राजस्थान हाईकोर्ट में प्रतापगढ़ में पुलिस की कथित बर्बरता का गंभीर मामला सामने आया है। याची युवक शाकिर शेख के साथ मारपीट, घर में जबरन घुसपैठ, लूट और बाद में झूठे एनडीपीएस केस में फंसाने के आरोपों पर हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। जस्टिस फरजंद अली की पीठ ने घायल युवक की तस्वीरें देखकर इसे प्रथम दृष्टया कस्टोडियल टॉर्चर और जानवरों जैसा सुलूक बताते हुए नाराजगी जाहिर की है। कोर्ट ने इस मामले में सएचओ को तत्काल हटाने के आदेश दिए हैं। याचिकाकर्ता की ओर से बताया गया कि 31 दिसंबर 2025 और 1 जनवरी 2026 की दरमियानी रात आरोपी पुलिस अधिकारी दीपक बंजारा और उनकी टीम ने घर में घुसकर याचिकाकर्ता के पिता व एक अन्य व्यक्ति पर घातक हथियारों से हमला किया। आरोप है कि इसके बाद युवक के हाथ-पैर तोड़ दिए गए और उसे फंसाने के लिए उसकी जेब में एक मोबाइल फोन प्लांट किया गया, जिसे चार साल पुराने एनडीपीएस मामले (धारा 29) से जोड़कर झूठी बरामदगी दिखाई गई। मामले की निष्पक्ष जांच के लिए कॉल डिटेल रिकॉर्ड और अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज को संरक्षित व प्रस्तुत करने की मांग की गई थी, जिसे निचली अदालत ने स्वीकार करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। हाईकोर्ट ने भी इन निर्देशों को दोहराते हुए सबूतों मौखिक, दस्तावेजी और इलेक्ट्रॉनिक के संरक्षण पर विशेष जोर दिया। कोर्ट ने एसपी प्रतापगढ़ को आदेश दिया कि आरोपी एसएचओ दीपक बंजारा को तत्काल थाने से हटाया जाए, उसे किसी भी ड्यूटी से दूर रखा जाए। एसपी व्यक्तिगत रूप से निगरानी करेंगे कि कोई सबूत नष्ट या प्रभावित न हो। कोर्ट ने यह भी संकेत दिया कि यदि आरोप सही पाए गए, तो जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी या सीबीआई को सौंपने पर विचार किया जा सकता है। मामले की अगली सुनवाई शुक्रवार को होगी। बाल संरक्षण संस्थानों में लंबे समय से रिक्त पड़े पदों पर सरकार से मांगी ताजा रिपोर्ट जोधपुर | हाईकोर्ट ने राज्य के बाल अवलोकन गृहों और चाइल्ड केयर इंस्टीट्यूशंस में लंबे समय से रिक्त पड़े पदों को गंभीरता से लेते हुए सरकार से ताजा स्थिति रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। वरिष्ठ न्यायाधीश विनीत कुमार माथुर एवं न्यायाधीश चंद्र शेखर शर्मा की खंडपीठ ने कहा कि पूर्व आदेशों के बावजूद कई पद अब भी खाली हैं, जो बच्चों के संरक्षण व पुनर्वास व्यवस्था के लिए चिंताजनक है। बीकानेर में रेलवे ट्रैक शिफ्टिंग के मामले में रेलवे को संभावना तलाशने के निर्देश जोधपुर | हाईकोर्ट ने बीकानेर शहर से होकर गुजर रहे रेलवे ट्रैक को स्थानांतरित करने की मांग से जुड़ी जनहित याचिका पर रेलवे प्रशासन को संभावना तलाशने के निर्देश दिए हैं। इससे पूर्व इसी विषय से संबंधित जनहित याचिकाओं को वर्तमान मामले के साथ कनेक्ट करने के निर्देश भी कोर्ट ने दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 19 फरवरी को होगी।


