बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में उत्कृष्ट चुनाव प्रबंधन, निष्पक्षता और नवाचार के लिए पूर्णिया जिले को देश स्तर पर बड़ी उपलब्धि मिली है। भारत निर्वाचन आयोग ने पूर्णिया डीएम अंशुल कुमार को देश के प्रतिष्ठित बेस्ट डिस्ट्रिक्ट इलेक्शन अवॉर्ड के लिए चुना है। ये सम्मान आगामी 25 जनवरी को राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर नई दिल्ली में आयोजित एक भव्य समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों दिया जाएगा। जिला उप निर्वाचन पदाधिकारी ने इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए बताया कि भारत निर्वाचन आयोग की ओर से इस संबंध में आधिकारिक पत्र प्राप्त हुआ है। लेटर में उल्लेख किया गया है कि बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दौरान पूर्णिया जिले में जिस तरह से शांतिपूर्ण, पारदर्शी और निष्पक्ष चुनाव संपन्न कराया गया, वह देश के अन्य जिलों के लिए अनुकरणीय है। मतदाताओं की भागीदारी बढ़ाने, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और चुनाव प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित करने में जिले का प्रदर्शन उत्कृष्ट रहा। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की भूमिका सराहनीय इस सफलता के पीछे जिलाधिकारी अंशुल कुमार की मजबूत नेतृत्व क्षमता और दूरदर्शी सोच को सबसे बड़ा कारण माना जा रहा है। उन्होंने पूरे चुनावी तंत्र को एक टीम के रूप में संचालित किया, जिसमें बूथ लेवल से लेकर जिला स्तर तक के सभी पदाधिकारियों और कर्मियों ने पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ अपनी भूमिका निभाई। हर स्तर पर बेहतर समन्वय और अनुशासन देखने को मिला, जिसके कारण चुनाव पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सका। जिला उप निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया को सफल बनाने में जिले के प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की भूमिका भी सराहनीय रही। मीडिया ने मतदाताओं को जागरूक करने में प्रशासन का सहयोग किया और निष्पक्ष सूचनाओं के माध्यम से लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत बनाया। इसके साथ ही सभी राजनीतिक दलों और जनप्रतिनिधियों का सकारात्मक सहयोग भी प्रशासन को मिला, जिससे किसी प्रकार की अव्यवस्था या तनाव की स्थिति उत्पन्न नहीं हुई। 25 जनवरी का दिन पूर्णिया सहित पूरे सीमांचल और बिहार के लिए गर्व का क्षण होगा, जब देश के सर्वोच्च मंच पर पूर्णिया के जिलाधिकारी को राष्ट्रपति के हाथों सम्मानित किया जाएगा। ये उपलब्धि न केवल प्रशासनिक सफलता है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि बेहतर नेतृत्व और सामूहिक प्रयास से किसी भी जिले को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई जा सकती है। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में उत्कृष्ट चुनाव प्रबंधन, निष्पक्षता और नवाचार के लिए पूर्णिया जिले को देश स्तर पर बड़ी उपलब्धि मिली है। भारत निर्वाचन आयोग ने पूर्णिया डीएम अंशुल कुमार को देश के प्रतिष्ठित बेस्ट डिस्ट्रिक्ट इलेक्शन अवॉर्ड के लिए चुना है। ये सम्मान आगामी 25 जनवरी को राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर नई दिल्ली में आयोजित एक भव्य समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों दिया जाएगा। जिला उप निर्वाचन पदाधिकारी ने इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए बताया कि भारत निर्वाचन आयोग की ओर से इस संबंध में आधिकारिक पत्र प्राप्त हुआ है। लेटर में उल्लेख किया गया है कि बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दौरान पूर्णिया जिले में जिस तरह से शांतिपूर्ण, पारदर्शी और निष्पक्ष चुनाव संपन्न कराया गया, वह देश के अन्य जिलों के लिए अनुकरणीय है। मतदाताओं की भागीदारी बढ़ाने, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और चुनाव प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित करने में जिले का प्रदर्शन उत्कृष्ट रहा। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की भूमिका सराहनीय इस सफलता के पीछे जिलाधिकारी अंशुल कुमार की मजबूत नेतृत्व क्षमता और दूरदर्शी सोच को सबसे बड़ा कारण माना जा रहा है। उन्होंने पूरे चुनावी तंत्र को एक टीम के रूप में संचालित किया, जिसमें बूथ लेवल से लेकर जिला स्तर तक के सभी पदाधिकारियों और कर्मियों ने पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ अपनी भूमिका निभाई। हर स्तर पर बेहतर समन्वय और अनुशासन देखने को मिला, जिसके कारण चुनाव पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सका। जिला उप निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया को सफल बनाने में जिले के प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की भूमिका भी सराहनीय रही। मीडिया ने मतदाताओं को जागरूक करने में प्रशासन का सहयोग किया और निष्पक्ष सूचनाओं के माध्यम से लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत बनाया। इसके साथ ही सभी राजनीतिक दलों और जनप्रतिनिधियों का सकारात्मक सहयोग भी प्रशासन को मिला, जिससे किसी प्रकार की अव्यवस्था या तनाव की स्थिति उत्पन्न नहीं हुई। 25 जनवरी का दिन पूर्णिया सहित पूरे सीमांचल और बिहार के लिए गर्व का क्षण होगा, जब देश के सर्वोच्च मंच पर पूर्णिया के जिलाधिकारी को राष्ट्रपति के हाथों सम्मानित किया जाएगा। ये उपलब्धि न केवल प्रशासनिक सफलता है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि बेहतर नेतृत्व और सामूहिक प्रयास से किसी भी जिले को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई जा सकती है।


