दरभंगा में मुस्लिम लड़की ने हिंदू प्रेमी से की शादी:भीड़ ने पति-पत्नी को पीटा, धमकी- तुम्हारे घर की महिलाओं से जबरन निकाह करेंगे

दरभंगा में मुस्लिम लड़की ने हिंदू प्रेमी से की शादी:भीड़ ने पति-पत्नी को पीटा, धमकी- तुम्हारे घर की महिलाओं से जबरन निकाह करेंगे

दरभंगा में हिंदू लड़के और मुस्लिम लड़की की शादी का मामला सामने आया है। 14 जनवरी को लड़की ससुराल आ गई। इसके बाद लड़की के घरवाले और मोहल्ले के करीब 50 की संख्या में मुस्लिम लोग लड़के के घर पहुंचे। इसके बाद लड़की और लड़के के घर वालों के साथ जमकर मारपीट की। घटना सकतपुर थाना क्षेत्र के कुर्सो गांव की है। लड़के के परिजनों ने घटना की सूचना डायल 112 को दी। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मामले को शांत कराया। पीड़ित परिवार की शिकायत पर केस दर्ज किया गया, लेकिन अब तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। फिलहाल, लड़के और लड़की ने 16 जनवरी को कोर्ट मैरिज कर लिया और दोनों पुलिस की सुरक्षा में अज्ञात स्थान पर हैं। लड़के की पहचान सोनू कुमार कामत (20) और लड़की की पहचान रूबी खातून (21) के रूप में हुई है। हिंदू लड़के और मुस्लिम लड़की की प्रेम कहानी क्या है, कैसे शुरू हुई, कब से अफेयर चल रहा था, 14 जनवरी को क्या हुआ था, किसने सोनू के परिवार से मारपीट की थी? पढ़िए पूरी रिपोर्ट। सबसे पहले जानिए अफेयर की कहानी सोनू बीए पार्ट टू का स्टूडेंट है और वो पढ़ाई के लिए घर से करीब 20 किलोमीटर दूर बहेड़ी जाता था। लड़की बहेड़ी की ही है। वो भी कोचिंग और पढ़ाई के सिलसिले में घर से बाहर जाती थी। कॉलेज में ही सोनू और रूबी की पहली मुलाकात एक साल पहले हुई थी। दोनों के बीच जान पहचान हुई तो कॉलेज में बातचीत होने लगी। शुरुआती दिनों में दोनों एक दूसरे के धर्म के बारे में नहीं जानते थे। इसके बाद सोनू और रूबी ने एक दूसरे को सोशल मीडिया पर फॉलो करना शुरू किया। दोनों इंस्टाग्राम पर बातचीत करने लगे। करीब छह महीने पहले रूबी और सोनू ने एक दूसरे से प्यार का इजहार किया और शादी का फैसला किया। मां ने कहा था- बेटी के फैसले से कोई परेशानी नहीं है छह महीने पहले रूबी और सोनू ने शादी का फैसला किया तो रूबी तुरंत प्रेमी के घर आ गई। हालांकि, तब लड़की के घरवाले मामले को पंचायत में ले गए। पंचायत में लड़के और लड़की ने शादी की इच्छा जताई। इसपर लड़की वालों ने भविष्य में दोनों की शादी कराने की बात कही और लड़की को लेकर घर चले गए। 14 जनवरी को रूबी ने कॉल कर प्रेमी सोनू को अलीनगर बुलाया। सोनू अलीनगर पहुंचा तो रूबी ने उसके घर चलने की जिद पकड़ ली। रूबी के कहने पर सोनू उसे लेकर अपने घर आ गया। यहां आने के बाद सोनू ने अपने परिजन को इसकी जानकारी दी। सोनू के पिता सुरेश कुमार कामत ने इसकी जानकारी सबसे पहले पंचायत के मुखिया और अन्य लोगों को दी। पंचायत ने तत्काल लड़की के परिजन से बातचीत की। इस दौरान लड़की की मां ने कॉल कर कहा कि घर में कोई पुरुष नहीं हैं। बेटी के फैसले से कोई परेशानी नहीं है। अब जानिए, 14 जनवरी की रात को क्या हुआ? रूबी खातून के सोनू