पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंडा जंगल में गुरुवार सुबह से सुरक्षाबलों और भाकपा (माओवादी) नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़ जारी है। छोटानागरा थाना क्षेत्र के कुंभडीह गांव के पास शुरू हुई इस मुठभेड़ ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इस मुठभेड़ में चार नक्सलियों के मारे जाने की खबर है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं की गई है। गुरुवार तड़के से ही आसपास के ग्रामीण इलाकों में गोलीबारी की आवाजें सुनाई देती रहीं। जंगल के अंदर से लगातार फायरिंग होने की सूचना मिलती रही, जिससे ग्रामीण सहमे हुए हैं। नक्सल विरोधी अभियान के दौरान आमना-सामना सूत्रों के अनुसार, सुरक्षाबल नक्सल विरोधी अभियान के तहत सारंडा के घने जंगलों में सर्च ऑपरेशन चला रहे थे। इसी दौरान जंगल में पहले से घात लगाए बैठे नक्सलियों ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में सुरक्षाबलों ने भी मोर्चा संभाल लिया, जिसके बाद मुठभेड़ तेज हो गई। सारंडा का इलाका दुर्गम पहाड़ियों और घने जंगलों से घिरा हुआ है, जहां नक्सलियों की लंबे समय से गतिविधियां रही हैं। इसी कारण ऑपरेशन के दौरान सुरक्षाबल पूरी सतर्कता बरत रहे हैं। जंगल के भीतर बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। पूरे क्षेत्र को चारों ओर से घेर लिया गया है। 50 लाख के इनामी नक्सली कमांडर के मारे जाने की चर्चा कोल्हान प्रमंडल के डीआईजी अनुरंजन किस्पोट्टा ने मुठभेड़ की पुष्टि करते हुए बताया कि सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ चल रही है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन पूरा होने के बाद ही विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी। फिलहाल मारे गए नक्सलियों की संख्या को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है। वहीं, सूत्रों से यह भी जानकारी मिल रही है कि मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने 50 लाख रुपए के इनामी एक बड़े नक्सली कमांडर को भी मार गिराया है। हालांकि इस दावे पर भी अब तक मुहर नहीं लगी है। समाचार लिखे जाने तक मुठभेड़ जारी है। अतिरिक्त सुरक्षाबलों को इलाके में भेजा गया है। ऑपरेशन खत्म होने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।


