BNMU में सर्टिफिकेट शुल्क वृद्धि पर NSUI का विरोध:कुलसचिव को ज्ञापन सौंपकर वृद्धि वापस लेने की मांग, आंदोलन की चेतावनी

BNMU में सर्टिफिकेट शुल्क वृद्धि पर NSUI का विरोध:कुलसचिव को ज्ञापन सौंपकर वृद्धि वापस लेने की मांग, आंदोलन की चेतावनी

मधेपुरा में छात्र संगठन NSUI का एक प्रतिनिधिमंडल प्रदेश उपाध्यक्ष निशांत यादव के नेतृत्व में बीएन मंडल विश्वविद्यालय के कुलसचिव से मिला और सर्टिफिकेट शुल्क में की गई वृद्धि को वापस लेने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। बढ़े माइग्रेशन सर्टिफिकेट शुल्क को लेकर प्रोटेस्ट छात्र नेताओं ने कहा कि अब तक विश्वविद्यालय में माइग्रेशन सर्टिफिकेट शुल्क 250 रुपये एवं मूल प्रमाण पत्र शुल्क 200 रुपये था, जिसे हाल ही में बढ़ाकर 600 रुपये कर दिया गया है। इस अप्रत्याशित शुल्क वृद्धि पर NSUI ने कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे अविलंब वापस लेने की मांग की है। कुलसचिव से वार्ता के दौरान NSUI प्रदेश उपाध्यक्ष निशांत यादव ने कहा कि कोसी क्षेत्र एक पिछड़ा इलाका है, जहां बीएनएमयू में पढ़ने वाले अधिकांश छात्र-छात्राएं छोटे किसान, मजदूर, गरीब, कमजोर एवं वंचित वर्ग से आते हैं। ऐसे में इस प्रकार की भारी शुल्क वृद्धि किसी भी दृष्टिकोण से न्यायसंगत नहीं है। बीएनएमयू एक सार्वजनिक संस्था, जनता पैसे से होता संचालित उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन को यह समझना चाहिए कि बीएनएमयू एक सार्वजनिक संस्था है, जो आम जनता के टैक्स के पैसे से संचालित होती है। यह कोई निजी या किराना दुकान नहीं है, जहां हर खर्च का बोझ सीधे छात्रों पर डाल दिया जाए। निशांत यादव ने यह भी कहा कि माइग्रेशन एवं मूल प्रमाण पत्र की प्रक्रिया को ऑनलाइन किया जाना एक सराहनीय कदम है, जिससे छात्रों को अनावश्यक परेशानियों से राहत मिलेगी, लेकिन इसके नाम पर अतिरिक्त खर्च छात्रों से वसूलना पूरी तरह अनुचित है। NSUI इस निर्णय का पुरजोर विरोध करती है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन समय रहते शुल्क वृद्धि को वापस नहीं लेता है, तो NSUI चरणबद्ध आंदोलन करने को मजबूर होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। प्रतिनिधिमंडल में NSUI जिला अध्यक्ष जितेंद्र कुमार मंडल, कृष्णामोहन कुमार, अमर कुमार, अमित कुमार, सुमित कुमार, शमशाद, पिंटू कुमार, श्रवण कुमार, मौसम झा, लालबहादुर कुमार सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे। मधेपुरा में छात्र संगठन NSUI का एक प्रतिनिधिमंडल प्रदेश उपाध्यक्ष निशांत यादव के नेतृत्व में बीएन मंडल विश्वविद्यालय के कुलसचिव से मिला और सर्टिफिकेट शुल्क में की गई वृद्धि को वापस लेने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। बढ़े माइग्रेशन सर्टिफिकेट शुल्क को लेकर प्रोटेस्ट छात्र नेताओं ने कहा कि अब तक विश्वविद्यालय में माइग्रेशन सर्टिफिकेट शुल्क 250 रुपये एवं मूल प्रमाण पत्र शुल्क 200 रुपये था, जिसे हाल ही में बढ़ाकर 600 रुपये कर दिया गया है। इस अप्रत्याशित शुल्क वृद्धि पर NSUI ने कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे अविलंब वापस लेने की मांग की है। कुलसचिव से वार्ता के दौरान NSUI प्रदेश उपाध्यक्ष निशांत यादव ने कहा कि कोसी क्षेत्र एक पिछड़ा इलाका है, जहां बीएनएमयू में पढ़ने वाले अधिकांश छात्र-छात्राएं छोटे किसान, मजदूर, गरीब, कमजोर एवं वंचित वर्ग से आते हैं। ऐसे में इस प्रकार की भारी शुल्क वृद्धि किसी भी दृष्टिकोण से न्यायसंगत नहीं है। बीएनएमयू एक सार्वजनिक संस्था, जनता पैसे से होता संचालित उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन को यह समझना चाहिए कि बीएनएमयू एक सार्वजनिक संस्था है, जो आम जनता के टैक्स के पैसे से संचालित होती है। यह कोई निजी या किराना दुकान नहीं है, जहां हर खर्च का बोझ सीधे छात्रों पर डाल दिया जाए। निशांत यादव ने यह भी कहा कि माइग्रेशन एवं मूल प्रमाण पत्र की प्रक्रिया को ऑनलाइन किया जाना एक सराहनीय कदम है, जिससे छात्रों को अनावश्यक परेशानियों से राहत मिलेगी, लेकिन इसके नाम पर अतिरिक्त खर्च छात्रों से वसूलना पूरी तरह अनुचित है। NSUI इस निर्णय का पुरजोर विरोध करती है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन समय रहते शुल्क वृद्धि को वापस नहीं लेता है, तो NSUI चरणबद्ध आंदोलन करने को मजबूर होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। प्रतिनिधिमंडल में NSUI जिला अध्यक्ष जितेंद्र कुमार मंडल, कृष्णामोहन कुमार, अमर कुमार, अमित कुमार, सुमित कुमार, शमशाद, पिंटू कुमार, श्रवण कुमार, मौसम झा, लालबहादुर कुमार सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे।  

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