Budget 2026: आगामी बजट में सरकार के रोजगार बढ़ाने के प्रयासों को और गति मिलने की उम्मीद है। सरकार का जोर साफ तौर पर रोजगार सृजन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर है। संकेत हैं कि एक तरफ जहां नौकरियों को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहन और कोशल विकास योजनाओं पर खर्च बढ़ाया जाएगा।
वहीं, ग्रामीण विकास, रोजगार गारंटी, आवास और सड़क योजनाओं के लिए भी बजट में डबल डिजिट की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। इसका मकसद औपचारिक नौकरियों का सृजन तेज करना व कार्यशक्ति की क्षमता बढ़ाना है।
प्रोत्साहन बढ़ने की उम्मीद
कई थिंक टैंक का कहना है कि बजट में श्रम बाजार से जुड़े उपायों पर फोकस बढ़ेगा, ताकि उद्योगों की मांग के अनुरूप कौशल तैयार हो सके। इसके तहत प्रशिक्षुओं, अप्रेंटिसशिप और कौशल उन्नयन कार्यक्रमों को विस्तार दिया जा सकता है। साथ ही लेबर इंटेंसिव क्षेत्रों में निवेश को आकर्षित करने के लिए प्रोत्साहन भी बढ़ सकते हैं। सरकारी विभागों में बड़ी संख्या में रिक्तियां हैं। इन पदों को भरने से न केवल प्रत्यक्ष रोजगार बढ़ेगा, बल्कि संबंधित क्षेत्रों में मांग भी पैदा होगी।

मल्टीप्लायर इफेक्ट
ग्रामीण विकास के लिए बजट आवंटन में बढ़ोतरी और तेज हो सकती है। ग्रामीण आवास और सड़क योजनाओं में निवेश बढ़ने से रोजगार सृजन, निर्माण गतिविधियों और स्थानीय मांग में तेजी आती है। इसे उच्च मल्टीप्लायर इफेक्ट वाला खर्च माना जाता है। यानी सरकारी निवेश अर्थव्यवस्था में कई गुना असर पैदा करता है।


