शेखपुरा के बरबीघा थाना पुलिस ने नसरतपुर गांव में छापेमारी कर एक अंतरराज्यीय साइबर फ्रॉड गिरोह के दो सदस्यों को रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों के पास से 11 मोबाइल फोन, डेटाबेस और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई। गिरफ्तार ठगों की पहचान नसरतपुर गांव निवासी भट्टू राम के बेटा सुजीत कुमार और प्रमोद कुमार के बेटा आमोद कुमार के रूप में हुई है। मोबाइल धारकों से ऑनलाइन ठगी कर रहे थे पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी गांव के बहियार में बैठकर मोबाइल धारकों से ऑनलाइन ठगी कर रहे थे, तभी उन्हें पकड़ा गया। छापेमारी का नेतृत्व बरबीघा थाना अध्यक्ष गौरव कुमार और अपर थाना अध्यक्ष रिंकू रंजन ने संयुक्त रूप से किया। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना का फायदा दिलाने का झांसा देते थे छापेमारी के दौरान, उनके पास से देश के विभिन्न राज्यों के सैकड़ों मोबाइल धारकों के नंबर, ठगी के पोस्टर लिंक और पूरा डेटाबेस मिला। थाना अध्यक्ष गौरव कुमार ने बताया कि ये आरोपी मोबाइल धारकों को सस्ते दरों पर बैंक ऋण और प्रधानमंत्री मुद्रा योजना का फायदा दिलाने का झांसा देते थे। फर्जी वीडियो कॉल चैट और वॉट्सऐप चैट लिंक भी बरामद उनके मोबाइल फोन से फर्जी वीडियो कॉल चैट और वॉट्सऐप चैट लिंक भी बरामद हुए हैं। पुलिस को उनके खातों से लाखों रुपये के लेनदेन के सबूत मिले हैं। बरामद मोबाइल नंबरों के खिलाफ NCRP पोर्टल पर विभिन्न राज्यों से 7 शिकायतें दर्ज की गई थीं। पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी का प्रयास कर रही है। गिरफ्तार युवकों के खिलाफ स्थानीय थाने में प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें जेल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। शेखपुरा के बरबीघा थाना पुलिस ने नसरतपुर गांव में छापेमारी कर एक अंतरराज्यीय साइबर फ्रॉड गिरोह के दो सदस्यों को रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों के पास से 11 मोबाइल फोन, डेटाबेस और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई। गिरफ्तार ठगों की पहचान नसरतपुर गांव निवासी भट्टू राम के बेटा सुजीत कुमार और प्रमोद कुमार के बेटा आमोद कुमार के रूप में हुई है। मोबाइल धारकों से ऑनलाइन ठगी कर रहे थे पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी गांव के बहियार में बैठकर मोबाइल धारकों से ऑनलाइन ठगी कर रहे थे, तभी उन्हें पकड़ा गया। छापेमारी का नेतृत्व बरबीघा थाना अध्यक्ष गौरव कुमार और अपर थाना अध्यक्ष रिंकू रंजन ने संयुक्त रूप से किया। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना का फायदा दिलाने का झांसा देते थे छापेमारी के दौरान, उनके पास से देश के विभिन्न राज्यों के सैकड़ों मोबाइल धारकों के नंबर, ठगी के पोस्टर लिंक और पूरा डेटाबेस मिला। थाना अध्यक्ष गौरव कुमार ने बताया कि ये आरोपी मोबाइल धारकों को सस्ते दरों पर बैंक ऋण और प्रधानमंत्री मुद्रा योजना का फायदा दिलाने का झांसा देते थे। फर्जी वीडियो कॉल चैट और वॉट्सऐप चैट लिंक भी बरामद उनके मोबाइल फोन से फर्जी वीडियो कॉल चैट और वॉट्सऐप चैट लिंक भी बरामद हुए हैं। पुलिस को उनके खातों से लाखों रुपये के लेनदेन के सबूत मिले हैं। बरामद मोबाइल नंबरों के खिलाफ NCRP पोर्टल पर विभिन्न राज्यों से 7 शिकायतें दर्ज की गई थीं। पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी का प्रयास कर रही है। गिरफ्तार युवकों के खिलाफ स्थानीय थाने में प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें जेल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।