कामत के घर आने की जानकारी आसपास के लोगों को हो गई थी। सोनू के पिता सुरेश कामत के मुताबिक, हम लोग खाना खाकर सोने चले गए थे। रात करीब 10 बजे 50 की संख्या में दूसरे मोहल्ले के लोग हमारे घर पहुंचे और रूबी के साथ-साथ सोनू को घर से बाहर निकालने की मांग करने लगे। सुरेश कामत के मुताबिक, जब मैं उठा और घर के बाहर जुटे लोगों से उनके आने का कारण पूछा तो वे धमकाने लगे। कहने लगे कि तुम मुस्लिम की बेटी को अपने घर रख लोगे। सोनू के पिता के मुताबिक, बातचीत हो ही रही थी कि कुछ लोग घर में घुस गए। उधर, शोरगुल और भीड़ के चिल्लाने के बाद मेरा बेटा सोनू, रूबी और घर के अन्य सदस्य भी बाहर आ गए। रूबी और सोनू को देख भीड़ में मौजूद कुछ लोग उनके साथ मारपीट करने लगे। जब उन्हें रोका गया तो उन्होंने परिवार के सभी सदस्यों से मारपीट शुरू कर दी। आरोपियों ने घर की महिलाओं के साथ बदसलूकी की, मारपीट की और घर के अंदर घुसकर लूटपाट भी की। सुरेश कुमार कामत ने सकतपुर थाना में दिए गए लिखित आवेदन में बताया कि अंधेरा होने की वजह से अधिकतर लोगों को पहचान नहीं पाए, लेकिन जिनका चेहरा उन्होंने देखा, उनमें मोहम्मद श्मशूल, मोहम्मद जुमराती, मोहम्मद सोनू, मोहम्मद सुपहा, मोहम्मद असलम शामिल हैं। इनके साथ मौजूद मोहम्मद सिपाही उर्फ मोहम्मद यूनुस के हाथ में धारदार हथियार (दबिया) था। घर में घुसने के बाद आरोपियों ने दो मोबाइल फोन और 12 हजार कैश की लूट की। मारपीट की घटना में सोनू की मां ललिता देवी, सोनू की भाभी वीना देवी और चाचा रमेश कामत घायल हो गए, जिनका इलाज सीएचसी तारडीह में कराया गया। सुरेश कामत बोले- जाते-जाते आरोपियों ने धमकी दी सोनू के पिता सुरेश ने बताया कि हंगामे के बाद जाने के दौरान मुख्य आरोपी समसुल ने खुलेआम धमकी दी और कहा- अगर तुम्हारे परिवार से कोई भी महिला और लड़की घर से बाहर निकली तो जबरन उनसे निकाह किया जाएगा। धमकी के बाद से हम लोगों का परिवार दहशत में है। सुरेश ने कहा मेरा घर कुर्सो गांव के मदरसा टोला में है, जहां करीब 300 मुस्लिम परिवार हैं, जबकि हम दो परिवार सिर्फ हिंदू हैं। अब हम लोगों को जान-माल का गंभीर खतरा महसूस हो रहा है। रात को सोते वक्त डर लगा रहता है कि कभी भी आरोपी दोबारा घर पर हमला कर कुछ भी कर सकते हैं, क्योंकि अभी तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। उन्होंने कहा कि मेरा बेटा भी बालिग है और लड़की भी बालिग है, दोनों शादी करना चाहते हैं। मेरे मोहल्ले के 300 मुस्लिम परिवार को कोई दिक्कत नहीं है, मुझे और मेरे परिवार को कोई दिक्कत नहीं है। लड़की के परिवार ने भी रजामंदी दे दी है, तो फिर दूसरे मोहल्ले के लोग हमें क्यों परेशान कर रहे हैं। सुरेश कामत ने कहा कि थाना जाने पर केवल ‘देखते हैं, करते हैं’ कहकर टाल दिया जाता है। हालांकि घटना के तीन दिन बाद तक पुलिस कैंप कर रही थी, लेकिन फिलहाल कोई पुलिस बल तैनात नहीं है। मारपीट की सूचना के बाद मैथिली पहुंची, 20 मिनट तक रही, जानकारी ली 14 जनवरी की घटना की सूचना के बाद अलीनगर की भाजपा विधायक मैथिली ठाकुर 19 जनवरी को कुर्सो गांव के मदरसा मोहल्ला पहुंची और सुरेश कामत के परिजन से मुलाकात की। