जमीन के बैनामे से जुड़ी नई व्यवस्था लागू हो गई है। अब 20 हजार रुपए से अधिक का निबंधन शुल्क नकद जमा नहीं किया जा सकेगा। यह शुल्क केवल ऑनलाइन माध्यम से ही स्वीकार किया जाएगा। इस फैसले का उद्देश्य लेनदेन में पारदर्शिता लाना और नकद भुगतान से जुड़ी अनियमितताओं पर रोक लगाना है। पहले बैनामे का शुल्क नकद या सीमित डिजिटल माध्यम से लिया जाता था। नई व्यवस्था के तहत, 20 हजार रुपए से अधिक के निबंधन शुल्क के लिए यूपीआई, डेबिट कार्ड, नेट बैंकिंग या अन्य ऑनलाइन विकल्पों का उपयोग करना अनिवार्य होगा। इस बदलाव को लेकर उप निबंधक कार्यालयों में चर्चा तेज हो गई है। आम लोगों का कहना है कि ऑनलाइन व्यवस्था के साथ-साथ बुजुर्गों और तकनीक से अनजान लोगों के लिए सहायता काउंटर या हेल्प डेस्क की व्यवस्था भी होनी चाहिए, ताकि उन्हें भुगतान में कोई दिक्कत न हो। अपर जिलाधिकारी अर्पित गुप्ता ने बताया कि यह नई व्यवस्था राजस्व संग्रह में पारदर्शिता लाएगी और भ्रष्टाचार की संभावनाओं को कम करेगी। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर इसके सफल क्रियान्वयन के लिए लोगों को जागरूक करना और सहयोग देना बेहद जरूरी है। 20 हजार रुपए से अधिक के निबंधन शुल्क को ऑनलाइन करने से नकद लेनदेन में होने वाली गड़बड़ियों पर रोक लगेगी। उप निबंधक कार्यालयों में कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे जरूरतमंदों की भुगतान प्रक्रिया में मदद करें। आने वाले दिनों में जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा, ताकि नागरिक इस नई व्यवस्था को समझ सकें और सहज हो सकें।


