पन्ना के अमानगंज तहसील में किसानों ने वन विभाग के अधिकारियों पर अपनी निजी भूमि पर जबरन कब्जा करने का आरोप लगाया है। बुधवार, 21 जनवरी को ग्राम उडला (हल्का नंबर 5) के दर्जनों किसान अपने भूमि पट्टे के कागजात लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और न्याय की गुहार लगाई। किसानों का आरोप है कि पवई वन परिक्षेत्र के रेंजर और डिप्टी रेंजर उनकी निजी राजस्व भूमि पर अवैध रूप से निर्माण कार्य करा रहे हैं। पीड़ित किसानों में गोरे लाल, ललूवा, रामप्यारे और कल्लू खां शामिल हैं, जिन्होंने अपनी आपबीती सुनाई। किसानों ने बताया कि यह भूमि उनके पुरखों के नाम राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज है और उनके पास इसके वैध पट्टे भी मौजूद हैं। इसके बावजूद, वन विभाग के अधिकारी उन्हें पद का दुरुपयोग कर अपनी ही जमीन से बेदखल करने का प्रयास कर रहे हैं। किसानों का यह भी आरोप है कि विरोध करने पर उन्हें डराया-धमकाया जा रहा है। किसान प्यारेलाल ने कहा, “जब पट्टा हमारे पास है, तो रेंजर साहब किस हक से निर्माण करा रहे हैं? हम अपनी जमीन पर खेती करें या दफ्तरों के चक्कर काटें?” किसानों ने कलेक्टर को एक शिकायती आवेदन सौंपा है। उन्होंने मांग की है कि इस निर्माण कार्य को तत्काल रोका जाए और राजस्व तथा वन विभाग की एक संयुक्त टीम गठित कर भूमि का सीमांकन कराया जाए।


