एक्सप्रेस-वे निर्माण के लिए 3207 किसानों से भूमि अधिग्रहण:79.76 करोड़ रुपए दिए गए, भूमि राशि पोर्टल से मिल रहा फायदा

एक्सप्रेस-वे निर्माण के लिए 3207 किसानों से भूमि अधिग्रहण:79.76 करोड़ रुपए दिए गए, भूमि राशि पोर्टल से मिल रहा फायदा

औरंगाबाद समाहरणालय स्थित सभा कक्ष में आज डीएम अभिलाषा शर्मा की अध्यक्षता में भूमि रैयती करण, भूमि अधिग्रहण और राजस्व विभाग से जुड़े विभिन्न काम की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में चल रही और प्रस्तावित कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की प्रगति, दखल-कब्जा, मुआवजा भुगतान और लंबित मामलों पर गहन चर्चा की गई। बैठक में भारत माला परियोजना के तहत बन रहे वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेसवे पैकेज-6, एनएच-120 दाउदनगर बाईपास पथ, एसएच-101 अम्बा-देव-मदनपुर पथ के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण, डीएफसीसीआईएल, सोन नगर बाईपास रेलवे लाइन-उत्तर कोयल जलाशय परियोजना से संबंधित भूमि अधिग्रहण की समीक्षा की गई। भारतमाला परियोजना के तहत कुल 40.35 किलोमीटर लंबाई में 270.4283 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया गया है, जिसमें 203.1182 हेक्टेयर रैयती भूमि शामिल है। कुल 3,207 रैयतों में से 1,383 को मुआवजा भुगतान किया जा चुका है। परियोजना के लिए स्वीकृत 200.85 करोड़ रुपए में से 79.76 करोड़ रुपए का भुगतान हो चुका है और लगभग 31.50 किलोमीटर क्षेत्र में दखल-कब्जा लिया जा चुका है। अधिगृहीत जमीन के मुआवजा भुगतान में तेजी लाने का निर्देश एनएच-120 दाउदनगर बाईपास पथ के लिए 9.20679 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया गया है, जिसमें 321 रैयत शामिल हैं। कुल स्वीकृत 54.60 करोड़ रुपए में से 17.97 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया है। शेष भूमि के रैयतीकरण व सरकारीकरण की प्रक्रिया जारी है। एसएच-101 अम्बा-देव-मदनपुर पथ के चौड़ीकरण में कुल 61.78 एकड़ भूमि में से 18.83 एकड़ पर दखल-कब्जा हो चुका है। इस परियोजना के लिए स्वीकृत 33.87 करोड़ रुपए के खिलाफ अब तक 86.09 लाख रुपए का भुगतान किया गया है। डीएफसीसीआईएल मार्ग और उत्तर कोयल जलाशय परियोजना में भूमि अधिग्रहण व मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया प्रगति पर है। भू-अर्जन पदाधिकारी ने बताया कि भूमि राशि पोर्टल के माध्यम से भुगतान किया जा रहा है। लंबित मामलों के निष्पादन के लिए नियमित कैंप लगाए जा रहे हैं।इसके अलावा मुख्यमंत्री बिहार की प्रगति यात्रा को लेकर देव रिंग रोड, देव सूर्य मंदिर के पास ग्रीनफील्ड संपर्क पथ, रफीगंज बाईपास, गया-औरंगाबाद पथ चौड़ीकरण, बीआईएडीए औद्योगिक क्षेत्र और नवीनगर रेलवे यार्ड के आरओबी निर्माण जैसी परियोजनाओं की भूमि अर्जन स्थिति की समीक्षा की गई। अधिकांश परियोजनाओं में धारा 11(1) का प्रकाशन पूर्ण हो चुका है, जबकि शेष वैधानिक प्रक्रियाएं विभिन्न चरणों में हैं। ई- मापी के लिए 427 आवेदन लंबित राजस्व विभाग की समीक्षा में दाखिल-खारिज, ई-मापी, परिमार्जन प्लस, अभियान बसेरा फेज-2, आधार सीडिंग और जन शिकायतों की स्थिति पर चर्चा हुई। 