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया कि शिकायत के बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो रही है, जिससे वे भय और असुरक्षा के माहौल में रह रहे हैं। इस पर विधायक ने तत्काल सकतपुर थानाध्यक्ष को फोन कर अविलंब आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया। विधायक मैथिली ठाकुर ने थानाध्यक्ष से कहा कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी होनी चाहिए। उन्होंने पीड़ित परिवार को अपना मोबाइल नंबर देते हुए कहा कि किसी भी समय, चाहे दिन हो या रात, यदि कोई परेशानी हो तो तुरंत कॉल करें। मैं जिम्मेवारी लेती हूं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जरूरत पड़ने पर वे स्वयं मौके पर 5 मिनट में पहुंचेंगी। मारपीट की घटना के तीन दिनों के बाद अलीनगर की विधायक मैथिली ठाकुर मौके पर पहुंची और पीड़ित परिवार से मुलाकात कर सकतपुर थाना के SHO को लड़के, लड़की और उनके परिवार को सुरक्षा देने की बात कही। अब जानिए, गांव के लोगों ने मामले को लेकर क्या कहा? समाजसेवी कौशल ने कहा कि कुछ मुस्लिम समुदाय के लोगों ने बिना किसी संबंध या अधिकार के रात में पीड़ित परिवार के घर में घुसकर महिला और पुरुषों के साथ मारपीट की। उन्होंने कहा कि जिस लड़की से मारपीट के नाम पर विवाद किया गया, उन लोगों का उससे कोई पारिवारिक या कानूनी रिश्ता नहीं है। ऐसे में यह पूरी घटना अनुचित और गैरकानूनी है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि उस समय हिंदू पक्ष की ओर से भी बड़ी संख्या में लोग जुट जाते, तो गांव में सांप्रदायिक दंगा जैसी स्थिति बन सकती थी। लेकिन पीड़ित पक्ष और समाज के लोगों ने संयम बरता और स्थिति को बिगड़ने नहीं दिया। इसके बाद समाज के लोगों ने थाना में लिखित शिकायत भी दर्ज कराई। समाजसेवी ने आरोप लगाया कि इस मामले में घर में घुसकर मारपीट करने वाले सभी आरोपी फिलहाल फरार हैं। मारपीट का एकमात्र उद्देश्य यही था कि एक हिंदू लड़के ने मुस्लिम लड़की से शादी क्यों की। जबकि गांव में पहले भी ऐसे उदाहरण हैं, जहां हिंदू लड़की और मुस्लिम लड़के ने आपसी सहमति से शादी की और हिंदू समाज ने कोई विरोध नहीं किया। कमलाकांत चौधरी ने मांग की कि इस पूरे मामले में हमलावरों की पृष्ठभूमि (बैकग्राउंड) की भी जांच की जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन लोगों ने मारपीट की, उनके खिलाफ पहले से भी आपराधिक प्रवृत्ति की चर्चा होती रही है, इसलिए पुलिस को निष्पक्ष जांच करनी चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अभी तक गिरफ्तारी नहीं होने का कारण आरोपियों की आर्थिक स्थिति हो सकती है और वे पैसे के बल पर कार्रवाई को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि उन्होंने कहा कि यह जांच का विषय है और प्रशासन को इसकी सच्चाई सामने लानी चाहिए। पीड़ित परिवार के पड़ोसी बोले- हमें कोई दिक्कत, परेशानी नहीं है पीड़ित सुरेश परिवार के पड़ोसी शकील अहमद ने कहा कि जिस मुहल्ले में ये घटना