अवैध रूप से चलने वालीं 78 बसों के परमिट पर राज्य परिवहन प्राधिकार ने रोक लगा दी है। ओवरलोडिंग, प्रदूषण फैलाने व परमिट नियमों का उल्लंघन करने पर यह कार्रवाई की गई है। साथ ही प्राधिकार ने बस मालिकों को नोटिस भेजकर अपटेडेट कागजात के साथ पक्ष रखने के लिए निर्देशित किया है। प्राधिकार की आपत्तियों को दूर नहीं करने वाले बसों पर आगे की कार्यवाही शुरू होगी। दरअसल, मुजफ्फरपुर के डीटीओ ने गत 29 अक्टूबर को जांच के दौरान पटना व निर्मली के बीच चलने वाली बस को अवैध परिचालन में पकड़ा था। जिसके बाद बस पर लंबित चालान व प्रदूषण के लिए जुर्माना लगाने के साथ पूर्व से जारी परमिट जमा करने का निर्देश दिया। लेकिन, निर्देशों का अबतक पालन नहीं हुआ है। इसी तरह डीटीओ ने पटना से जयनगर जाने वाले बस की जांच की थी। उस पर जुर्माना राशि व लंबित चालान अभी तक बस मालिक ने नहीं दिया है। पटना से पूर्णिया जाने वाली बस की जांच डीटीओ ने 26 जून को की थी। इस बस पर लगाया गया जुर्माना व चालान की राशि अबतक विभाग को नहीं मिली है। पटना व मधुबनी के बीच चलने वाली सात बसों के परमिट पर रोक लगाई गई है। अवैध रूप से चलने वालीं 78 बसों के परमिट पर राज्य परिवहन प्राधिकार ने रोक लगा दी है। ओवरलोडिंग, प्रदूषण फैलाने व परमिट नियमों का उल्लंघन करने पर यह कार्रवाई की गई है। साथ ही प्राधिकार ने बस मालिकों को नोटिस भेजकर अपटेडेट कागजात के साथ पक्ष रखने के लिए निर्देशित किया है। प्राधिकार की आपत्तियों को दूर नहीं करने वाले बसों पर आगे की कार्यवाही शुरू होगी। दरअसल, मुजफ्फरपुर के डीटीओ ने गत 29 अक्टूबर को जांच के दौरान पटना व निर्मली के बीच चलने वाली बस को अवैध परिचालन में पकड़ा था। जिसके बाद बस पर लंबित चालान व प्रदूषण के लिए जुर्माना लगाने के साथ पूर्व से जारी परमिट जमा करने का निर्देश दिया। लेकिन, निर्देशों का अबतक पालन नहीं हुआ है। इसी तरह डीटीओ ने पटना से जयनगर जाने वाले बस की जांच की थी। उस पर जुर्माना राशि व लंबित चालान अभी तक बस मालिक ने नहीं दिया है। पटना से पूर्णिया जाने वाली बस की जांच डीटीओ ने 26 जून को की थी। इस बस पर लगाया गया जुर्माना व चालान की राशि अबतक विभाग को नहीं मिली है। पटना व मधुबनी के बीच चलने वाली सात बसों के परमिट पर रोक लगाई गई है।


