बेतिया गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज अस्पताल (GMCH) की ओपीडी में अधिकांश विभागों के विभागाध्यक्षों के नियमित रूप से ड्यूटी पर नहीं आने का मामला सामने आया है। इसके कारण इलाज कराने आने वाले मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई विभागों में वरीय चिकित्सक उपलब्ध नहीं हैं और अधिकांश स्थानों पर जूनियर रेजिडेंट के भरोसे मरीजों का उपचार किया जा रहा है। मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि वे गंभीर बीमारी की उम्मीद लेकर अस्पताल पहुंचते हैं, लेकिन वरिष्ठ डॉक्टरों की अनुपस्थिति के कारण संतोषजनक परामर्श नहीं मिल पाता। कई बार मरीजों को रेफर कर दिया जाता है या फिर दोबारा आने की सलाह दी जाती है, जिससे उनका समय और पैसा दोनों बर्बाद हो रहा है। अधिकांश विभागों में विभागाध्यक्ष अपनी ड्यूटी से नदारद बताया जा रहा है कि केवल कुछ ही विभागों में वरीय चिकित्सक ओपीडी में उपलब्ध रहते हैं, जबकि अधिकांश विभागों में विभागाध्यक्ष अपनी ड्यूटी से नदारद रहते हैं। इससे अस्पताल की कार्यप्रणाली और मरीजों के प्रति जवाबदेही पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इस संबंध में अस्पताल अधीक्षक डॉ. सुधा भारती ने कहा कि उनके संज्ञान में अब तक इस तरह की कोई ठोस शिकायत नहीं आई है। स्वास्थ्य विभाग के वरीय अधिकारियों को दी जाएगी सूचना हालांकि, उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे अपने स्तर से मामले की जांच कराएंगी। यदि जांच में कोई भी चिकित्सक अपनी ड्यूटी से गैरमौजूद पाया गया, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग के वरीय अधिकारियों को दी जाएगी। जीएमसीएच जैसे बड़े सरकारी अस्पताल में वरिष्ठ डॉक्टरों की गैरमौजूदगी स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर गंभीर असर डाल रही है। मरीजों को उम्मीद है कि प्रशासन इस मामले में शीघ्र ठोस कदम उठाएगा। बेतिया गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज अस्पताल (GMCH) की ओपीडी में अधिकांश विभागों के विभागाध्यक्षों के नियमित रूप से ड्यूटी पर नहीं आने का मामला सामने आया है। इसके कारण इलाज कराने आने वाले मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई विभागों में वरीय चिकित्सक उपलब्ध नहीं हैं और अधिकांश स्थानों पर जूनियर रेजिडेंट के भरोसे मरीजों का उपचार किया जा रहा है। मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि वे गंभीर बीमारी की उम्मीद लेकर अस्पताल पहुंचते हैं, लेकिन वरिष्ठ डॉक्टरों की अनुपस्थिति के कारण संतोषजनक परामर्श नहीं मिल पाता। कई बार मरीजों को रेफर कर दिया जाता है या फिर दोबारा आने की सलाह दी जाती है, जिससे उनका समय और पैसा दोनों बर्बाद हो रहा है। अधिकांश विभागों में विभागाध्यक्ष अपनी ड्यूटी से नदारद बताया जा रहा है कि केवल कुछ ही विभागों में वरीय चिकित्सक ओपीडी में उपलब्ध रहते हैं, जबकि अधिकांश विभागों में विभागाध्यक्ष अपनी ड्यूटी से नदारद रहते हैं। इससे अस्पताल की कार्यप्रणाली और मरीजों के प्रति जवाबदेही पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इस संबंध में अस्पताल अधीक्षक डॉ. सुधा भारती ने कहा कि उनके संज्ञान में अब तक इस तरह की कोई ठोस शिकायत नहीं आई है। स्वास्थ्य विभाग के वरीय अधिकारियों को दी जाएगी सूचना हालांकि, उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे अपने स्तर से मामले की जांच कराएंगी। यदि जांच में कोई भी चिकित्सक अपनी ड्यूटी से गैरमौजूद पाया गया, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग के वरीय अधिकारियों को दी जाएगी। जीएमसीएच जैसे बड़े सरकारी अस्पताल में वरिष्ठ डॉक्टरों की गैरमौजूदगी स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर गंभीर असर डाल रही है। मरीजों को उम्मीद है कि प्रशासन इस मामले में शीघ्र ठोस कदम उठाएगा।


