IIT खड़गपुर में तीन दिवसीय टेक्नो-मैनेजमेंट फेस्ट ‘क्षितिज 2026′ खत्म:देशभर से 30 हजार छात्र शामिल; आर्मी–ISRO की प्रदर्शनी और ड्रोन रेसिंग दिखाई गई

IIT खड़गपुर में तीन दिवसीय टेक्नो-मैनेजमेंट फेस्ट ‘क्षितिज 2026′ खत्म:देशभर से 30 हजार छात्र शामिल; आर्मी–ISRO की प्रदर्शनी और ड्रोन रेसिंग दिखाई गई

इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT) खड़गपुर में 16 से 18 जनवरी तक तीन दिवसीय टेक्नो-मैनेजमेंट फेस्ट ‘क्षितिज 2026’ का आयोजन हुआ। इसमें देशभर से करीब 25 से 30 हजार स्टूडेंट्स शामिल हुए। तीन दिनों तक IIT खड़गपुर का कैंपस टेक्नोलॉजी, इनोवेशन, रिसर्च, स्टार्टअप के साथ एंटरटेनमेंट का केंद्र बना रहा। फेस्ट में टेक्निकल कॉम्पिटिशन से लेकर सेना और ISRO का एग्जीबिशन, पैनल डिस्कशन, हैकथॉन, वर्कशॉप, कंसर्ट हुए। 5 तस्वीरों में देखिए क्षितिज 2026… पहला दिन: ओपनिंग सेरेमनी, गेस्ट लेक्चर, AI वर्कशॉप और नाइट फेस्ट फेस्ट के पहले दिन दो प्रमुख गेस्ट लेक्चर हुए। पहला गेस्ट लेक्चर के. एन. व्यास, पूर्व चेयरमैन, एटॉमिक एनर्जी कमीशन और पूर्व सचिव, डिपार्टमेंट ऑफ एटॉमिक एनर्जी (DAE) का रहा। उन्होंने एटॉमिक रिसर्च और न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी के बदलावों पर बात की। दूसरा गेस्ट लेक्चर ऋषि कुमार शुक्ला, पूर्व डायरेक्टर, CBI का हुआ। उन्होंने डिजिटल दौर में साइबर सिक्यो रिटी, बढ़ते साइबर अटैक्स और मॉडर्न पुलिसिंग टेक्नोलॉजी के बारे में बताया। दूसरा दिन: आर्मी-ISRO की प्रदर्शनी और हाई-इंटेंसिटी टेक्निकल मुकाबले फेस्ट के दूसरे दिन कैंपस में इंडियन आर्मी ने अपना स्टॉल लगाया। यहां सेना के इस्तेमाल में आने वाली राइफल्स, सेफ्टी इक्विपमेंट दिखाए गए। वहीं ISRO ने भी अपना स्टॉल लगाया। यहां रॉकेट लॉन्च के तीनों स्टेज के इंजन, चंद्रयान, मंगलयान और सैटेलाइट्स के मॉडल दिखाए गए। दूसरे दिन स्टूडेंट्स के लिए कई हाई-इंटेंसिटी टेक्निकल कॉम्पिटिशन भी हुए। दूसरे दिन एक पैनल डिस्कशन भी हुआ, जिसमें IIT खड़गपुर के डायरेक्टर प्रो. सुमन चक्रवर्ती भी शामिल हुए। पैनल में डॉ. वी. नारायणन, ग्रुप कैप्टन अंगद प्रताप, ग्रुप कैप्टन अजित क्रिश्नन और प्रोफेसर आलोक शामिल रहे। डॉ. वी. नारायणन ने बताया कि वे 1988–89 में IIT खड़गपुर के क्रायोजेनिक इंजीनियरिंग विभाग के छात्र रहे हैं और बाद में यहीं से एयरोस्पेस में पीएचडी की। ग्रुप कैप्टन अंगद प्रताप ने बताया कि गगनयान जैसे मिशन में अंतरिक्ष यात्री सिर्फ उड़ान नहीं भरते बल्कि डिजाइन, विकास और टेस्टिंग में भी योगदान देते हैं। उन्होंने कहा कि फ्यूचर में इंजीनियर, डॉक्टर भी अंतरिक्ष यात्री बनेंगे। वहीं भारतीय वायुसेना से जुड़े ग्रुप कैप्टन अजित क्रिश्नन ने कहा कि फाइटर पायलट पहले से 80% अंतरिक्ष यात्री होता है। फर्क सिर्फ मानसिकता का है। फाइटर पायलट को आक्रामक होना पड़ता है। अंतरिक्ष यात्री को टीमवर्क और संयम चाहिए। तीसरा दिन: हैकथॉन, गेस्ट लेक्चर और ग्रैंड फिनाले फेस्ट के तीसरे दिन हैकथॉन, सोलर विजन, रोबो वॉर्स जैसे इवेंट्स हुए। गेस्ट लेक्चर में ए. एस. किरन कुमार, संजीव खन्ना सहित अन्य सम्मानित मेहमान शामिल हुए। इसके अलावा ब्लॉकचेन हैकथॉन भी आयोजित किया गया। ————————- ये खबर भी पढ़ें… IIT खड़गपुर और AIIMS भोपाल के बीच MOU:स्टूडेंट्स व मरीजों की मानसिक स्थिति समझने पर रिसर्च करेंगे स्टूडेंट्स से लेकर मरीजों की मानसिक स्थिति को समझने और उसे बेहतर तरीके से संभालने के तरीके खोजने के लिए आईआईटी खड़गपुर और एम्स भोपाल साथ मिलकर रिसर्च करेंगे। इसके लिए एम्स के सेंटर ऑफ हैप्पीनेस और आईआईटी के रेखी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर साइंस ऑफ हैप्पीनेस के बीच MOU हुआ है। पूरी खबर पढ़ें…

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