जनगणना : पहले चरण में होगी मकानों की गिनती, जिला स्तर पर कोषांग गठित

जनगणना : पहले चरण में होगी मकानों की गिनती, जिला स्तर पर कोषांग गठित

पटना जिले में जनगणना की तैयारी शुरू हो गई है। डीएम डॉ. त्यागराजन एसएम ने जिला जनगणना कोषांग का गठन किया है। उप विकास आयुक्त श्रीकांत कुंडलिक खांडेकर को इसका वरीय नोडल पदाधिकारी बनाया गया है। जिला योजना पदाधिकारी विदुर भारती को अपर जिला जनगणना अधिकारी बनाया गया है। प्रखंड स्तर तक अलग-अलग कोषांग गठित किया गया है। 1 अप्रैल 2026 से 28 फरवरी 2027 तक होने वाली जनगणना के पहले चरण में मकानों की गिनती होगी। दूसरे चरण में जनगणना होगी। पहले चरण की समय सीमा 1 अप्रैल से 30 सितंबर तक है। लोगों के पास विकल्प होगा कि वह कहां से अपनी गणना कराना चाहते हैं। इसके लिए सेल्फ एन्यूमरेशन पोर्टल के माध्यम से जानकारी उपलब्ध करानी होगी। इनका जवाब देना होगा मकान के फर्श, दीवार, छत की जानकारी, मकान का वास्तविक उपयोग, मकान अच्छी स्थिति में है या जीर्ण-शीर्ण, परिवार के सदस्यों की संख्या, परिवार के मुखिया का नाम, लिंग, आरक्षण कोटी, मकान के स्वामित्व की स्थिति, रहने वाले कमरों की संख्या, परिवार के विवाहित दंपतियों की संख्या, पेयजल का मुख्य स्रोत, पेयजल की उपलब्धता, प्रकाश का मुख्य स्रोत, परिसर के अंदर शौचालय, शौचालय का प्रकार, गंदे पानी की निकासी, स्नान की सुविधा, रसोईघर की उपलब्धता, खाना पकाने का मुख्य ईंधन, रेडियो, टेलीविजन, इंटरनेट सुविधा, कंप्यूटर-लैपटॉप, टेलीफोन, मोबाइल फोन, स्मार्ट फोन, साइकिल, बाइक, स्कूटर, मोपेड, कार, जीप, वैन, बैंकिंग सेवाओं का उपयोग, मोबाइल नंबर। पटना जिले में जनगणना की तैयारी शुरू हो गई है। डीएम डॉ. त्यागराजन एसएम ने जिला जनगणना कोषांग का गठन किया है। उप विकास आयुक्त श्रीकांत कुंडलिक खांडेकर को इसका वरीय नोडल पदाधिकारी बनाया गया है। जिला योजना पदाधिकारी विदुर भारती को अपर जिला जनगणना अधिकारी बनाया गया है। प्रखंड स्तर तक अलग-अलग कोषांग गठित किया गया है। 1 अप्रैल 2026 से 28 फरवरी 2027 तक होने वाली जनगणना के पहले चरण में मकानों की गिनती होगी। दूसरे चरण में जनगणना होगी। पहले चरण की समय सीमा 1 अप्रैल से 30 सितंबर तक है। लोगों के पास विकल्प होगा कि वह कहां से अपनी गणना कराना चाहते हैं। इसके लिए सेल्फ एन्यूमरेशन पोर्टल के माध्यम से जानकारी उपलब्ध करानी होगी। इनका जवाब देना होगा मकान के फर्श, दीवार, छत की जानकारी, मकान का वास्तविक उपयोग, मकान अच्छी स्थिति में है या जीर्ण-शीर्ण, परिवार के सदस्यों की संख्या, परिवार के मुखिया का नाम, लिंग, आरक्षण कोटी, मकान के स्वामित्व की स्थिति, रहने वाले कमरों की संख्या, परिवार के विवाहित दंपतियों की संख्या, पेयजल का मुख्य स्रोत, पेयजल की उपलब्धता, प्रकाश का मुख्य स्रोत, परिसर के अंदर शौचालय, शौचालय का प्रकार, गंदे पानी की निकासी, स्नान की सुविधा, रसोईघर की उपलब्धता, खाना पकाने का मुख्य ईंधन, रेडियो, टेलीविजन, इंटरनेट सुविधा, कंप्यूटर-लैपटॉप, टेलीफोन, मोबाइल फोन, स्मार्ट फोन, साइकिल, बाइक, स्कूटर, मोपेड, कार, जीप, वैन, बैंकिंग सेवाओं का उपयोग, मोबाइल नंबर।  

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