जयपुर: आयुष चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता और प्रभावशीलता को और मजबूत करने की दिशा में राज्य सरकार ने अहम कदम उठाए हैं। आयुष चिकित्सालयों के संचालन, निगरानी और शैक्षणिक सहयोग से जुड़ी व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने नियमित निरीक्षण, समयबद्ध रिपोर्टिंग और संस्थागत सहयोग बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
बुधवार को शासन सचिवालय में हुई समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव ने कहा कि आयुष विभाग के माध्यम से प्रदेशभर में आमजन को सस्ती, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके लिए जरूरी है कि सभी आयुष चिकित्सालयों की मासिक रिपोर्ट समय पर दी जाए, जिसमें वहां दी जा रही सेवाओं का पूरा विवरण हो।
चिकित्सालयों की निगरानी और दस्तावेजीकरण पर जोर
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि हर चिकित्सालय की कार्य प्रगति, उपलब्ध सेवाओं और उपलब्धियों का सही तरीके से दस्तावेजीकरण किया जाए। साथ ही, सफल योजनाओं और इलाज से जुड़ी कहानियों के जरिए लोगों में जागरूकता बढ़ाई जाए। उन्होंने विभागवार वार्षिक कार्यशाला कैलेंडर भी मार्च से पहले प्रस्तुत करने को कहा।
एनआईए जयपुर और राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय में फैकल्टी एक्सचेंज
मुख्य सचिव ने राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान (एनआईए), जयपुर और डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय, जोधपुर के बीच फैकल्टी एक्सचेंज प्रोग्राम शुरू करने के निर्देश दिए। इससे छात्रों और शिक्षकों को एक-दूसरे के अनुभव और ज्ञान का लाभ मिलेगा। इसके साथ ही दोनों संस्थानों के बीच कार्यशालाएं, संयुक्त शोध पत्र और एमओयू करने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में आयुष विभाग के बजट खर्च और प्रदेश में आयुष सेवाओं के विस्तार पर भी चर्चा हुई। इससे पहले आयुष विभाग के प्रमुख शासन सचिव सुबीर कुमार ने विभाग की प्रगति पर प्रस्तुति दी।


