किशनगंज जिला मुख्यालय के तीन केंद्रों पर बुधवार को पुलिस अवर निरीक्षक (दारोगा) पद की दूसरे चरण की लिखित परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। यह परीक्षा दो पालियों में आयोजित की गई थी। कुल 2865 परीक्षार्थी इसमें शामिल हुए, जबकि 1110 अनुपस्थित रहे। जिलाधिकारी विशाल राज, पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार, एसडीएम अनिकेत कुमार, एसडीपीओ गौतम कुमार, ट्रैफिक डीएसपी राजेश कुमार, इंस्पेक्टर राजा और सदर थानाध्यक्ष अभिषेक रंजन सहित कई प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों ने परीक्षा केंद्रों का जायजा लिया। एसडीएम अनिकेत कुमार ने पुष्टि की कि दोनों पालियों की परीक्षा शांतिपूर्ण संपन्न हुई है। परीक्षार्थी तय समय से डेढ़ घंटे पहले केंद्रों पर पहुंचने लगे परीक्षार्थी परीक्षा शुरू होने से डेढ़ घंटे पहले ही निर्धारित केंद्रों पर पहुंचने लगे थे। प्रवेश द्वार पर गहन जांच के बाद ही उन्हें केंद्र में प्रवेश की अनुमति दी गई। परीक्षा केंद्र में मोबाइल फोन, पेन, पेपर, पेंसिल, इरेज़र आदि ले जाना पूरी तरह वर्जित था। परीक्षा समाप्त होने के बाद, परीक्षार्थियों की भीड़ अपने गंतव्य स्थानों पर जाने के लिए बस स्टैंड और रेलवे स्टेशनों पर उमड़ पड़ी। अधिकांश परीक्षार्थी बक्सर, आरा, छपरा, सिवान, भागलपुर, मुंगेर, बांका जैसे दूर-दराज के जिलों से आए थे और वे अपने-अपने रूट की बसें व ट्रेनें पकड़ रहे थे। किशनगंज जिला मुख्यालय के तीन केंद्रों पर बुधवार को पुलिस अवर निरीक्षक (दारोगा) पद की दूसरे चरण की लिखित परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। यह परीक्षा दो पालियों में आयोजित की गई थी। कुल 2865 परीक्षार्थी इसमें शामिल हुए, जबकि 1110 अनुपस्थित रहे। जिलाधिकारी विशाल राज, पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार, एसडीएम अनिकेत कुमार, एसडीपीओ गौतम कुमार, ट्रैफिक डीएसपी राजेश कुमार, इंस्पेक्टर राजा और सदर थानाध्यक्ष अभिषेक रंजन सहित कई प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों ने परीक्षा केंद्रों का जायजा लिया। एसडीएम अनिकेत कुमार ने पुष्टि की कि दोनों पालियों की परीक्षा शांतिपूर्ण संपन्न हुई है। परीक्षार्थी तय समय से डेढ़ घंटे पहले केंद्रों पर पहुंचने लगे परीक्षार्थी परीक्षा शुरू होने से डेढ़ घंटे पहले ही निर्धारित केंद्रों पर पहुंचने लगे थे। प्रवेश द्वार पर गहन जांच के बाद ही उन्हें केंद्र में प्रवेश की अनुमति दी गई। परीक्षा केंद्र में मोबाइल फोन, पेन, पेपर, पेंसिल, इरेज़र आदि ले जाना पूरी तरह वर्जित था। परीक्षा समाप्त होने के बाद, परीक्षार्थियों की भीड़ अपने गंतव्य स्थानों पर जाने के लिए बस स्टैंड और रेलवे स्टेशनों पर उमड़ पड़ी। अधिकांश परीक्षार्थी बक्सर, आरा, छपरा, सिवान, भागलपुर, मुंगेर, बांका जैसे दूर-दराज के जिलों से आए थे और वे अपने-अपने रूट की बसें व ट्रेनें पकड़ रहे थे।


