अररिया में ‘जनता के दरबार में जिलाधिकारी’ कार्यक्रम:22, 28 और 29 जनवरी को 3 पंचायतों में होगा आयोजन, कई अधिकारी रहेंगे मौजूद

अररिया में ‘जनता के दरबार में जिलाधिकारी’ कार्यक्रम:22, 28 और 29 जनवरी को 3 पंचायतों में होगा आयोजन, कई अधिकारी रहेंगे मौजूद

अररिया जिले में आम जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ‘जनता के दरबार में जिलाधिकारी’ कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। यह कार्यक्रम 22, 28 और 29 जनवरी 2026 को तीन अलग-अलग पंचायतों में होगा। जिलाधिकारी विनोद दूहन के आदेशानुसार, यह कार्यक्रम ग्रामीण स्तर पर आयोजित किया जाएगा। इसका उद्देश्य जनता को सीधे जिलाधिकारी और विभिन्न विभागीय अधिकारियों से मिलकर अपनी शिकायतें, योजनाओं से संबंधित परिवाद या लाभ वितरण में देरी जैसी समस्याओं को रखने का अवसर प्रदान करना है। कई अधिकारी रहेंगे मौजूद इस दौरान अपर समाहर्ता, उप विकास आयुक्त, अनुमंडल पदाधिकारी, भूमि सुधार उप समाहर्ता, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला पंचायत राज पदाधिकारी, जिला कृषि पदाधिकारी, जिला कल्याण पदाधिकारी, अल्पसंख्यक कल्याण, उद्योग, मत्स्य, पशुपालन सहित विभिन्न विभागों के जिला एवं प्रखंड स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहेंगे। इससे समस्याओं का मौके पर ही निराकरण संभव हो सकेगा। कार्यक्रम की शुरुआत 22 जनवरी 2026 को सुबह 11 बजे अररिया प्रखंड की हड़िया पंचायत के सामुदायिक भवन में होगी। इसके बाद, 28 जनवरी 2026 को कुर्साकांटा प्रखंड की डुमरिया पंचायत में उत्क्रमित कन्या मध्य विद्यालय कबीर कुटी सुंदरी में कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। तीसरा कार्यक्रम 29 जनवरी 2026 को अररिया प्रखंड की हयातपुर पंचायत के मनरेगा भवन में सुबह 11 बजे से होगा। कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए सहायक निदेशक, दिव्यांगजन सशक्तिकरण, अररिया को नोडल पदाधिकारी नियुक्त किया गया है। संबंधित प्रखंडों के वरीय प्रभारी पदाधिकारी वरीय नोडल पदाधिकारी की भूमिका निभाएंगे। प्रखंड विकास पदाधिकारी को सौंपी गई प्रचार की जिम्मेदारी कार्यक्रम के प्रचार-प्रसार की जिम्मेदारी प्रखंड विकास पदाधिकारी (प्रखंड स्तर पर) और जिला जन संपर्क पदाधिकारी (जिला स्तर पर) को दी गई है, जबकि विधि-व्यवस्था एवं सुरक्षा का दायित्व अनुमंडल पदाधिकारी और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी पर होगा। यह पहल बिहार सरकार की जनकेंद्रित नीतियों का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासन को जनता के और करीब लाना है। जिला प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे यह सुनिश्चित करें कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और सभी शिकायतों का उचित निराकरण हो। ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे निर्धारित तिथियों पर अपनी समस्याओं के साथ कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित हों। अररिया जिले में आम जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ‘जनता के दरबार में जिलाधिकारी’ कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। यह कार्यक्रम 22, 28 और 29 जनवरी 2026 को तीन अलग-अलग पंचायतों में होगा। जिलाधिकारी विनोद दूहन के आदेशानुसार, यह कार्यक्रम ग्रामीण स्तर पर आयोजित किया जाएगा। इसका उद्देश्य जनता को सीधे जिलाधिकारी और विभिन्न विभागीय अधिकारियों से मिलकर अपनी शिकायतें, योजनाओं से संबंधित परिवाद या लाभ वितरण में देरी जैसी समस्याओं को रखने का अवसर प्रदान करना है। कई अधिकारी रहेंगे मौजूद इस दौरान अपर समाहर्ता, उप विकास आयुक्त, अनुमंडल पदाधिकारी, भूमि सुधार उप समाहर्ता, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला पंचायत राज पदाधिकारी, जिला कृषि पदाधिकारी, जिला कल्याण पदाधिकारी, अल्पसंख्यक कल्याण, उद्योग, मत्स्य, पशुपालन सहित विभिन्न विभागों के जिला एवं प्रखंड स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहेंगे। इससे समस्याओं का मौके पर ही निराकरण संभव हो सकेगा। कार्यक्रम की शुरुआत 22 जनवरी 2026 को सुबह 11 बजे अररिया प्रखंड की हड़िया पंचायत के सामुदायिक भवन में होगी। इसके बाद, 28 जनवरी 2026 को कुर्साकांटा प्रखंड की डुमरिया पंचायत में उत्क्रमित कन्या मध्य विद्यालय कबीर कुटी सुंदरी में कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। तीसरा कार्यक्रम 29 जनवरी 2026 को अररिया प्रखंड की हयातपुर पंचायत के मनरेगा भवन में सुबह 11 बजे से होगा। कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए सहायक निदेशक, दिव्यांगजन सशक्तिकरण, अररिया को नोडल पदाधिकारी नियुक्त किया गया है। संबंधित प्रखंडों के वरीय प्रभारी पदाधिकारी वरीय नोडल पदाधिकारी की भूमिका निभाएंगे। प्रखंड विकास पदाधिकारी को सौंपी गई प्रचार की जिम्मेदारी कार्यक्रम के प्रचार-प्रसार की जिम्मेदारी प्रखंड विकास पदाधिकारी (प्रखंड स्तर पर) और जिला जन संपर्क पदाधिकारी (जिला स्तर पर) को दी गई है, जबकि विधि-व्यवस्था एवं सुरक्षा का दायित्व अनुमंडल पदाधिकारी और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी पर होगा। यह पहल बिहार सरकार की जनकेंद्रित नीतियों का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासन को जनता के और करीब लाना है। जिला प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे यह सुनिश्चित करें कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और सभी शिकायतों का उचित निराकरण हो। ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे निर्धारित तिथियों पर अपनी समस्याओं के साथ कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित हों।  

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