूती, विद्युत आपूर्ति और ओवरहेड लाइन, सिग्नलिंग और संचार प्रणाली, आपातकालीन व्यवस्था (फायर सेफ्टी, इवैक्यूएशन), स्टेशन की संरचनात्मक सुरक्षा, ड्राइवर, कंट्रोल रूम और स्टाफ की ट्रेनिंग ट्रायल रन और ब्रेकिंग सिस्टम आदि की जांच की जाती है। इसके बाद ही मेट्रो के फाइनल परिचालन को स्वीकृति मिलती है।  

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