Border 2 Movie Review: इस बार बॉर्डर में घुसेंगे नहीं बॉर्डर ही बदल देंगे…वरुण धवन जब मेजर होशियार दहिया बनकर ये डायलॉग बोलते हैं तो यकीन मानिए जोश और जज्बे का सैलाब उमड़ पड़ता है। बॉर्डर 2 में जज्बात नहीं बल्कि जज्बातों की आंधी है..3 घंटे से भी ज्यादा रनटाइम की इस फिल्म में कहीं पर भी बोरियत फील नहीं होती। एक-एक सीन में भारतीय सेना के हौंसले को सलाम करने का एक बेजोड़ प्रयास किया गया है। चलिए जानते हैं आखिर कैसी है सनी देओल, वरुण, दिलजीत दोसांझ और अहान शेट्टी की ये फिल्म।
कहानी
सबसे पहले बात करते हैं कहानी की…सनी पाजी फतेह सिंह के किरदार में फिर से लौट आए हैं। शुरुआत 1971 की भारत-पाकिस्तान जंग से होती है जहां दुश्मन देश एक बार फिर अपने नापाक इरादे लेकर इंडिया के बॉर्डर में घुसपैठ करने की कोशिश करता है। लेकिन इस बात से अंजान कि सिख रेजिमेंट के फतेह सिंह अपने फौजियों के साथ उनका स्वागत करने के लिए खड़े हैं। इधर मेजर होशियार दहिया उर्फ वरुण धवन भी अपने जवानों के साथ पाकिस्तान के हर नापाक मंसूबों को नाकाम करने की तैयारी में हैं। यहां होशियर दहिया याद करता है अपने उन दो दोस्तों को, जिनकी तस्वीर वो अपने साथ लेकर आया है। यहां से कहानी 10 साल पीछे जाती है जब होशियार की महेंद्र सिंह रावत (अहान शेट्टी) और निर्मल सिंह (दिलजीत दोसांझ) से मुलाकात होती है। फिल्म अब साल 1961 में नेशनल वॉर अकादमी को दिखाती है जहां तीनों सेनाओं को एक साथ ट्रेन किया जाता है। यहीं पर होशियर की मुलाकात महेंद्र और निर्मल से होती है। यहां से फिल्म की कहानी आगे बढ़ती है और तीनों अपने परिवारों से दूर एक दूसरे में ही खुद के परिवार को पा लेते हैं। आगे की कहानी जानने के लिए आपको फिल्म देखने जाना होगा।
निर्देशन
फिल्म के निर्देशन की कमान संभाली है अनुराग सिंह ने जिन्होंने एक मास्टरपीस तैयार किया है। कैसे पहले पार्ट के इमोशन्स का भार कंधे पर लेकर दूसरे पार्ट में भी वैसा ही जादू चलाना है। डायरेक्शन के तौर पर अनुराग सिंह ने पूरी जस्टिस करने की कोशिश की है क्योंकि जब इतने रनटाइम की कोई फिल्म होती है तो सबसे बड़ा डर होता है कि क्या ऑडियंस को पूरे 3 घंटे सीट से चिपकाकर रख पाएंगे…’बॉर्डर 2′ के मामले में ये सच होता नजर आता है क्योंकि एक पल भी ऐसा नहीं लगता है कि फिल्म में कोई भी सीन एक्स्ट्रा डाला गया है या कहीं पर भी फिल्म में बोरियत आ रही है।
स्टारकास्ट
फिल्म में भारी-भरकम स्टारकास्ट है…सनी देओल से लेकर वरुण धवन, दिलजीत और अहान शेट्टी। सनी के साथ नजर आ रही हैं मोना सिंह, दिलजीत के अपोजिट फिल्म में सोनम बाजवा हैं, वहीं अहान शेट्टी की पत्नी का किरदार निभाया है ‘बैड्स ऑफ बॉलीवुड’ की मैनेजर यानी आन्या सिंह। वरुण धवन की पत्नी के रोल में नजर आती हैं मेधा राना। अगर यूं कहे कि हर किरदार ने अपनी तरफ से फिल्म में पूरी जान झोंक दी है तो कुछ गलत नहीं होगा। जो अलग-अलग इमोशन्स जंग से अलग सेना के जवानों के अपने-अपने परिवारों के साथ होते हैं..उन भावनाओं को पूरी तरह से इन किरदारों ने पर्दे पर जीवंत कर दिया है। हालांकि मोना सिंह, सोनम बाजवा, मेधा राना और आन्या सिंह को ज्यादा स्क्रीन टाइम नहीं मिला लेकिन कम समय में भी ये किरदार अपना काम पूरा कर जाते हैं।


