Fatty Liver: आजकल लोग जंक फूड का इतना ज्यादा सेवन करने लगे हैं कि शरीर में कोई छोटी सी भी दिक्कत क्यों न हो, उन्हें लगता है कि यह इसी के कारण हुआ है। यह माना जा सकता है कि इसका बहुत ज्यादा सेवन करने से कई बार शरीर में तकलीफ हो सकती है, लेकिन यह कहना बिल्कुल गलत होगा कि सारी समस्याएं इसी के कारण होती हैं।
हाल ही में एक 35 वर्षीय महिला का मामला सामने आया है जिसने पेट के भारीपन और एसिडिटी जैसे कई लक्षणों को जंक फूड का प्रभाव समझकर टाल दिया और यही छोटी सी लापरवाही उसे लिवर डैमेज का शिकार बना गई। उसके शरीर में फैटी लिवर के कारण ये लक्षण दिखाई दे रहे थे और इसी कारण उसे लिवर डैमेज हो गया। आइए जानते हैं कि फैटी लिवर के लक्षण क्या होते हैं? इसके बचाव के लिए क्या करें और यह किस प्रकार लिवर डैमेज और कैंसर से जुड़ा है?
फैटी लिवर कब जानलेवा बन जाता है?(Fatty Liver)
लिवर को हमारे शरीर का इंजन माना जाता है, लेकिन जब हम बहुत ज्यादा फैट या कहें कि स्वास्थ्य के लिए हानिकारक फैट का सेवन अधिक मात्रा में करते हैं, तो यह हमारे लिवर में जमा होने लगता है। गौर करने की बात यह है कि शुरुआत में इसके कोई लक्षण दिखाई ही नहीं देते। जब हमारा लिवर 70% डैमेज हो जाता है, तब जाकर इसके लक्षण दिखने लगते हैं। कई बार यह फैटी लिवर हमारे लिए जानलेवा बन जाता है।
फैटी लिवर के शुरुआती लक्षण क्या होते हैं?(Fatty Liver Symptoms)
- पेट फूलना
- एसिडिटी
- पेट का भारी होना
- बहुत ज्यादा कमजोरी आना
- खाना पचना बंद हो जाना
फैटी लिवर से लिवर कैंसर तक का सफर?(Fatty Liver Cancer Link)
जब फैटी लिवर का समय पर इलाज नहीं होता, तो यह बेहद खतरनाक और जानलेवा स्थिति बन जाती है। लिवर में सूजन आने लगती है और कोशिकाएं डैमेज होने लगती हैं, यही सूजन लिवर कैंसर का रास्ता साफ करती है। इसके अलावा लिवर सिरोसिस (Cirrhosis) हो जाता है, जिसमें लिवर पर घाव (scars) बन जाते हैं और वह सिकुड़ने लगता है।
फैटी लिवर से बचाव के उपाय क्या हैं?(Fatty Liver Prevention)
- चीनी और मैदा का सेवन बंद कर दें
- रोजाना 30 मिनट पैदल चलें
- शराब बिल्कुल भी न पिएं
- अपने वजन और शरीर का संतुलन बनाए रखें
डिसक्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से न आजमाएं, बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पद्धति से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।


