मूर्ति विसर्जन कृत्रिम तालाबों में करनी होगी:सरस्वती पूजा में रात 10 बजे के बाद लाउडस्पीकर बजाने की अनुमति नहीं, 44 जगहों पर होंगे दंडाधिकारी

मूर्ति विसर्जन कृत्रिम तालाबों में करनी होगी:सरस्वती पूजा में रात 10 बजे के बाद लाउडस्पीकर बजाने की अनुमति नहीं, 44 जगहों पर होंगे दंडाधिकारी

सरस्वती पूजा को लेकर पटना जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। शहर में शांति, सुरक्षा और सुचारु यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस ने विशेष इंतजाम किए हैं। इस बार पटना और आसपास के इलाकों में 44 प्रमुख जगहों पर 66 से अधिक दंडाधिकारी और पुलिस अधिकारी तैनात किए गए हैं। जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम और वरीय पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के. शर्मा ने कहा है कि भीड़ नियंत्रण, कानून-व्यवस्था और ट्रैफिक मैनेजमेंट प्रशासन की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उन्होंने सभी अधिकारियों को पूरी तरह मुस्तैद और सतर्क रहने का निर्देश दिया है। भीड़ और गतिविधियों पर सीसीटीवी और ड्रोन कैमरों से नजर रखी जाएगी। जगह-जगह फ्लेक्स लगाए जाएंगे ताकि लोगों को पता रहे कि वे निगरानी में हैं। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि सरस्वती पूजा में डीजे पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। लाउडस्पीकर सिर्फ सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक तय मानक के अनुसार ही बजेंगे। मूर्ति विसर्जन के लिए नदियों और तालाबों में नहीं, बल्कि सिर्फ कृत्रिम घाटों और कृत्रिम तालाबों में ही विसर्जन किया जाएगा, ताकि पर्यावरण को नुकसान न पहुंचे। प्रशासन ने बनाई रणनीति प्रशासन ने पूजा से पहले, पूजा के दौरान और विसर्जन के समय इन तीनों चरणों के लिए अलग-अलग रणनीति बनाई है। संवेदनशील इलाकों पर खास नजर रखी जाएगी। मुख्य जगहों पर क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) और क्विक मेडिकल रिस्पॉन्स टीम (QMRT) तैनात रहेंगी ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। बिना लाइसेंस पंडाल या जुलूस पर सख्ती हर पूजा समिति को लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा। बिना अनुमति के पंडाल, प्रतिमा स्थापना या जुलूस निकालने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। विसर्जन जुलूस पुराने तय रूट से ही निकाले जाएंगे, उसमें बदलाव की अनुमति नहीं होगी। बड़े पंडालों में सीसीटीवी कैमरा लगाना अनिवार्य किया गया है और विसर्जन जुलूस की वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी। छात्रावास, होटल और लॉज की नियमित जांच होगी। खासकर छात्रों की गतिविधियों पर प्रशासन की नजर रहेगी। सभी थानेदार और अधिकारी लगातार गश्त करते रहेंगे। सोशल मीडिया पर भी प्रशासन की कड़ी नजर रहेगी। अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ तुरंत और सख्त कार्रवाई होगी। पहले से चिन्हित उपद्रवियों पर निरोधात्मक कार्रवाई की जा रही है। नाव परिचालन पर रोक, SDRF-NDRF रहेगी अलर्ट विसर्जन के दौरान नदी में बिना अनुमति के नाव चलाने पर पूरी तरह रोक रहेगी। किसी भी आपदा से निपटने के लिए SDRF और NDRF की टीमें भी अलर्ट मोड में रहेंगी। प्रशासन ने निर्देश दिया है कि पूजा के दौरान बिजली आपूर्ति बाधित न हो। इसके अलावा एंबुलेंस, डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ और फायर ब्रिगेड की भी पर्याप्त व्यवस्था की गई है। प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि अगर कोई भी संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत जिला कंट्रोल रूम (0612-2219810 / 2219234) या डायल 112 पर सूचना दें। जिलाधिकारी और एसएसपी ने कहा है कि किसी भी तरह की गड़बड़ी के