शहर में अपनी संपत्ति का म्यूटेशन (नामांतरण) कराने के लिए लोगों को 6 महीने से सालभर तक का इंतजार करना होता है। नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने इस मामले की समीक्षा की। इस दौरान पाया गया कि शहर के सभी छह अंचलों से मिलाकर म्यूटेशन के 8422 आवेदन आए हैं। इनमें से 6701 का ही निष्पादन हो सका है। नगर आयुक्त ने सभी लंबित मामलों को हफ्तेभर में निष्पादित करने का निर्देश दिया। इसके बाद फिर से इसकी समीक्षा होगी। लोगों को सरल और सुविधाजनक व्यवस्था मिले, इसके लिए अफसरों को निर्देश दिया। कहा-लापरवाही करने वाले अफसरों और कर्मियों पर कार्रवाई होगी। 8422 आवेदन आए, इनमें से 6701 का ही निष्पादन हो सका शिक्षा समिति : 303 मामलों पर निर्णय शिक्षा समिति की भी बैठक महापौर की अध्यक्षता में हुई। इसमें 303 पेंडिंग मामलों का निपटारा किया गया। चिकित्सीय अवकाश के 121, मातृत्व अवकाश के 39, पितृत्व अवकाश के 4, शिक्षकों की ज्वाइनिंग के 38 और शिक्षकों के अर्जित अवकाश से संबंधित 65 मामलों को स्वीकृत किया गया। इसी तरह शिक्षकों की उच्च शिक्षा के लिए योग्यता विस्तार से संबंधित 22 आवेदन पत्र प्राप्त हुए, जिनपर विचार करते हुए स्वीकृत किया गया। शिक्षकों के अवैतनिक अवकाश से संबंधित 11 आवेदनों को भी मंजूर किया गया। शिक्षकों के त्यागपत्र से संबंधित 3 मामलों पर भी निर्णय लिया गया। शिक्षक-शिक्षिकाओं से संबंधित कुछ मामले निलंबन और विभागीय कार्रवाई से जुड़े पाए गए, जिनपर नियमानुसार कार्रवाई करने की स्वीकृति दी गई। शहर में अपनी संपत्ति का म्यूटेशन (नामांतरण) कराने के लिए लोगों को 6 महीने से सालभर तक का इंतजार करना होता है। नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने इस मामले की समीक्षा की। इस दौरान पाया गया कि शहर के सभी छह अंचलों से मिलाकर म्यूटेशन के 8422 आवेदन आए हैं। इनमें से 6701 का ही निष्पादन हो सका है। नगर आयुक्त ने सभी लंबित मामलों को हफ्तेभर में निष्पादित करने का निर्देश दिया। इसके बाद फिर से इसकी समीक्षा होगी। लोगों को सरल और सुविधाजनक व्यवस्था मिले, इसके लिए अफसरों को निर्देश दिया। कहा-लापरवाही करने वाले अफसरों और कर्मियों पर कार्रवाई होगी। 8422 आवेदन आए, इनमें से 6701 का ही निष्पादन हो सका शिक्षा समिति : 303 मामलों पर निर्णय शिक्षा समिति की भी बैठक महापौर की अध्यक्षता में हुई। इसमें 303 पेंडिंग मामलों का निपटारा किया गया। चिकित्सीय अवकाश के 121, मातृत्व अवकाश के 39, पितृत्व अवकाश के 4, शिक्षकों की ज्वाइनिंग के 38 और शिक्षकों के अर्जित अवकाश से संबंधित 65 मामलों को स्वीकृत किया गया। इसी तरह शिक्षकों की उच्च शिक्षा के लिए योग्यता विस्तार से संबंधित 22 आवेदन पत्र प्राप्त हुए, जिनपर विचार करते हुए स्वीकृत किया गया। शिक्षकों के अवैतनिक अवकाश से संबंधित 11 आवेदनों को भी मंजूर किया गया। शिक्षकों के त्यागपत्र से संबंधित 3 मामलों पर भी निर्णय लिया गया। शिक्षक-शिक्षिकाओं से संबंधित कुछ मामले निलंबन और विभागीय कार्रवाई से जुड़े पाए गए, जिनपर नियमानुसार कार्रवाई करने की स्वीकृति दी गई।


