मधुबनी जिलाधिकारी आनंद शर्मा की अध्यक्षता में गुरुवार को समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में जिला आपूर्ति टास्क फोर्स की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों को खाद्यान्न वितरण प्रक्रिया का गंभीरतापूर्वक और पूरी पारदर्शिता के साथ पर्यवेक्षण करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सभी पात्र लाभुकों को समय पर और सहजता से खाद्यान्न उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। नए राशन कार्ड जारी करने की समीक्षा करते हुए, डीएम ने सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों को समय-सीमा के भीतर आवेदनों का निपटान करने का निर्देश दिया। उन्होंने राशन दुकानों के नियमित निरीक्षण पर जोर देते हुए कहा कि केवल खानापूर्ति नहीं होनी चाहिए, बल्कि निरीक्षण के सकारात्मक परिणाम भी दिखने चाहिए। सभी अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप राशन दुकानों का निरीक्षण करना अनिवार्य होगा। समय पर निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया जिलाधिकारी ने सभी अनुमंडल पदाधिकारियों को भी अपने निर्धारित लक्ष्य के अनुसार राशन दुकानों का समय पर निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। उन्होंने यह भी कहा कि साप्ताहिक जांच के दौरान पंचायतों में जाकर जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) दुकानों से राशन वितरण के संबंध में ग्रामीणों से प्रतिक्रिया (फीडबैक) भी ली जाए। तत्काल निर्धारित संख्या में बैठकें सुनिश्चित करने का आदेश बैठक में अनुमंडल, प्रखंड और पंचायत स्तर पर अनुश्रवण, सतर्कता एवं निगरानी समिति की नियमित बैठकें आयोजित करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने प्रखंड स्तर की बैठकों को लेकर असंतोष व्यक्त किया और तत्काल निर्धारित संख्या में बैठकें सुनिश्चित करने का आदेश दिया। कई आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए इसके अतिरिक्त, जिलाधिकारी ने जुलाई और अगस्त 2025 के खाद्यान्न उठाव एवं वितरण, ऑफलाइन और ऑनलाइन राशन कार्ड, आरटीपीएस टाइमलाइन रिपोर्ट, आधार सीडिंग, प्रवासी मजदूर, निरीक्षण कार्य, आपूर्ति कार्यालय से संबंधित न्यायालयीन मामले, जनता दरबार, सीपीग्राम/मानवाधिकार/लोक सूचना/लोक शिकायत/लोकायुक्त से संबंधित रिपोर्ट और सेवांत लाभ जैसे विभिन्न विषयों की समीक्षा की। इस दौरान कई आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए। लगातार खराब प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई डीएम ने जिला आपूर्ति पदाधिकारी को निर्देश दिया कि समग्र प्रदर्शन के आधार पर अच्छा प्रदर्शन करने वाले प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों को प्रोत्साहित किया जाए। वहीं, लगातार खराब प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाए। मधुबनी जिलाधिकारी आनंद शर्मा की अध्यक्षता में गुरुवार को समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में जिला आपूर्ति टास्क फोर्स की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों को खाद्यान्न वितरण प्रक्रिया का गंभीरतापूर्वक और पूरी पारदर्शिता के साथ पर्यवेक्षण करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सभी पात्र लाभुकों को समय पर और सहजता से खाद्यान्न उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। नए राशन कार्ड जारी करने की समीक्षा करते हुए, डीएम ने सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों को समय-सीमा के भीतर आवेदनों का निपटान करने का निर्देश दिया। उन्होंने राशन दुकानों के नियमित निरीक्षण पर जोर देते हुए कहा कि केवल खानापूर्ति नहीं होनी चाहिए, बल्कि निरीक्षण के सकारात्मक परिणाम भी दिखने चाहिए। सभी अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप राशन दुकानों का निरीक्षण करना अनिवार्य होगा। समय पर निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया जिलाधिकारी ने सभी अनुमंडल पदाधिकारियों को भी अपने निर्धारित लक्ष्य के अनुसार राशन दुकानों का समय पर निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। उन्होंने यह भी कहा कि साप्ताहिक जांच के दौरान पंचायतों में जाकर जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) दुकानों से राशन वितरण के संबंध में ग्रामीणों से प्रतिक्रिया (फीडबैक) भी ली जाए। तत्काल निर्धारित संख्या में बैठकें सुनिश्चित करने का आदेश बैठक में अनुमंडल, प्रखंड और पंचायत स्तर पर अनुश्रवण, सतर्कता एवं निगरानी समिति की नियमित बैठकें आयोजित करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने प्रखंड स्तर की बैठकों को लेकर असंतोष व्यक्त किया और तत्काल निर्धारित संख्या में बैठकें सुनिश्चित करने का आदेश दिया। कई आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए इसके अतिरिक्त, जिलाधिकारी ने जुलाई और अगस्त 2025 के खाद्यान्न उठाव एवं वितरण, ऑफलाइन और ऑनलाइन राशन कार्ड, आरटीपीएस टाइमलाइन रिपोर्ट, आधार सीडिंग, प्रवासी मजदूर, निरीक्षण कार्य, आपूर्ति कार्यालय से संबंधित न्यायालयीन मामले, जनता दरबार, सीपीग्राम/मानवाधिकार/लोक सूचना/लोक शिकायत/लोकायुक्त से संबंधित रिपोर्ट और सेवांत लाभ जैसे विभिन्न विषयों की समीक्षा की। इस दौरान कई आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए। लगातार खराब प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई डीएम ने जिला आपूर्ति पदाधिकारी को निर्देश दिया कि समग्र प्रदर्शन के आधार पर अच्छा प्रदर्शन करने वाले प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों को प्रोत्साहित किया जाए। वहीं, लगातार खराब प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाए।


