आगरा में सरेराह किशोरी का हाथ पकड़कर जबरन दोस्ती का दबाव बनाने के आरोपी को कोर्ट से राहत मिल गई है। शाहगंज थाना क्षेत्र के इस मामले में अपर जिला जज-28, पॉक्सो स्पेशल कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में नामजद आरोपी को बरी कर दिया। अदालत ने माना कि आरोपों को साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत पेश नहीं किए जा सके। शाहगंज क्षेत्र की रहने वाली किशोरी ने 23 मार्च 2019 को शाम करीब सात बजे दुकान पर सामान लेने जाते समय अरुण नामक युवक पर सरेराह हाथ पकड़कर जबरन दोस्ती करने का दबाव बनाने का आरोप लगाया था। किशोरी के चाचा की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट में छह गवाह पेश किए गए, लेकिन उनके बयानों से आरोप की पुष्टि नहीं हो सकी। आरोपी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एसएस चौहान और प्रीति गुप्ता ने तर्क दिए कि घटना के समय आरोपी मौके पर मौजूद नहीं था और उसे झूठा फंसाया गया है। बचाव पक्ष ने अदालत को बताया कि घटना से पहले आरोपी के भाई का किशोरी के परिजनों से विवाद हुआ था, उसी रंजिश के चलते यह मामला दर्ज कराया गया। साथ ही यह भी दलील दी गई कि कथित घटना के दिन आरोपी अपने मामा के घर गया हुआ था। इन तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को क्लीन चिट दे दी।