हुई, वहां हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोग पिछले कई साल से आपसी भाईचारे के साथ रहते आए हैं। उन्होंने कहा कि मोहल्ले में हिंदू समुदाय के केवल दो परिवार हैं, जबकि मुस्लिम परिवारों की संख्या अधिक है। इसके बावजूद कभी किसी तरह की दुश्मनी, तनाव या भेदभाव की स्थिति नहीं रही। शकील अहमद ने कहा कि सभी लोग एक-दूसरे के सुख-दुख में साथ खड़े रहते हैं और ग्रामीण परिवेश में मिल-जुलकर रहते हैं। उन्होंने दावा किया कि पीड़ित परिवार से भी मोहल्ले के लोगों को कोई आपत्ति या व्यक्तिगत विवाद नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि जो लोग हंगामा और मारपीट करने पहुंचे थे, वे इसी मोहल्ले के नहीं थे, बल्कि करीब आधा किलोमीटर दूर के दूसरे मोहल्ले से आकर पीड़ित के घर में जबरन घुसे और उत्पात मचाया। शकील अहमद के अनुसार, बाहरी लोगों द्वारा इस तरह की हरकत से पूरे मोहल्ले का माहौल खराब करने की कोशिश की गई। दरभंगा के सकतपुर थाना क्षेत्र से जुड़े प्रेम प्रसंग विवाद को लेकर SSP जगुनाथ रेड्डी जलारेड्डी ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि इस मामले में लड़के की ओर से सकतपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद लड़की का बयान न्यायालय में कराया गया। उन्होंने बताया कि सकतपुर थानाध्यक्ष को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि क्षेत्र में लगातार पेट्रोलिंग की जाए, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना न हो। प्रशासन पीड़ित परिवार की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सतर्क है और हर पहलू पर नजर रखी जा रही है। दरभंगा में हिंदू लड़के और मुस्लिम लड़की की शादी का मामला सामने आया है। 14 जनवरी को लड़की ससुराल आ गई। इसके बाद लड़की के घरवाले और मोहल्ले के करीब 50 की संख्या में मुस्लिम लोग लड़के के घर पहुंचे। इसके बाद लड़की और लड़के के घर वालों के साथ जमकर मारपीट की। घटना सकतपुर थाना क्षेत्र के कुर्सो गांव की है। लड़के के परिजनों ने घटना की सूचना डायल 112 को दी। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मामले को शांत कराया। पीड़ित परिवार की शिकायत पर केस दर्ज किया गया, लेकिन अब तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। फिलहाल, लड़के और लड़की ने 16 जनवरी को कोर्ट मैरिज कर लिया और दोनों पुलिस की सुरक्षा में अज्ञात स्थान पर हैं। लड़के की पहचान सोनू कुमार कामत (20) और लड़की की पहचान रूबी खातून (21) के रूप में हुई है। हिंदू लड़के और मुस्लिम लड़की की प्रेम कहानी क्या है, कैसे शुरू हुई, कब से अफेयर चल रहा था, 14 जनवरी को क्या हुआ था, किसने सोनू के परिवार से मारपीट की थी? पढ़िए पूरी रिपोर्ट। सबसे पहले जानिए अफेयर की कहानी सोनू बीए पार्ट टू का स्टूडेंट है और वो पढ़ाई के लिए घर से करीब 20 किलोमीटर दूर बहेड़ी जाता था। लड़की बहेड़ी की ही है। वो भी कोचिंग और पढ़ाई के सिलसिले में घर से बाहर जाती थी। कॉलेज में ही सोनू और रूबी की पहली मुलाकात एक साल पहले हुई थी। दोनों के बीच जान पहचान हुई