65 वर्ष की आयु में 20% की जाए पेंशनवृद्धि, दिया गया ज्ञापन

65 वर्ष की आयु में 20% की जाए पेंशनवृद्धि, दिया गया ज्ञापन

MP News: पेंशनर्स ने फिर अपनी मांगों के लिए को पूरा कराने की प्रदेश सरकार से मांग की। साथ ही कहा कि छत्तीसगढ़ को अलग हुए ढ़ाई दशक से ज्यादा बीत गया, लेकिन आज भी पेंशनरों के आर्थिक लाभों के लिए छत्तीसगढ़ राज्य से सहमति लेने की बाध्यता बनी हुई है। संगठन ने इस कानूनी अड़चन को शीघ्र समाप्त करने की मांग की।

सेवानिवृत्त अधिकारी-कर्मचारी पेंशनर महासंघ ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया। जिसमें कहा कि मप्र राज्य पुनर्गठन अधिनियम 2000 की धारा 49 (6ए) के तहत छत्तीसगढ़ राज्य से सहमति की बाध्यता को समाप्त किया जाए।

पेंशनर्स को डीए-डीआर प्रदान किया जाए

केंद्रीय अधिकारी-कर्मचारियों एवं पेंशनर्स को स्वीकृति दिनांक से मप्र राज्य के कर्मचारियों व पेंशनर्स को डीए-डीआर प्रदान करें। 80 वर्ष की आयु के बाद पेंशन में 20 प्रतिशत की वृद्धि में संसोधन कर 65 वर्ष की आयु में 20 प्रतिशत पेंशन वृद्धि स्वीकृत की जाए।

पेंशनर्स की मृत्यु उपरांत एक्सग्रेसिया 50 हजार रुपए प्रदान करने का प्रावधान किया जाए। साथ ही पेंशनर्स ने चेतावनी दी कि मांगों का शीघ्र निराकरण नहीं हुआ तो पेंशनर्स को आंदोलन करने बाध्य होना पड़ेगा।

ज्ञापन में यह भी मांग

  • छठवें वेतनमान का 32 माह का एरियर और सावतें वेतनमान का 27 माह के एरियर का भुगतान करें।
  • पेंशनर्स को आयुष्मान योजना का लाभ 65 वर्ष की आयु उपरांत प्रदान किया जाए, ताकि लाभ मिल सके।
  • शिक्षकों को 35 वर्ष पश्चात चतुर्थ समयमान वेतन दें और अर्जित अवकाश का नगदीकरण का लाभ दें।

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