समस्तीपुर शहर के मोहनपुर रोड में दो लोगों को साइबर ठगों ने डिजिटल अरेस्ट कर करीब दो लाख रुपए की ठगी कर ली। एक पीड़ित सीएसपी संचालक है, जबकि दूसरा रेस्टोरेंट संचालक है। अब दोनों ने थाने में आवेदन दिया है। दोनों को साइबर ठगो ने इस तरह से चूना लगाया कि उन्हें भनक भी नहीं लगी और वह ठगी के शिकार भी हो गए। मामले की जानकारी दोनों को रुपए के आदान-प्रदान के बाद हुई। अब इस मामले में थाने में आवेदन दिया है, जिस आधार पर पुलिस की टीम जांच कर रही है। कैसे हुए लोग ठगी के शिकार शहर के मोहनपुर रोड में यूनियन बैंक आफ इंडिया का सीएसपी चलने वाले गोविंद कुमार को 18 जनवरी को शाम करीब 4:30 बजे फोन आया कि वो डॉक्टर हैं, उन्हें अकाउंट में 50 हजार रुपए की जरूरत है, वह अपने आदमी को पैसा लेकर भेजते हैं। उनसे कैश लेकर अकाउंट में राशि भेज देंगे। इस बात के लिए वह तैयार हो गए, क्योंकि रोज का ही उनका यही काम है, रुपए ट्रांसफर करने के एवज में उन्हें 10% कमीशन मिलता है। इसी दौरान इसी रोड में अशोक दरबार नाम का रेस्टोरेंट चलाने वाली महिला ममता कुमारी को भी फोन आता है। फोन करने वाला व्यक्ति खुद को डॉक्टर बताता है और कहता है कि 19 जनवरी को डॉक्टर का कॉन्फ्रेंस है, 150 लोगों के लिए भोजन की पैकिंग करनी है, जिस पर महिला ने कहा सब हो जाएगा। कुछ देर बाद फिर से फोन करने की बात कही। दोबारा फोन आने पर व्यक्ति ने खुद को डॉक्टर बताते हुए कहा कि आपके दुकान से आगे वैष्णवी हॉस्पिटल है, जहां पर मेरे चाचा जी हैं वहीं पर सभी डीलिंग कर लेंगे और आपको एडवांस भी मिलेगा। महिला होटल के पास पहुंची, तो वहां पर फोन करने वाले व्यक्ति को फोन कर बताया कि वह अस्पताल के पास पहुंच गई है। दूसरी ओर सीएसपी संचालक से ठग ने कहा कि जो महिला आपके सामने खड़ी है वह हमारी बहन है आप हमारे अकाउंट में पैसा भेज दे वह कैश आपको दे देगी। दोनों ने थाने में दिया आवेदन इसके बाद सीएसपी संचालक ने व्यक्ति के बताए गए अकाउंट नंबरों पर दो अलग-अलग सेटलमेंट में रुपया भेज दिया। फिर जब वह महिला से नगद राशि की मांग की तो महिला ने बताया कि वह तो खुद यहां पर एडवांस लेने के लिए आई थी। उसे कहा गया था कि वहां पर भोजन को लेकर लोग बात करेंगे और आपको एडवांस देंगे। इस घटना के बाद दोनों लोगों को एहसास हुआ कि दोनों साइबर ठगी के शिकार हुए हैं। इस मामले में मुफस्सिल थाने में आवेदन दिया गया है। मुफस्सिल थाना अध्यक्ष सही इंस्पेक्टर अजीत कुमार ने बताया कि इस मामले में डीएसपी संचालन गोविंद कुमार की ओर से थाना में आवेदन दिया गया है, जिसमें होटल संचालक महिला पर आरोप लगाया गया है कि वह उनके सीसी पर पहुंची थी और किसी व्यक्ति से फोन पर बात कराया इसके बाद उन्होंने रुपए ट्रांसफर किया। महिला ने भी आवेदन दिया है कि खाना बुक करने के नाम पर एडवांस लेने के लिए पहुंची