ट्रंप ने ले लिया एक और बड़ा फैसला, WHO से अलग हुआ अमेरिका, जिनेवा में लगा झंडा भी हटाया

ट्रंप ने ले लिया एक और बड़ा फैसला, WHO से अलग हुआ अमेरिका, जिनेवा में लगा झंडा भी हटाया

World Health Organization: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने दूसरे टर्म में एक के बाद एक बड़े फैसले ले रहे हैं। दूसरे कार्यकाल की शुरुआत में उन्होंने दुनिया भर के देशों पर टैरिफ थोप दिया। ईरान में बम बरसाए। वेनेजुएला में अपनी फौज भेज कर वहां के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार किया। वह डेनमार्क से ग्रीनलैंड को लेने की बात कर रहे हैं। इसी कड़ी में उनके कार्यकाल के दौरान अमेरिका ने वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन से पीछे हटने का फैसला लिया है।

अमेरिका अब WHO का सदस्य नहीं

अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि अमेरिका अब आधिकारिक तौर पर डब्ल्यूएचओ का सदस्य नहीं है। जिनेवा स्थित WHO मुख्यालय के बाहर से अमेरिका का झंडा भी अब हटा दिया गया है। हम डब्ल्यूएचओ के साथ सीमित स्तर पर काम करेंगे, ताकि इस संगठन से अलग होने की प्रक्रिया को पूरा किया जा सके। एक अमेरिकी स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन में एक पर्यवेक्षक के तौर पर शामिल होने की कोई योजना नहीं है, और न ही हम इसमें दोबारा शामिल होंगे। अमेरिकी अधिकारी ने साफ कहा कि हम बीमारियों की निगरानी और अन्य सार्वजनिक स्वास्थ्य प्राथमिकताओं के लिए दुनिया के अलग-अलग देशों के साथ मिलकर काम करेंगे।

कोरोना रोकने में WHO फेल

अमेरिका ने कहा कि उसका यह फैसला कोरोना महामारी के प्रबंधन में संयुक्त राष्ट्र की स्वास्थ्य एजेंसी की विफलताओं को दर्शाता है। इधर, अमेरिकी कानून के तहत संगठन छोड़ने के लिए एक साल पहले सूचना देना और सभी बकाया शुल्क का भुगतान जरूरी है। WHO ने कहा कि अमेरिका पर उसका 26 करोड़ डॉलर बकाया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिका ने साल 2024 और 2025 के लिए बकाया शुल्क अभी तक नहीं चुकाया है। जबकि, अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि अमेरिकी जनता पहले ही काफी भुगतान कर चुकी है।

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