Rajasthan: राजस्थान में दो गुटों के बीच खूनी संघर्ष, ग्रामीणों ने पीट-पीटकर एक को मार डाला, तनावपूर्ण माहौल

Rajasthan: राजस्थान में दो गुटों के बीच खूनी संघर्ष, ग्रामीणों ने पीट-पीटकर एक को मार डाला, तनावपूर्ण माहौल

रेलमगरा। थाना क्षेत्र के चोकड़ी गांव में दोपहर दो गुटों के बीच लंबे समय से चल रहे विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। संघर्ष में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार बुधवार शाम को किसी मामले को लेकर दोनों गुटों के बीच विवाद हुआ था।

ट्रक की टक्कर से कार के शीशे टूटे

इसके अगले दिन गुरुवार दोपहर चोकड़ी निवासी शंकरसिंह अपनी ट्रक में भरी सामग्री को फतहनगर की ओर खाली कर वापस चोकड़ी लौट रहे थे। इसी दौरान चामुण्डा माता मंदिर मार्ग पर स्थित हनुमान मंदिर के पास मदारा निवासी महेन्द्र भील, पवनसिंह तथा चोकड़ी निवासी रमेशचंद्र रंगा स्वामी कार लेकर पहुंचे। बताया गया कि इस दौरान ट्रक की टक्कर से कार के शीशे टूट गए। इस घटना के बाद तीनों लोगों ने ट्रक को रुकवाया और चालक शंकरसिंह के साथ कहासुनी हो गई, जो झगड़े में बदल गई।

ग्रामीणों में आक्रोश फैला

घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। पूर्व रंजिश के चलते महेन्द्र भील को देखकर ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया और देखते ही देखते दोनों गुटों के बीच मारपीट शुरू हो गई। मारपीट के दौरान महेन्द्र भील और रमेशचंद्र मौके से भाग निकले, जबकि पवनसिंह गंभीर रूप से घायल हो गया। इसके बाद मौके पर मौजूद लोगों ने नदी की ओर भाग रहे महेन्द्र का पीछा किया। कुछ ही दूरी पर पीर बावजी स्थान के पास पुनः मारपीट हुई, जिसमें महेन्द्र भील की मौत हो गई। घटना के बाद ग्रामीण मौके से फरार हो गए।

मुआवजे की मांग

सूचना मिलने पर थाना अधिकारी प्रवीणसिंह जुगतावत पुलिस जाप्ते के साथ मौके पर पहुंचे और महेन्द्र भील तथा पवनसिंह को रेलमगरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। चिकित्सकों ने जांच के बाद महेन्द्र भील को मृत घोषित कर दिया, जबकि गंभीर घायल पवनसिंह का उपचार शुरू किया गया। इधर, घटना की सूचना के बाद बड़ी संख्या में भील समाज के लोग पुलिस थाने के बाहर एकत्रित हो गए और मुआवजे की मांग करने लगे।

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पहले से चल रही थी रंजिश

पुलिस द्वारा समझाइश के प्रयास किए गए, लेकिन समाज के लोगों की भीड़ बढ़ती गई। समाज की बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय होने के बाद ही पोस्टमार्टम कराने की बात कही गई, जिसके चलते देर शाम तक मृतक का पोस्टमार्टम नहीं हो सका। समाज के लोगों ने शव को मोर्चरी में रखने से भी इनकार कर दिया, जिससे शव चिकित्सालय में ही पड़ा रहा। घटना को लेकर यह भी सामने आया है कि दोनों पक्षों के बीच किसी अन्य मामले को लेकर पहले से रंजिश चल रही थी और बुधवार रात को भी दोनों गुटों में कहासुनी हुई थी।

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