मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड (एमपी ट्रांसको) ने अपनी आधिकारिक ईमेल को जोहो में बदल लिया है। इसका उद्देश्य डेटा सुरक्षा को मजबूत करना, संचार प्रणाली को अधिक भरोसेमंद बनाना और विदेशी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर निर्भरता को कम करना है। एमपी ट्रांसको के आईटी हेड डॉ. हिमांशु श्रीवास्तव ने बताया कि भारत सरकार और मध्य प्रदेश सरकार भी स्वदेशी ईमेल एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म को बढ़ावा दे रही हैं। जोहो प्लेटफॉर्म से कंपनी के लगभग 1100 अधिकारी एवं कर्मचारी लाभान्वित होंगे। डॉ. श्रीवास्तव के अनुसार, अब तक सूचना के प्रचार-प्रसार और संवाद के लिए अलग-अलग डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग करना पड़ता था। जोहो एक मल्टी-लेवल प्लेटफॉर्म है, जिसमें ईमेल के साथ-साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (गूगल मीट जैसे विकल्प) भी एक ही स्थान पर उपलब्ध हैं। इससे कार्यप्रणाली अधिक सरल और प्रभावी होगी। उन्होंने यह भी बताया कि यह प्लेटफॉर्म पूर्ण रूप से स्वदेशी तकनीक पर आधारित है और इसमें डेटा लीक की आशंका नहीं है। जोहो जैसे एडवांस फीचर्स वाले प्लेटफॉर्म पर ईमेल सिस्टम शिफ्ट होने से सुरक्षित डेटा होस्टिंग, बेहतर एक्सेस कंट्रोल, उन्नत स्पैम नियंत्रण और मजबूत साइबर सुरक्षा के साथ निर्बाध संचार सुनिश्चित होगा। यह पहल भारत सरकार की डिजिटल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत योजनाओं के अनुरूप मानी जा रही है। डॉ. श्रीवास्तव ने बताया कि एमपी ट्रांसको पहले से ही स्वदेशी तकनीकों को प्राथमिकता देता आ रहा है। कंपनी ने हाल ही में वॉट्सऐप की जगह स्वदेशी अरट्टे प्लेटफॉर्म का उपयोग शुरू किया है।