75 दिनों से अधिक समय से लंबित 126 दाखिल-खारिज मामलों पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए एक सप्ताह में निष्पादन का निर्देश दिया। ई-मापी में 427 आवेदन लंबित पाए गए। अभियान बसेरा फेज-2 के तहत 1,681 लाभुकों को भूमि पर्चा वितरित किया गया है। बैठक में अपर समाहर्ता, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, डीसीएलआर, सभी अंचलाधिकारी व संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे। जिला पदाधिकारी ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करते हुए परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए। औरंगाबाद समाहरणालय स्थित सभा कक्ष में आज डीएम अभिलाषा शर्मा की अध्यक्षता में भूमि रैयती करण, भूमि अधिग्रहण और राजस्व विभाग से जुड़े विभिन्न काम की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में चल रही और प्रस्तावित कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की प्रगति, दखल-कब्जा, मुआवजा भुगतान और लंबित मामलों पर गहन चर्चा की गई। बैठक में भारत माला परियोजना के तहत बन रहे वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेसवे पैकेज-6, एनएच-120 दाउदनगर बाईपास पथ, एसएच-101 अम्बा-देव-मदनपुर पथ के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण, डीएफसीसीआईएल, सोन नगर बाईपास रेलवे लाइन-उत्तर कोयल जलाशय परियोजना से संबंधित भूमि अधिग्रहण की समीक्षा की गई। भारतमाला परियोजना के तहत कुल 40.35 किलोमीटर लंबाई में 270.4283 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया गया है, जिसमें 203.1182 हेक्टेयर रैयती भूमि शामिल है। कुल 3,207 रैयतों में से 1,383 को मुआवजा भुगतान किया जा चुका है। परियोजना के लिए स्वीकृत 200.85 करोड़ रुपए में से 79.76 करोड़ रुपए का भुगतान हो चुका है और लगभग 31.50 किलोमीटर क्षेत्र में दखल-कब्जा लिया जा चुका है। अधिगृहीत जमीन के मुआवजा भुगतान में तेजी लाने का निर्देश एनएच-120 दाउदनगर बाईपास पथ के लिए 9.20679 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया गया है, जिसमें 321 रैयत शामिल हैं। कुल स्वीकृत 54.60 करोड़ रुपए में से 17.97 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया है। शेष भूमि के रैयतीकरण व सरकारीकरण की प्रक्रिया जारी है। एसएच-101 अम्बा-देव-मदनपुर पथ के चौड़ीकरण में कुल 61.78 एकड़ भूमि में से 18.83 एकड़ पर दखल-कब्जा हो चुका है। इस परियोजना के लिए स्वीकृत 33.87 करोड़ रुपए के खिलाफ अब तक 86.09 लाख रुपए का भुगतान किया गया है। डीएफसीसीआईएल मार्ग और उत्तर कोयल जलाशय परियोजना में भूमि अधिग्रहण व मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया प्रगति पर है। भू-अर्जन पदाधिकारी ने बताया कि भूमि राशि पोर्टल के माध्यम से भुगतान किया जा रहा है। लंबित मामलों के निष्पादन के लिए नियमित कैंप लगाए जा रहे हैं।इसके अलावा मुख्यमंत्री बिहार की प्रगति यात्रा को लेकर देव रिंग रोड, देव सूर्य मंदिर के पास ग्रीनफील्ड संपर्क पथ, रफीगंज बाईपास, गया-औरंगाबाद पथ चौड़ीकरण, बीआईएडीए औद्योगिक क्षेत्र और नवीनगर रेलवे यार्ड के आरओबी निर्माण जैसी परियोजनाओं की भूमि अर्जन स्थिति की समीक्षा की गई। अधिकांश परियोजनाओं में धारा 11(1) का प्रकाशन पूर्ण हो चुका है, जबकि शेष वैधानिक प्रक्रियाएं विभिन्न चरणों में हैं। ई- मापी के लिए 427 आवेदन लंबित राजस्व विभाग की समीक्षा में दाखिल-खारिज, ई-मापी, परिमार्जन प्लस, अभियान बसेरा फेज-2, आधार सीडिंग और जन शिकायतों की स्थिति पर चर्चा हुई। 75 दिनों से अधिक समय से लंबित 126 दाखिल-खारिज मामलों पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए एक सप्ताह में निष्पादन का निर्देश दिया। ई-मापी में 427 आवेदन लंबित पाए गए। अभियान बसेरा फेज-2 के तहत 1,681 लाभुकों को भूमि पर्चा वितरित किया गया है। बैठक में अपर समाहर्ता, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, डीसीएलआर, सभी अंचलाधिकारी व संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे। जिला पदाधिकारी ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करते हुए परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए।  

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