तो कॉलेज में बातचीत होने लगी। शुरुआती दिनों में दोनों एक दूसरे के धर्म के बारे में नहीं जानते थे। इसके बाद सोनू और रूबी ने एक दूसरे को सोशल मीडिया पर फॉलो करना शुरू किया। दोनों इंस्टाग्राम पर बातचीत करने लगे। करीब छह महीने पहले रूबी और सोनू ने एक दूसरे से प्यार का इजहार किया और शादी का फैसला किया। मां ने कहा था- बेटी के फैसले से कोई परेशानी नहीं है छह महीने पहले रूबी और सोनू ने शादी का फैसला किया तो रूबी तुरंत प्रेमी के घर आ गई। हालांकि, तब लड़की के घरवाले मामले को पंचायत में ले गए। पंचायत में लड़के और लड़की ने शादी की इच्छा जताई। इसपर लड़की वालों ने भविष्य में दोनों की शादी कराने की बात कही और लड़की को लेकर घर चले गए। 14 जनवरी को रूबी ने कॉल कर प्रेमी सोनू को अलीनगर बुलाया। सोनू अलीनगर पहुंचा तो रूबी ने उसके घर चलने की जिद पकड़ ली। रूबी के कहने पर सोनू उसे लेकर अपने घर आ गया। यहां आने के बाद सोनू ने अपने परिजन को इसकी जानकारी दी। सोनू के पिता सुरेश कुमार कामत ने इसकी जानकारी सबसे पहले पंचायत के मुखिया और अन्य लोगों को दी। पंचायत ने तत्काल लड़की के परिजन से बातचीत की। इस दौरान लड़की की मां ने कॉल कर कहा कि घर में कोई पुरुष नहीं हैं। बेटी के फैसले से कोई परेशानी नहीं है। अब जानिए, 14 जनवरी की रात को क्या हुआ? रूबी खातून के सोनू कामत के घर आने की जानकारी आसपास के लोगों को हो गई थी। सोनू के पिता सुरेश कामत के मुताबिक, हम लोग खाना खाकर सोने चले गए थे। रात करीब 10 बजे 50 की संख्या में दूसरे मोहल्ले के लोग हमारे घर पहुंचे और रूबी के साथ-साथ सोनू को घर से बाहर निकालने की मांग करने लगे। सुरेश कामत के मुताबिक, जब मैं उठा और घर के बाहर जुटे लोगों से उनके आने का कारण पूछा तो वे धमकाने लगे। कहने लगे कि तुम मुस्लिम की बेटी को अपने घर रख लोगे। सोनू के पिता के मुताबिक, बातचीत हो ही रही थी कि कुछ लोग घर में घुस गए। उधर, शोरगुल और भीड़ के चिल्लाने के बाद मेरा बेटा सोनू, रूबी और घर के अन्य सदस्य भी बाहर आ गए। रूबी और सोनू को देख भीड़ में मौजूद कुछ लोग उनके साथ मारपीट करने लगे। जब उन्हें रोका गया तो उन्होंने परिवार के सभी सदस्यों से मारपीट शुरू कर दी। आरोपियों ने घर की महिलाओं के साथ बदसलूकी की, मारपीट की और घर के अंदर घुसकर लूटपाट भी की। सुरेश कुमार कामत ने सकतपुर थाना में दिए गए लिखित आवेदन में बताया कि अंधेरा होने की वजह से अधिकतर लोगों को पहचान नहीं पाए, लेकिन जिनका चेहरा उन्होंने देखा, उनमें मोहम्मद श्मशूल, मोहम्मद जुमराती, मोहम्मद सोनू, मोहम्मद सुपहा, मोहम्मद असलम शामिल हैं। इनके साथ मौजूद मोहम्मद सिपाही उर्फ मोहम्मद यूनुस के हाथ में धारदार हथियार (दबिया) था। घर में घुसने के बाद आरोपियों ने दो मोबाइल फोन और 12 हजार कैश की लूट की। मारपीट की घटना में सोनू की मां ललिता देवी, सोनू की भाभी वीना देवी और चाचा रमेश कामत घायल हो गए, जिनका इलाज सीएचसी तारडीह में कराया गया। सुरेश कामत बोले- जाते-जाते आरोपियों ने धमकी दी सोनू के पिता सुरेश ने बताया कि हंगामे के बाद जाने के दौरान मुख्य