महिला एवं बाल विकास निगम, भागलपुर की देखरेख में महत्वाकांक्षी योजना ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ के अंतर्गत राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम भागलपुर शहर के राजकीय बालिका इंटर स्कूल, खरमनचक परिसर में आयोजित हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में छात्राओं, शिक्षकों और विशेषज्ञों ने भाग लिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला परियोजना प्रबंधक मणि शंकर ने कहा कि बालिकाओं का सशक्तिकरण किसी भी समाज के समग्र विकास की मजबूत नींव है। उन्होंने बताया कि बेटियों को शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और समान अवसर प्रदान कर ही एक सशक्त समाज और मजबूत राष्ट्र का निर्माण संभव है। उन्होंने छात्राओं को आत्मविश्वासी बनने और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाने पर जोर दिया फाइनेंस लिटरेसी एक्सपर्ट अभिषेक सुमन ने बालिकाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने, बचत की आदत विकसित करने और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि आर्थिक जागरूकता से ही बेटियां अपने भविष्य को सुरक्षित बना सकती हैं। इस अवसर पर जेंडर स्पेशलिस्ट विवेक कुमार ने बाल विवाह के दुष्परिणामों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि इससे लड़कियों के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक जीवन पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। उन्होंने समाज से इसे समाप्त करने के लिए सामूहिक प्रयास की आवश्यकता पर बल दिया। सरकारी योजनाओं की जानकारी दी कार्यक्रम के दौरान महिलाओं के सशक्तिकरण, सुरक्षा, बालिकाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। सभी प्रतिभागियों ने बाल विवाह के खिलाफ शपथ ली। विद्यालय परिसर में शिक्षकों की ओर से वृक्षारोपण किया गया और छात्राओं को महिला सशक्तिकरण पर आधारित फिल्म ‘दंगल’ दिखाई गई। कार्यक्रम में शिक्षक अमरनाथ, सुमन प्रसाद, अविनाश कुमार, पूजा, रश्मि कुमारी, प्रीति कुमारी, बंकिमचंद्र सहित सभी छात्राएं उपस्थित रहीं। सभी ने एक स्वर में बेटियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए निरंतर प्रयास करने का संकल्प लिया। महिला एवं बाल विकास निगम, भागलपुर की देखरेख में महत्वाकांक्षी योजना ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ के अंतर्गत राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम भागलपुर शहर के राजकीय बालिका इंटर स्कूल, खरमनचक परिसर में आयोजित हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में छात्राओं, शिक्षकों और विशेषज्ञों ने भाग लिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला परियोजना प्रबंधक मणि शंकर ने कहा कि बालिकाओं का सशक्तिकरण किसी भी समाज के समग्र विकास की मजबूत नींव है। उन्होंने बताया कि बेटियों को शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और समान अवसर प्रदान कर ही एक सशक्त समाज और मजबूत राष्ट्र का निर्माण संभव है। उन्होंने छात्राओं को आत्मविश्वासी बनने और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाने पर जोर दिया फाइनेंस लिटरेसी एक्सपर्ट अभिषेक सुमन ने बालिकाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने, बचत की आदत विकसित करने और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि आर्थिक जागरूकता से ही बेटियां अपने भविष्य को सुरक्षित बना सकती हैं। इस अवसर पर जेंडर स्पेशलिस्ट विवेक कुमार ने बाल विवाह के दुष्परिणामों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि इससे लड़कियों के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक जीवन पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। उन्होंने समाज से इसे समाप्त करने के लिए सामूहिक प्रयास की आवश्यकता पर बल दिया। सरकारी योजनाओं की जानकारी दी कार्यक्रम के दौरान महिलाओं के सशक्तिकरण, सुरक्षा, बालिकाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। सभी प्रतिभागियों ने बाल विवाह के खिलाफ शपथ ली। विद्यालय परिसर में शिक्षकों की ओर से वृक्षारोपण किया गया और छात्राओं को महिला सशक्तिकरण पर आधारित फिल्म ‘दंगल’ दिखाई गई। कार्यक्रम में शिक्षक अमरनाथ, सुमन प्रसाद, अविनाश कुमार, पूजा, रश्मि कुमारी, प्रीति कुमारी, बंकिमचंद्र सहित सभी छात्राएं उपस्थित रहीं। सभी ने एक स्वर में बेटियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए निरंतर प्रयास करने का संकल्प लिया।