थी। समस्तीपुर शहर के मोहनपुर रोड में दो लोगों को साइबर ठगों ने डिजिटल अरेस्ट कर करीब दो लाख रुपए की ठगी कर ली। एक पीड़ित सीएसपी संचालक है, जबकि दूसरा रेस्टोरेंट संचालक है। अब दोनों ने थाने में आवेदन दिया है। दोनों को साइबर ठगो ने इस तरह से चूना लगाया कि उन्हें भनक भी नहीं लगी और वह ठगी के शिकार भी हो गए। मामले की जानकारी दोनों को रुपए के आदान-प्रदान के बाद हुई। अब इस मामले में थाने में आवेदन दिया है, जिस आधार पर पुलिस की टीम जांच कर रही है। कैसे हुए लोग ठगी के शिकार शहर के मोहनपुर रोड में यूनियन बैंक आफ इंडिया का सीएसपी चलने वाले गोविंद कुमार को 18 जनवरी को शाम करीब 4:30 बजे फोन आया कि वो डॉक्टर हैं, उन्हें अकाउंट में 50 हजार रुपए की जरूरत है, वह अपने आदमी को पैसा लेकर भेजते हैं। उनसे कैश लेकर अकाउंट में राशि भेज देंगे। इस बात के लिए वह तैयार हो गए, क्योंकि रोज का ही उनका यही काम है, रुपए ट्रांसफर करने के एवज में उन्हें 10% कमीशन मिलता है। इसी दौरान इसी रोड में अशोक दरबार नाम का रेस्टोरेंट चलाने वाली महिला ममता कुमारी को भी फोन आता है। फोन करने वाला व्यक्ति खुद को डॉक्टर बताता है और कहता है कि 19 जनवरी को डॉक्टर का कॉन्फ्रेंस है, 150 लोगों के लिए भोजन की पैकिंग करनी है, जिस पर महिला ने कहा सब हो जाएगा। कुछ देर बाद फिर से फोन करने की बात कही। दोबारा फोन आने पर व्यक्ति ने खुद को डॉक्टर बताते हुए कहा कि आपके दुकान से आगे वैष्णवी हॉस्पिटल है, जहां पर मेरे चाचा जी हैं वहीं पर सभी डीलिंग कर लेंगे और आपको एडवांस भी मिलेगा। महिला होटल के पास पहुंची, तो वहां पर फोन करने वाले व्यक्ति को फोन कर बताया कि वह अस्पताल के पास पहुंच गई है। दूसरी ओर सीएसपी संचालक से ठग ने कहा कि जो महिला आपके सामने खड़ी है वह हमारी बहन है आप हमारे अकाउंट में पैसा भेज दे वह कैश आपको दे देगी। दोनों ने थाने में दिया आवेदन इसके बाद सीएसपी संचालक ने व्यक्ति के बताए गए अकाउंट नंबरों पर दो अलग-अलग सेटलमेंट में रुपया भेज दिया। फिर जब वह महिला से नगद राशि की मांग की तो महिला ने बताया कि वह तो खुद यहां पर एडवांस लेने के लिए आई थी। उसे कहा गया था कि वहां पर भोजन को लेकर लोग बात करेंगे और आपको एडवांस देंगे। इस घटना के बाद दोनों लोगों को एहसास हुआ कि दोनों साइबर ठगी के शिकार हुए हैं। इस मामले में मुफस्सिल थाने में आवेदन दिया गया है। मुफस्सिल थाना अध्यक्ष सही इंस्पेक्टर अजीत कुमार ने बताया कि इस मामले में डीएसपी संचालन गोविंद कुमार की ओर से थाना में आवेदन दिया गया है, जिसमें होटल संचालक महिला पर आरोप लगाया गया है कि वह उनके सीसी पर पहुंची थी और किसी व्यक्ति से फोन पर बात कराया इसके बाद उन्होंने रुपए ट्रांसफर किया। महिला ने भी आवेदन दिया है कि खाना बुक करने के नाम पर एडवांस लेने के लिए पहुंची थी।