आरोपी समसुल ने खुलेआम धमकी दी और कहा- अगर तुम्हारे परिवार से कोई भी महिला और लड़की घर से बाहर निकली तो जबरन उनसे निकाह किया जाएगा। धमकी के बाद से हम लोगों का परिवार दहशत में है। सुरेश ने कहा मेरा घर कुर्सो गांव के मदरसा टोला में है, जहां करीब 300 मुस्लिम परिवार हैं, जबकि हम दो परिवार सिर्फ हिंदू हैं। अब हम लोगों को जान-माल का गंभीर खतरा महसूस हो रहा है। रात को सोते वक्त डर लगा रहता है कि कभी भी आरोपी दोबारा घर पर हमला कर कुछ भी कर सकते हैं, क्योंकि अभी तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। उन्होंने कहा कि मेरा बेटा भी बालिग है और लड़की भी बालिग है, दोनों शादी करना चाहते हैं। मेरे मोहल्ले के 300 मुस्लिम परिवार को कोई दिक्कत नहीं है, मुझे और मेरे परिवार को कोई दिक्कत नहीं है। लड़की के परिवार ने भी रजामंदी दे दी है, तो फिर दूसरे मोहल्ले के लोग हमें क्यों परेशान कर रहे हैं। सुरेश कामत ने कहा कि थाना जाने पर केवल ‘देखते हैं, करते हैं’ कहकर टाल दिया जाता है। हालांकि घटना के तीन दिन बाद तक पुलिस कैंप कर रही थी, लेकिन फिलहाल कोई पुलिस बल तैनात नहीं है। मारपीट की सूचना के बाद मैथिली पहुंची, 20 मिनट तक रही, जानकारी ली 14 जनवरी की घटना की सूचना के बाद अलीनगर की भाजपा विधायक मैथिली ठाकुर 19 जनवरी को कुर्सो गांव के मदरसा मोहल्ला पहुंची और सुरेश कामत के परिजन से मुलाकात की। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया कि शिकायत के बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो रही है, जिससे वे भय और असुरक्षा के माहौल में रह रहे हैं। इस पर विधायक ने तत्काल सकतपुर थानाध्यक्ष को फोन कर अविलंब आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया। विधायक मैथिली ठाकुर ने थानाध्यक्ष से कहा कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी होनी चाहिए। उन्होंने पीड़ित परिवार को अपना मोबाइल नंबर देते हुए कहा कि किसी भी समय, चाहे दिन हो या रात, यदि कोई परेशानी हो तो तुरंत कॉल करें। मैं जिम्मेवारी लेती हूं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जरूरत पड़ने पर वे स्वयं मौके पर 5 मिनट में पहुंचेंगी। मारपीट की घटना के तीन दिनों के बाद अलीनगर की विधायक मैथिली ठाकुर मौके पर पहुंची और पीड़ित परिवार से मुलाकात कर सकतपुर थाना के SHO को लड़के, लड़की और उनके परिवार को सुरक्षा देने की बात कही। अब जानिए, गांव के लोगों ने मामले को लेकर क्या कहा? समाजसेवी कौशल ने कहा कि कुछ मुस्लिम समुदाय के लोगों ने बिना किसी संबंध या अधिकार के रात में पीड़ित परिवार के घर में घुसकर महिला और पुरुषों के साथ मारपीट की। उन्होंने कहा कि जिस लड़की से मारपीट के नाम पर विवाद किया गया, उन लोगों का उससे कोई पारिवारिक या कानूनी रिश्ता नहीं है। ऐसे में यह पूरी घटना अनुचित और गैरकानूनी है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि उस समय हिंदू पक्ष की ओर से भी बड़ी संख्या में लोग जुट जाते, तो गांव में सांप्रदायिक दंगा जैसी स्थिति बन सकती थी। लेकिन पीड़ित