असम, जम्मू और पंजाब से शातिर सायबर ठग चढ़े पुलिस के हत्थे

असम, जम्मू और पंजाब से शातिर सायबर ठग चढ़े पुलिस के हत्थे

रतलाम. सेवानिवृत्त प्राध्यापक और उनकी पत्नी को डिजिटल अरेस्ट करके 1 करोड़ 34 लाख की ठगी करने के मामले में तीन शातिर सायबर ठगों को रतलाम पुलिस ने गिरफ्तार किया है। ये तीनों ही आरोपी असम, जम्मू और पंजाब के रहने वाले हैं। पुलिस की 18 सदस्यों वाली विशेष टीम ने इनकी लोकेशन ट्रेस की और इन्हें दबौच लिया।

एसपी अमित कुमार ने बताया बुजुर्ग दंपती को डिजिटल अरेस्ट करके उनके खाते से राशि ट्रांसफर करवाने के मामले को गंभीरता से लेते हुए पूर्व में गिरफ्तार आरोपी भी संगठित अंतरराज्यीय सायबर गिरोह के रूप में पूर्व में पकड़ाए आरोपियों के साथ मिलकर काम कर रहे थे। पुलिस लगातार इनकी लोकेशन पता करने में जुटी थी और अब इसमें सफलता मिल गई है। जैसे ही लोकेशन पता चली रतलाम से टीमें अलग-अलग जगह के लिए रवाना की। पुलिस ने इन्हें जम्मू, पंजाब और असम के ठिकानों से गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त कर ली। सभी को रतलाम लाया जा चुका है।

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ये गिरफ्तार हुए आरोपी

– मोहन पिता रुघनाथ काबरा (27), निवासी शिव अपार्टमेंट, एनके रोड, बादल कॉलोनी मोहाली

– सुमीरन शर्मा पिता स्वामी प्रसाद शर्मा (30), निवासी आर्य समाज मोहल्ला, अखनूर, जिला जम्मू

– सुरेश पिता गणेश रजक (37), निवासी धुलिया जान, सोनापुर, जिला डिब्रूगढ़, असम

ये थी इनकी भूमिका

आरोपी मोहन ने पूर्व में गिरफ्तार आरोपी अमरेंद्र के साथ मिलकर उसके नाम से बैंक खाते खुलवाए और उनका उपयोग ठगी की राशि के ट्रांजेक्शन में किया। अमरेंद्र कमीशन पर खाता मोहन को देने के लिए सुरेश के साथ गुवाहाटी गया था। मोहन ने अमरेंद्र को कमीशन का लालच देकर उसके खाते का उपयोग फ्रॉड में किया। मोहन ने अमरेंद्र व अन्य खातों के माध्यम से लगभग 2 करोड़ के फ्रॉड ट्रांजेक्शन कराए। महिला आरोपी सुमीरन ने पूर्व गिरफ्तार आरोपी शानू के साथ मिलकर ठगी की राशि को अपने खाते से आगे ट्रांसफर किया। सिमरन टेलीग्राम और व्हाट्सएप के माध्यम से एपीके फाइल भेज कर अकाउंट का एक्सेस लेकर फ्रॉड करती थी।

यह था घटनाक्रम

पिछले लाव 15 नवंबर को सेवानिवृत्त प्राध्यापक और उनकी पत्नी को अज्ञात कॉल आया था। फोन करने वाले ने स्वयं को मुंबई क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताकर फरियादी को मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गंभीर मामलों में फंसाने का भय दिखाया। आरोपियों ने फर्जी डिजिटल जांच एवं अदालत जैसा दृश्य दिखाकर सिग्नल एप के माध्यम से वीडियो कॉल पर डिजिटल अरेस्ट की स्थिति बनाकर आधार, बैंक व निजी दस्तावेज ले लिए। इसके बाद इनसे 12 तक 1,34,50,000 रुपए छल व भय दिखाकर प्राप्त कर ली थी। बाद में दंपती का बेटा विदेश से लौटा तो पूरा मामला उजागर हुआ और पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करके नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया था। अब तीन और गिरफ्तार किए गए हैं। अब तक इस प्रकरण में जबलपुर, नीमच, उत्तर प्रदेश एवं गुजरात से नौ आरोपी गिरफ्तार कर ठगी की राशि को विभिन्न बैंक खातों व क्रिप्टो करेंसी में परिवर्तित किया जाना उजागर किया जा चुका है।

ये रहे टीम में

निरीक्षक अमित कोरी, लिलियन मालवीय, उप निरीक्षक अनुराग यादव, जीवन बरिया, प्रवीण वास्कले, आरक्षक तुषार सिसोदिया, मोर सिंह डामोर और पवन जाट शामिल रहे।

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