हरदोई में एक ई-रिक्शा मालिक ने अपनी किश्तें चुकाने से बचने के लिए खुद ही अपने रिक्शा की चोरी की झूठी कहानी गढ़ी। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर इस मामले का भंडाफोड़ करते हुए आरोपी को रिक्शा सहित गिरफ्तार कर लिया है। शहर के रामनगरिया लक्ष्मीपुरवा निवासी विजय गुप्ता ने 15 जनवरी को पुलिस को तहरीर दी थी। उसने बताया था कि बरगावां के पास रिक्शा खड़ा कर वह सामान लेने गया था, तभी अज्ञात चोरों ने उसका ई-रिक्शा चुरा लिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान, घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने पर विजय की भूमिका संदिग्ध पाई गई। पुलिस ने जब उससे सख्ती से पूछताछ की, तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया और पूरी सच्चाई सामने आ गई। विजय ने पुलिस को बताया कि उसने पिछले साल 30 अगस्त को 1 लाख 60 हजार रुपये में ई-रिक्शा खरीदा था। 40 हजार रुपये नकद देने के बाद शेष 1 लाख 20 हजार रुपये के लिए 7500 रुपये की 16 किश्तें तय हुई थीं। वह अब तक 7 किश्तें (लगभग 74 हजार रुपये) जमा कर चुका था, लेकिन शेष 46 हजार रुपये का बकाया चुकाने में असमर्थ था। फाइनेंस कंपनी के लगातार तगादे से बचने के लिए उसने रिक्शा चोरी होने की झूठी रिपोर्ट दर्ज कराने की साजिश रची, ताकि उसे बची हुई किश्तें न चुकानी पड़ें। शहर पुलिस ने आरोपी विजय गुप्ता को गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर छिपाकर रखा गया ई-रिक्शा बरामद कर लिया है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि झूठी सूचना देकर विभाग को गुमराह करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


