T20 वर्ल्ड कप 2026 में बांग्लादेश की भागीदारी को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। मंगलवार को ही बांग्लादेश के खेल सलाहकार आसिफ नजरुल ने साफ-साफ कहा था कि हम दबाव स्वीकार नहीं करेंगे। अगर आईसीसी भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के दबाव में आकर हम पर अनुचित शर्तें थोपता है तो कतई स्वीकार नहीं करेंगे। इसी बीच स्टार बल्लेबाज नजमुल हुसैन शांतो ने साफ किया खिलाड़ी आईसीसी टूर्नामेंट खेलना चाहते हैं।
‘खिलाड़ी टी20 वर्ल्ड कप में हिस्सा लेने के इच्छुक’
शांतो ने कहा कि क्रिकेट वेलफेयर एसोसिएशन ऑफ बांग्लादेश (CWAB) की ओर से इस मुद्दे पर अभी तक कोई औपचारिक चर्चा नहीं हुई है, लेकिन उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बोर्ड की आंतरिक चर्चाओं के बारे में जानकारी न होने के बावजूद खिलाड़ी टी20 वर्ल्ड कप में हिस्सा लेने के इच्छुक हैं।
‘खिलाड़ियों पर मानसिक रूप से असर पड़ा’
शांतो ने कहा कि इस बारे में बात करने का सच में कोई मौका नहीं मिला। हममें से जो लोग एसोसिएशन से जुड़े हैं, वे मैचों में बहुत व्यस्त थे। इसके अलावा हाल ही में कुछ ऐसा हुआ, जिससे खिलाड़ियों पर मानसिक रूप से असर पड़ा। यह बहुत मुश्किल समय था।
‘वर्ल्ड कप दुर्लभ होते हैं’
शांतो ने वर्ल्ड कप के महत्व और मौजूदा गतिरोध के बावजूद खिलाड़ी इसे एक दुर्लभ अवसर क्यों मानते हैं? इस पर जोर देते हुए कहा कि क्रिकेटर के तौर पर हम हमेशा खेलना चाहते हैं। जब वर्ल्ड कप जैसा इवेंट होता है, तो बेशक हम वहां रहना चाहते हैं। ये टूर्नामेंट अक्सर नहीं होते। वर्ल्ड कप दुर्लभ होते हैं, खासकर 50 ओवर का फॉर्मेट जो हर चार साल में होता है। मैं इसे हमारे लिए अच्छा क्रिकेट खेलने का एक बड़ा मौका मानता हूं।
‘अंतिम फैसला खिलाड़ियों के हाथ में नहीं’
यह मानते हुए कि उन्हें बोर्ड के अंदर हो रहे घटनाक्रमों की पूरी जानकारी नहीं है, शांतो ने दोहराया कि खिलाड़ियों का रुख अपरिवर्तित है। उन्होंने आगे कहा कि मुझे सच में नहीं पता कि अंदर क्या हो रहा है, इसलिए मेरे लिए टिप्पणी करना मुश्किल है। लेकिन, खिलाड़ी के तौर पर हम निश्चित रूप से खेलना चाहते हैं। हालांकि, शांतो ने स्वीकार किया कि अंतिम फैसला खिलाड़ियों के हाथ में नहीं है, बल्कि बीसीबी के हाथ में है।
कप्तान लिटन दास ने कही थी ये बात
बता दें कि इससे पहले बांग्लादेश T20 टीम के कप्तान लिटन दास ने चिंता जताते हुए कहा था कि टी20 वर्ल्ड कप में बांग्लादेश की भागीदारी के बारे में खिलाड़ियों को जानकारी नहीं दी जा रही है और बोर्ड की तरफ से भी खिलाड़ियों से कोई बातचीत नहीं हुई है। उन्हें कि हमें यह भी पक्का नहीं पता कि हम जाएंगे भी या नहीं।