पक्ष और समाज के लोगों ने संयम बरता और स्थिति को बिगड़ने नहीं दिया। इसके बाद समाज के लोगों ने थाना में लिखित शिकायत भी दर्ज कराई। समाजसेवी ने आरोप लगाया कि इस मामले में घर में घुसकर मारपीट करने वाले सभी आरोपी फिलहाल फरार हैं। मारपीट का एकमात्र उद्देश्य यही था कि एक हिंदू लड़के ने मुस्लिम लड़की से शादी क्यों की। जबकि गांव में पहले भी ऐसे उदाहरण हैं, जहां हिंदू लड़की और मुस्लिम लड़के ने आपसी सहमति से शादी की और हिंदू समाज ने कोई विरोध नहीं किया। कमलाकांत चौधरी ने मांग की कि इस पूरे मामले में हमलावरों की पृष्ठभूमि (बैकग्राउंड) की भी जांच की जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन लोगों ने मारपीट की, उनके खिलाफ पहले से भी आपराधिक प्रवृत्ति की चर्चा होती रही है, इसलिए पुलिस को निष्पक्ष जांच करनी चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अभी तक गिरफ्तारी नहीं होने का कारण आरोपियों की आर्थिक स्थिति हो सकती है और वे पैसे के बल पर कार्रवाई को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि उन्होंने कहा कि यह जांच का विषय है और प्रशासन को इसकी सच्चाई सामने लानी चाहिए। पीड़ित परिवार के पड़ोसी बोले- हमें कोई दिक्कत, परेशानी नहीं है पीड़ित सुरेश परिवार के पड़ोसी शकील अहमद ने कहा कि जिस मुहल्ले में ये घटना हुई, वहां हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोग पिछले कई साल से आपसी भाईचारे के साथ रहते आए हैं। उन्होंने कहा कि मोहल्ले में हिंदू समुदाय के केवल दो परिवार हैं, जबकि मुस्लिम परिवारों की संख्या अधिक है। इसके बावजूद कभी किसी तरह की दुश्मनी, तनाव या भेदभाव की स्थिति नहीं रही। शकील अहमद ने कहा कि सभी लोग एक-दूसरे के सुख-दुख में साथ खड़े रहते हैं और ग्रामीण परिवेश में मिल-जुलकर रहते हैं। उन्होंने दावा किया कि पीड़ित परिवार से भी मोहल्ले के लोगों को कोई आपत्ति या व्यक्तिगत विवाद नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि जो लोग हंगामा और मारपीट करने पहुंचे थे, वे इसी मोहल्ले के नहीं थे, बल्कि करीब आधा किलोमीटर दूर के दूसरे मोहल्ले से आकर पीड़ित के घर में जबरन घुसे और उत्पात मचाया। शकील अहमद के अनुसार, बाहरी लोगों द्वारा इस तरह की हरकत से पूरे मोहल्ले का माहौल खराब करने की कोशिश की गई। दरभंगा के सकतपुर थाना क्षेत्र से जुड़े प्रेम प्रसंग विवाद को लेकर SSP जगुनाथ रेड्डी जलारेड्डी ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि इस मामले में लड़के की ओर से सकतपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद लड़की का बयान न्यायालय में कराया गया। उन्होंने बताया कि सकतपुर थानाध्यक्ष को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि क्षेत्र में लगातार पेट्रोलिंग की जाए, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना न हो। प्रशासन पीड़ित परिवार की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सतर्क है और हर पहलू पर नजर रखी जा रही है।  

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