नालसा और बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना के निर्देश पर नवादा में एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। यह बैठक 14 मार्च, 2026 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल आयोजन के संबंध में थी। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, नवादा, शिल्पी सोनीराज के मार्गदर्शन में सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, नवादा, धीरेन्द्र कुमार पाण्डेय ने इसकी अध्यक्षता की। इसमें जिले के प्रमुख सरकारी और निजी बैंकों के अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक के दौरान, विभिन्न बैंकों के अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि वे अपने-अपने बैंकों से संबंधित ऋण वादों के निष्पादन के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि संबंधित पक्षकारों को सूचित किया जा रहा है, ताकि राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक मामलों का निपटारा हो सके। इस क्रम में, ऋण वादों से संबंधित नोटिसों की शत-प्रतिशत तामील सुनिश्चित करने पर विशेष रूप से चर्चा की गई। जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने स्पष्ट किया कि नोटिसों की प्रभावी तामील के बिना बैंक ऋण वादों का निष्पादन संभव नहीं है। बैठक में पूर्व विवादित मामलों में आयोजित पूर्व बैठकों (प्री-सिटिंग) की संख्या और चिह्नित वादों की सूची पर भी विचार-विमर्श हुआ। यह भी बताया गया कि प्री-सिटिंग के माध्यम से बैंक ऋण वादों में काउंसलिंग कर सुलह के आधार पर मामलों का निपटारा किया जाएगा। राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता सुनिश्चित करने के लिए आयोजित इस बैठक में सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, नवादा, धीरेन्द्र कुमार पाण्डेय के अतिरिक्त एल०डी०एम०, पी०एन०बी०, नवादा; दक्षिण बिहार ग्रामीण बैंक; एस०बी०आई०; पंजाब नेशनल बैंक; सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया; बैंक ऑफ इंडिया; केनरा बैंक; इंडियन ओवरसीज बैंक; यूनियन बैंक, नवादा; द नवादा सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड; यूको बैंक, नवादा के अधिकारीगण और श्री राकेश कुमार, सहायक, लोक अदालत, नवादा उपस्थित थे। नालसा और बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना के निर्देश पर नवादा में एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। यह बैठक 14 मार्च, 2026 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल आयोजन के संबंध में थी। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, नवादा, शिल्पी सोनीराज के मार्गदर्शन में सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, नवादा, धीरेन्द्र कुमार पाण्डेय ने इसकी अध्यक्षता की। इसमें जिले के प्रमुख सरकारी और निजी बैंकों के अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक के दौरान, विभिन्न बैंकों के अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि वे अपने-अपने बैंकों से संबंधित ऋण वादों के निष्पादन के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि संबंधित पक्षकारों को सूचित किया जा रहा है, ताकि राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक मामलों का निपटारा हो सके। इस क्रम में, ऋण वादों से संबंधित नोटिसों की शत-प्रतिशत तामील सुनिश्चित करने पर विशेष रूप से चर्चा की गई। जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने स्पष्ट किया कि नोटिसों की प्रभावी तामील के बिना बैंक ऋण वादों का निष्पादन संभव नहीं है। बैठक में पूर्व विवादित मामलों में आयोजित पूर्व बैठकों (प्री-सिटिंग) की संख्या और चिह्नित वादों की सूची पर भी विचार-विमर्श हुआ। यह भी बताया गया कि प्री-सिटिंग के माध्यम से बैंक ऋण वादों में काउंसलिंग कर सुलह के आधार पर मामलों का निपटारा किया जाएगा। राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता सुनिश्चित करने के लिए आयोजित इस बैठक में सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, नवादा, धीरेन्द्र कुमार पाण्डेय के अतिरिक्त एल०डी०एम०, पी०एन०बी०, नवादा; दक्षिण बिहार ग्रामीण बैंक; एस०बी०आई०; पंजाब नेशनल बैंक; सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया; बैंक ऑफ इंडिया; केनरा बैंक; इंडियन ओवरसीज बैंक; यूनियन बैंक, नवादा; द नवादा सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड; यूको बैंक, नवादा के अधिकारीगण और श्री राकेश कुमार, सहायक, लोक अदालत, नवादा उपस्थित थे।


