रामगढ़ के झंडा चौक स्थित माता वैष्णो देवी मंदिर में वार्षिकोत्सव का शुभारंभ हो गया है। इस अवसर पर बुधवार को भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं लाल चुनरी में शामिल हुईं। धार्मिक अनुष्ठानों के मुख्य यजमान हर्ष आनंद और उनकी पत्नी निशु आनंद हैं। कलश यात्रा मंदिर परिसर से शुरू होकर झंडा चौक, गांधी चौक, मेन रोड, सुभाष चौक, शिवाजी रोड, लोहार टोला होते हुए चट्टी बाजार स्थित सत्यनारायण मंदिर पहुंची। यहां कलश में जल भरकर श्रद्धालु वापस माता वैष्णो देवी मंदिर पहुंचे। माता वैष्णो देवी मंदिर ट्रस्ट के सचिव महेश मारवाह ने बताया कि कलश यात्रा की तैयारियां पूरी कर ली गई थीं। मंदिर परिसर को फूलों और बल्बों से आकर्षक ढंग से सजाया गया है। 27 को तीन बजे से मंदिर परिसर में माता की चौकी होगी उन्होंने आगामी कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए बताया कि 24 जनवरी को गणेश पूजन, मंडप प्रवेश और अग्नि प्रवेश होगा। 25 से 28 जनवरी तक प्रतिदिन पूजन, शतचंडी पाठ और हवन का आयोजन किया जाएगा। 27 जनवरी को दोपहर तीन बजे से मंदिर परिसर में माता की चौकी होगी। 28 जनवरी की रात नौ बजे से माता की प्रतिमा का दुग्धाभिषेक किया जाएगा। वार्षिकोत्सव का समापन 29 जनवरी को पूर्णाहुति के बाद माता के भंडारे के साथ होगा। यह मंदिर रामगढ़ जिले के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है, जहां हर साल वार्षिकोत्सव धूमधाम से मनाया जाता है। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। रामगढ़ के झंडा चौक स्थित माता वैष्णो देवी मंदिर में वार्षिकोत्सव का शुभारंभ हो गया है। इस अवसर पर बुधवार को भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं लाल चुनरी में शामिल हुईं। धार्मिक अनुष्ठानों के मुख्य यजमान हर्ष आनंद और उनकी पत्नी निशु आनंद हैं। कलश यात्रा मंदिर परिसर से शुरू होकर झंडा चौक, गांधी चौक, मेन रोड, सुभाष चौक, शिवाजी रोड, लोहार टोला होते हुए चट्टी बाजार स्थित सत्यनारायण मंदिर पहुंची। यहां कलश में जल भरकर श्रद्धालु वापस माता वैष्णो देवी मंदिर पहुंचे। माता वैष्णो देवी मंदिर ट्रस्ट के सचिव महेश मारवाह ने बताया कि कलश यात्रा की तैयारियां पूरी कर ली गई थीं। मंदिर परिसर को फूलों और बल्बों से आकर्षक ढंग से सजाया गया है। 27 को तीन बजे से मंदिर परिसर में माता की चौकी होगी उन्होंने आगामी कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए बताया कि 24 जनवरी को गणेश पूजन, मंडप प्रवेश और अग्नि प्रवेश होगा। 25 से 28 जनवरी तक प्रतिदिन पूजन, शतचंडी पाठ और हवन का आयोजन किया जाएगा। 27 जनवरी को दोपहर तीन बजे से मंदिर परिसर में माता की चौकी होगी। 28 जनवरी की रात नौ बजे से माता की प्रतिमा का दुग्धाभिषेक किया जाएगा। वार्षिकोत्सव का समापन 29 जनवरी को पूर्णाहुति के बाद माता के भंडारे के साथ होगा। यह मंदिर रामगढ़ जिले के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है, जहां हर साल वार्षिकोत्सव धूमधाम से मनाया जाता है। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।


