हॉस्टल लौटने से पहले क्या हुआ? छात्रा ने खरीदी थी 6 स्ट्रिप एंटी-डिप्रेशन पिल्स, SIT के हाथ लगे अहम सबूत

हॉस्टल लौटने से पहले क्या हुआ? छात्रा ने खरीदी थी 6 स्ट्रिप एंटी-डिप्रेशन पिल्स, SIT के हाथ लगे अहम सबूत

Patna Hostel Case: पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहकर NEET परीक्षा की तैयारी कर रही छात्रा की रहस्यमय मौत और कथित रेप की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) को एक अहम सुराग मिला है। जांच में पता चला है कि छात्रा ने पटना लौटने से पहले जहानाबाद से एंटी-डिप्रेसेंट दवाएं खरीदी थीं। उसने ये दवाएं 26 दिसंबर को ली थीं और 5 जनवरी को अपने साथ पटना ले आई थी। छात्रा की अगले ही दिन 6 जनवरी को मौत हो गई।

बैच नंबर से हुआ खुलासा

जांच के दौरान, SIT को छात्रा के सामान से दवा की एक खाली स्ट्रिप मिली। जब पुलिस ने स्ट्रिप पर लिखे बैच नंबर की जांच की, तो सुराग जहानाबाद की एक फार्मेसी तक पहुंचा। पूछताछ के दौरान, दुकानदार ने पुष्टि की कि छात्रा ने एक नहीं, बल्कि कुल छह स्ट्रिप एंटी-डिप्रेसेंट दवाएं खरीदी थीं। इस खुलासे के बाद, पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या छात्रा ने ज्यादा मात्रा में दवाएं खाई थीं।

हॉस्टल लौटने से पहले स्टेशन पर पिता के साथ आखिरी सेल्फी

परिवार वालों से पूछताछ के दौरान भी कई बातें सामने आईं। मृतक के पिता ने बताया कि 5 जनवरी को उन्होंने अपनी बेटी को जहानाबाद कोर्ट स्टेशन पर छोड़ा था। उस समय छात्रा बहुत खुश थी। उसने अपने मोबाइल फोन से अपने पिता के साथ आखिरी सेल्फी ली थी। उसके जाने से पहले उसके पिता ने उसे पढ़ाई के लिए 11,000 रुपये और कुछ मिठाइयां दी थीं। छात्रा दोपहर 1:43 बजे कोर्ट स्टेशन पहुंची और पटना जाने वाली ट्रेन में चढ़ गई। वह शाम करीब 4 बजे हॉस्टल पहुंची और रात करीब 9 बजे अपनी मां को फोन करके बताया कि उसने खाना खा लिया है।

परिवार वालों से पांच घंटे तक पूछताछ

बुधवार को, SIT की दो अलग-अलग टीमें छात्रा के गांव पहुंचीं थी। एक टीम ने छात्रा के पिता और गांव वालों से करीब पांच घंटे तक पूछताछ की। इस दौरान मखदूमपुर के एक ड्राइवर को भी पूछताछ के लिए उठा कर जहानाबाद लाया गया था, लेकिन जरूरी पूछताछ के बाद उसे छोड़ दिया गया। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि गांव आते-जाते समय छात्रा किसके संपर्क में थी।

मोबाइल फोन से कई डेटा डिलीट

जांच के दौरान, छात्रा के मोबाइल फोन को भी फोरेंसिक जांच के लिए FSL (फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) भेजा गया था। शुरुआती जांच में पता चला है कि फोन से कई डेटा पॉइंट डिलीट किए गए थे। SIT (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मौत से पहले छात्रा ने किन दवाओं के बारे में इंटरनेट पर सर्च किया था, किस-किस से बातचीत हुई थी और 26 दिसंबर से 5 जनवरी के बीच कौन-सा डेटा क्यों हटाया गया।

डिलीट डेटा की रिकवरी को जांच के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। डेटा रिकवरी के बाद ही यह पता चल पाएगा कि छात्रा ने अपनी मौत से पहले गूगल पर क्या सर्च किया था और वह किसके संपर्क में थी। जांच में यह भी पता चला है कि छात्रा कुछ समय से कोचिंग क्लास नहीं जा रही थी और न ही टेस्ट दे रही थी।

AIIMS और FSL की रिपोर्ट का इंतजार

फिलहाल, SIT जांच में पटना में रेप का कोई पक्का सबूत नहीं मिला है। पुलिस फिलहाल पटना एम्स की सेकेंड ओपिनियन रिपोर्ट और एफएसएल की अंतिम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। उन्होंने अस्पताल के CCTV फुटेज, प्राइवेट अस्पताल के स्टाफ और कोचिंग इंस्टीट्यूट में छात्रा के दोस्तों से भी पूछताछ की है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *