दरभंगा में आज खाना बनाने का काम करने वाले 40 साल की कर्मी संजय सिंह का शव एक पुराने जर्जर भवन में फंदे से लटका मिला। मामला बहादुरपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत बीएमपी-13 परिसर का है। मृतक संजय सिंह सारण जिले के मांझी थाना क्षेत्र अंतर्गत कटोखर गांव के निवासी थे और बीते करीब 20 साल से बीएमपी-13 में खाना बनाने का काम कर रहे थे। परिजनों के अनुसार, संजय सिंह लंबे समय से मानसिक बीमारी से ग्रसित थे, जिनका इलाज उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में चल रहा था। संजय सिंह 18 जनवरी से ही घर से लापता थे। परिजनों और सहकर्मियों ने उनकी काफी खोजबीन की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इससे पहले भी वे कई बार अचानक लापता हो जाते थे और कुछ घंटों बाद लौट आते थे, लेकिन इस बार दो दिनों तक घर न लौटने से परिजन काफी चिंतित थे। मंगलवार को बीएमपी-13 स्थित उनके आवास के सामने पुराने जर्जर भवन की छत से लटका उनका शव दिखाई दिया। परिजनों ने नहीं की पुलिस से शिकायत सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच भेज दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।अब तक परिजनों की ओर से पुलिस को कोई लिखित शिकायत नहीं दी गई है। मृतक के बेटे मनीष सिंह ने बताया कि उनके पिता करीब 20 साल से मानसिक रोग से पीड़ित थे।इलाज के दौरान उनकी कुछ दवाइयां खत्म हो चुकी थीं, जिस कारण वे छुट्टी के लिए अधिकारियों से गुहार लगा रहे थे, लेकिन छुट्टी नहीं मिलने से वह काफी तनाव में थे।मृतक के दो बेटे मनीष सिंह और आयुष सिंह तथा एक बेटी अंशिका कुमारी हैं,तीनों नाबालिग हैं। बहादुरपुर थानाध्यक्ष प्रसुंजय कुमार ने बताया कि सूचना मिलने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच भेजा गया और बाद में परिजनों को सौंप दिया गया है।परिजनों की ओर से अभी तक कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। डीएसपी दिलीप कुमार झा ने बताया कि जिस पुराने भवन में शव मिला,वह जर्जर हो चुका था, इसलिए विभाग की ओर से सामने स्थित दूसरा आवास उन्हें आवंटित किया गया था,जहां वे रह भी रहे थे। आत्महत्या के कारणों को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है, हालांकि सहकर्मियों के अनुसार वे अक्सर मानसिक तनाव में रहते थे। मृतक को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया है और तत्काल सहायता राशि उनके परिजनों को दी गई है। इसके साथ ही एक सब-इंस्पेक्टर और पुलिसकर्मी को शव के साथ गांव भेजा गया है।घटना के बाद बीएमपी-13 परिसर में शोक का माहौल है। दरभंगा में आज खाना बनाने का काम करने वाले 40 साल की कर्मी संजय सिंह का शव एक पुराने जर्जर भवन में फंदे से लटका मिला। मामला बहादुरपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत बीएमपी-13 परिसर का है। मृतक संजय सिंह सारण जिले के मांझी थाना क्षेत्र अंतर्गत कटोखर गांव के निवासी थे और बीते करीब 20 साल से बीएमपी-13 में खाना बनाने का काम कर रहे थे। परिजनों के अनुसार, संजय सिंह लंबे समय से मानसिक बीमारी से ग्रसित थे, जिनका इलाज उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में चल रहा था। संजय सिंह 18 जनवरी से ही घर से लापता थे। परिजनों और सहकर्मियों ने उनकी काफी खोजबीन की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इससे पहले भी वे कई बार अचानक लापता हो जाते थे और कुछ घंटों बाद लौट आते थे, लेकिन इस बार दो दिनों तक घर न लौटने से परिजन काफी चिंतित थे। मंगलवार को बीएमपी-13 स्थित उनके आवास के सामने पुराने जर्जर भवन की छत से लटका उनका शव दिखाई दिया। परिजनों ने नहीं की पुलिस से शिकायत सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच भेज दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।अब तक परिजनों की ओर से पुलिस को कोई लिखित शिकायत नहीं दी गई है। मृतक के बेटे मनीष सिंह ने बताया कि उनके पिता करीब 20 साल से मानसिक रोग से पीड़ित थे।इलाज के दौरान उनकी कुछ दवाइयां खत्म हो चुकी थीं, जिस कारण वे छुट्टी के लिए अधिकारियों से गुहार लगा रहे थे, लेकिन छुट्टी नहीं मिलने से वह काफी तनाव में थे।मृतक के दो बेटे मनीष सिंह और आयुष सिंह तथा एक बेटी अंशिका कुमारी हैं,तीनों नाबालिग हैं। बहादुरपुर थानाध्यक्ष प्रसुंजय कुमार ने बताया कि सूचना मिलने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच भेजा गया और बाद में परिजनों को सौंप दिया गया है।परिजनों की ओर से अभी तक कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। डीएसपी दिलीप कुमार झा ने बताया कि जिस पुराने भवन में शव मिला,वह जर्जर हो चुका था, इसलिए विभाग की ओर से सामने स्थित दूसरा आवास उन्हें आवंटित किया गया था,जहां वे रह भी रहे थे। आत्महत्या के कारणों को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है, हालांकि सहकर्मियों के अनुसार वे अक्सर मानसिक तनाव में रहते थे। मृतक को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया है और तत्काल सहायता राशि उनके परिजनों को दी गई है। इसके साथ ही एक सब-इंस्पेक्टर और पुलिसकर्मी को शव के साथ गांव भेजा गया है।घटना के बाद बीएमपी-13 परिसर में शोक का माहौल है।