लिए संबंधित थाना और अधिकारी सीधे जिम्मेदार होंगे और लापरवाही बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरस्वती पूजा को लेकर पटना जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। शहर में शांति, सुरक्षा और सुचारु यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस ने विशेष इंतजाम किए हैं। इस बार पटना और आसपास के इलाकों में 44 प्रमुख जगहों पर 66 से अधिक दंडाधिकारी और पुलिस अधिकारी तैनात किए गए हैं। जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम और वरीय पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के. शर्मा ने कहा है कि भीड़ नियंत्रण, कानून-व्यवस्था और ट्रैफिक मैनेजमेंट प्रशासन की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उन्होंने सभी अधिकारियों को पूरी तरह मुस्तैद और सतर्क रहने का निर्देश दिया है। भीड़ और गतिविधियों पर सीसीटीवी और ड्रोन कैमरों से नजर रखी जाएगी। जगह-जगह फ्लेक्स लगाए जाएंगे ताकि लोगों को पता रहे कि वे निगरानी में हैं। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि सरस्वती पूजा में डीजे पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। लाउडस्पीकर सिर्फ सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक तय मानक के अनुसार ही बजेंगे। मूर्ति विसर्जन के लिए नदियों और तालाबों में नहीं, बल्कि सिर्फ कृत्रिम घाटों और कृत्रिम तालाबों में ही विसर्जन किया जाएगा, ताकि पर्यावरण को नुकसान न पहुंचे। प्रशासन ने बनाई रणनीति प्रशासन ने पूजा से पहले, पूजा के दौरान और विसर्जन के समय इन तीनों चरणों के लिए अलग-अलग रणनीति बनाई है। संवेदनशील इलाकों पर खास नजर रखी जाएगी। मुख्य जगहों पर क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) और क्विक मेडिकल रिस्पॉन्स टीम (QMRT) तैनात रहेंगी ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। बिना लाइसेंस पंडाल या जुलूस पर सख्ती हर पूजा समिति को लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा। बिना अनुमति के पंडाल, प्रतिमा स्थापना या जुलूस निकालने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। विसर्जन जुलूस पुराने तय रूट से ही निकाले जाएंगे, उसमें बदलाव की अनुमति नहीं होगी। बड़े पंडालों में सीसीटीवी कैमरा लगाना अनिवार्य किया गया है और विसर्जन जुलूस की वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी। छात्रावास, होटल और लॉज की नियमित जांच होगी। खासकर छात्रों की गतिविधियों पर प्रशासन की नजर रहेगी। सभी थानेदार और अधिकारी लगातार गश्त करते रहेंगे। सोशल मीडिया पर भी प्रशासन की कड़ी नजर रहेगी। अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ तुरंत और सख्त कार्रवाई होगी। पहले से चिन्हित उपद्रवियों पर निरोधात्मक कार्रवाई की जा रही है। नाव परिचालन पर रोक, SDRF-NDRF रहेगी अलर्ट विसर्जन के दौरान नदी में बिना अनुमति के नाव चलाने पर पूरी तरह रोक रहेगी। किसी भी आपदा से निपटने के लिए SDRF और NDRF की टीमें भी अलर्ट मोड में रहेंगी। प्रशासन ने निर्देश दिया है कि पूजा के दौरान बिजली आपूर्ति बाधित न हो। इसके अलावा एंबुलेंस, डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ और फायर ब्रिगेड की भी पर्याप्त व्यवस्था की गई है। प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि अगर कोई भी संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत जिला कंट्रोल रूम (0612-2219810 / 2219234) या डायल 112 पर सूचना दें। जिलाधिकारी और एसएसपी ने कहा है कि किसी भी तरह की गड़बड़ी के लिए संबंधित थाना और अधिकारी सीधे जिम्मेदार होंगे और लापरवाही बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।  

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