खगड़िया में सरस्वती पूजा 2026 को लेकर जिला एवं पुलिस प्रशासन ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस वर्ष सरस्वती पूजा 23 जनवरी 2026 को मनाए जाने की संभावना है। पर्व के दौरान शांति, सौहार्द और विधि-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से एक संयुक्त आदेश जारी किया गया है। जारी आदेश के अनुसार, सरस्वती पूजा और मूर्ति विसर्जन के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी, सशस्त्र बल और लाठी बल की प्रतिनियुक्ति की जाएगी। सभी प्रतिनियुक्त अधिकारियों और बलों को 23 जनवरी को सुबह 8 बजे तक अपने-अपने निर्धारित स्थलों पर पहुंचने का निर्देश दिया गया है। ये सभी पदाधिकारी 25 जनवरी 2026 तक या मूर्ति विसर्जन के शांतिपूर्ण समापन तक अपने क्षेत्र में तैनात रहेंगे। आसूचना संकलन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश जिला प्रशासन ने आसूचना संकलन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया है। इस कार्य में मुखिया, पंचायत सेवक, जनसेवक, स्थानीय जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और ग्रामीण पुलिस का सहयोग लिया जाएगा। थानाध्यक्षों को प्रतिदिन चौकीदारी परेड लेने और थाना दैनिकी में सभी सूचनाओं का स्पष्ट उल्लेख करने का निर्देश दिया गया है, ताकि किसी भी प्रकार की अफवाह या संभावित उपद्रव पर समय रहते कार्रवाई की जा सके। जिले के सभी थाना और अनुमंडल स्तर पर शांति समिति की बैठकें अनिवार्य रूप से आयोजित की जाएंगी। इन बैठकों में सभी समुदायों के प्रबुद्ध नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और धार्मिक नेताओं की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। पूजा समिति से संबंधित अनुमति, प्रतिमा स्थापना, जुलूस मार्ग और विसर्जन समय सहित सभी विवादित विषयों का समाधान पर्व से पहले ही कर लिया जाएगा। शांति बनाए रखने से संबंधित आवश्यक दिशा-निर्देश जारी इसी क्रम में जिलाधिकारी नवीन कुमार और पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार की अध्यक्षता में जिला स्तरीय संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले की विधि-व्यवस्था, प्रतिमा स्थापना, जुलूस और विसर्जन मार्ग, संवेदनशील स्थलों की पहचान, सोशल मीडिया एवं अफवाह नियंत्रण सहित शांति बनाए रखने से संबंधित आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। सभी संबंधित पदाधिकारियों को इन निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा गया है। असामाजिक तत्वों पर रहेगी कड़ी नजर असामाजिक तत्वों, अफवाह फैलाने वालों तथा जाति या धर्म के नाम पर तनाव फैलाने वालों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे लोगों की सूची तैयार कर निरोधात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। जुलूस एवं विसर्जन पर सख्त नियंत्रण जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सभी पूजा स्थल एवं जुलूस वैध लाइसेंस के अंतर्गत ही आयोजित किए जाएंगे। निर्धारित मार्ग, समय एवं विसर्जन स्थल का सख्ती से पालन कराया जाएगा। बिना अनुमति किसी भी प्रकार का परिवर्तन स्वीकार्य नहीं होगा। संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी एवं पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। जिला प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे सरस्वती पूजा–2026 को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने में प्रशासन का सहयोग करें, ताकि पर्व उल्लास और भाईचारे के साथ मनाया जा सके। खगड़िया में सरस्वती पूजा 2026 को लेकर जिला एवं पुलिस प्रशासन ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस वर्ष सरस्वती पूजा 23 जनवरी 2026 को मनाए जाने की संभावना है। पर्व के दौरान शांति, सौहार्द और विधि-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से एक संयुक्त आदेश जारी किया गया है। जारी आदेश के अनुसार, सरस्वती पूजा और मूर्ति विसर्जन के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी, सशस्त्र बल और लाठी बल की प्रतिनियुक्ति की जाएगी। सभी प्रतिनियुक्त अधिकारियों और बलों को 23 जनवरी को सुबह 8 बजे तक अपने-अपने निर्धारित स्थलों पर पहुंचने का निर्देश दिया गया है। ये सभी पदाधिकारी 25 जनवरी 2026 तक या मूर्ति विसर्जन के शांतिपूर्ण समापन तक अपने क्षेत्र में तैनात रहेंगे। आसूचना संकलन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश जिला प्रशासन ने आसूचना संकलन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया है। इस कार्य में मुखिया, पंचायत सेवक, जनसेवक, स्थानीय जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और ग्रामीण पुलिस का सहयोग लिया जाएगा। थानाध्यक्षों को प्रतिदिन चौकीदारी परेड लेने और थाना दैनिकी में सभी सूचनाओं का स्पष्ट उल्लेख करने का निर्देश दिया गया है, ताकि किसी भी प्रकार की अफवाह या संभावित उपद्रव पर समय रहते कार्रवाई की जा सके। जिले के सभी थाना और अनुमंडल स्तर पर शांति समिति की बैठकें अनिवार्य रूप से आयोजित की जाएंगी। इन बैठकों में सभी समुदायों के प्रबुद्ध नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और धार्मिक नेताओं की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। पूजा समिति से संबंधित अनुमति, प्रतिमा स्थापना, जुलूस मार्ग और विसर्जन समय सहित सभी विवादित विषयों का समाधान पर्व से पहले ही कर लिया जाएगा। शांति बनाए रखने से संबंधित आवश्यक दिशा-निर्देश जारी इसी क्रम में जिलाधिकारी नवीन कुमार और पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार की अध्यक्षता में जिला स्तरीय संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले की विधि-व्यवस्था, प्रतिमा स्थापना, जुलूस और विसर्जन मार्ग, संवेदनशील स्थलों की पहचान, सोशल मीडिया एवं अफवाह नियंत्रण सहित शांति बनाए रखने से संबंधित आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। सभी संबंधित पदाधिकारियों को इन निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा गया है। असामाजिक तत्वों पर रहेगी कड़ी नजर असामाजिक तत्वों, अफवाह फैलाने वालों तथा जाति या धर्म के नाम पर तनाव फैलाने वालों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे लोगों की सूची तैयार कर निरोधात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। जुलूस एवं विसर्जन पर सख्त नियंत्रण जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सभी पूजा स्थल एवं जुलूस वैध लाइसेंस के अंतर्गत ही आयोजित किए जाएंगे। निर्धारित मार्ग, समय एवं विसर्जन स्थल का सख्ती से पालन कराया जाएगा। बिना अनुमति किसी भी प्रकार का परिवर्तन स्वीकार्य नहीं होगा। संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी एवं पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। जिला प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे सरस्वती पूजा–2026 को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने में प्रशासन का सहयोग करें, ताकि पर्व उल्लास और भाईचारे के साथ मनाया जा सके।


