पिता ने अपनी आंखों के सामने अपने बेटे युवराज को कार के साथ डूबते हुए देखा। राजकुमार कहते हैं कि मौके पर 80 कर्मचारी थे। कोई भी पानी में नहीं उतर। एसआईटी की टीम ने राजकुमार से उस रात का पूरा ब्यौरा लिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी हादसे पर नाराज हैं। नोएडा प्राधिकरण के सीईओ लोकेश एम को हटा दिया है। हादसे के लिए जिम्मेदार हर चेहरे को सामने लाने की जिम्मेदारी एसआईटी को दी गई है। इन सवालों का जवाब ढूंढ रही SIT तीन राउंड में जांच होगी पूरी – एडीजी भानू भास्कर
पहले दिन दो राउंड पूरे, पांच घंटे मीटिंग
मीटिंग के बाद उन्होंने कहा कि पांच दिन में हमे सभी पहलुओं पर जांच करके बताना है। किसकी गलती की वजह से या हम लोग क्या और कर सकते थे जिससे ये हादसा न होता। हादसे के साथ जितने भी लिंक है चाहे वो सिविक अथारिटी या पुलिस अथारिटी हो उनके रोल को एक्जामिन कर रहे है। इसके बाद हम अपनी रिपोर्ट शासन को सब्मिट करेंगे। अभी हमने फर्स्ट राउंड की मीटिंग की है। सेकेंड राउंड में हमने मौका मुआयना कर लिया है। सभी लोगों से बातचीत की जा रही है जो लोग वहां थे उनसे भी पूछताछ होगी। जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा। उनके साथ मंडलायुक्त मेरठ भानूचंद्र गोस्वामी,चीफ इंजीनियर पीडब्ल्यूडी भी मौजूद थे। दोपहर करीब सवा 12 बजे के आसपास एसआईटी की टीम नोएडा प्राधिकरण पहुंची। प्राधिकरण के बोर्ड रुम में करीब साढ़े 12 बजे मीटिंग शुरू की गई। मीटिंग में कमिश्नर लक्ष्मी सिंह, प्राधिकरण एसीईओ कृष्णा करुणेश, डीएम मेधा रूपम से सवाल जवाब किए गए। जिसके बाद टीम सेक्टर-150 घटना स्थल पहुंची। इसके बाद शाम को पांच से साढ़े सात बजे तक बैठक चली।


