कॉलेजों में 90% गेस्ट फैकल्टी, सुप्रीम कोर्ट का आदेश- ‘4 महीने में पद भरें…’

कॉलेजों में 90% गेस्ट फैकल्टी, सुप्रीम कोर्ट का आदेश- ‘4 महीने में पद भरें…’

MP News: देशभर के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में खाली पड़े शैक्षणिक व अशैक्षणिक पदों को भरने को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने उच्च शिक्षण संस्थाओं में शिक्षकों, कुलपति और रजिस्ट्रार जैसे अहम पदों की लंबी रिक्तियों को विद्यार्थियों में बढ़ते मानसिक तनाव और आत्महत्याओं से जोड़ते हुए स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि शैक्षणिक-अशैक्षणिक पद चार माह में और कुलपति-रजिस्ट्रार जैसे शीर्ष पद एक माह में भरे जाएं।

दूसरी ओर प्रदेश की जमीनी स्थिति इन निर्देशों से कोसों दूर नजर आ रही है। प्रदेश के सरकारी कॉलेजों और विवि में हजारों पद वर्षों से खाली हैं। भर्ती प्रक्रियाएं लंबित हैं, चयन में देरी है और कई संस्थान आज भी गेस्ट फैकल्टी और प्रभारी अधिकारियों के सहारे चल रहे हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या सुप्रीम कोर्ट की तय समयसीमा में यह भर्ती संभव है? प्रदेश में 90 फीसदी विभाग विजिटिंग फैकल्टी के सहारे चल रहे हैं। हर साल मई और दिसंबर में अस्थायी नियुक्तियां करनी पड़ती है।

प्रदेश की तस्वीर, आंकड़े जो चिंता बढ़ाते हैं…

प्रदेश में उच्च शिक्षा व्यवस्था की सबसे बड़ी कमजोरी आज भी शिक्षकों की भारी कमी है। कुल 569 शासकीय कॉलेज हैं, जहां पढ़ाई का बड़ा बोझ गेस्ट फैकल्टी और प्रभारी प्राचार्यों पर है। शासकीय कॉलेजों में टीचिंग और नॉन टीचिंग के 12389 स्वीकृत पद हैं, इनमें से 5566 पद खाली हैं। पिछले कुछ सालों में रिक्त पदों की संख्या 64 फीसदी तक बढ़ी है। कई कॉलेजों और विवि के विभागों में तो एक भी नियमित शिक्षक नहीं है।

समय पर कैसे होगी भर्ती

शासन का दावा है कि इन नियुक्तियों के बाद पुराने कॉलेजों में बमुश्किल 300 पद खाली रहेंगे। अंग्रेजी, हिंदी, कॉमर्स, फिजिक्स, कैमिस्ट्री, मैथ्स में कमी लगभग खत्म हो जाएगी। सवाल यह है कि सुप्रीम कोर्ट ने चार माह में रिक्तियां भरने की जो समयसीमा तय की है, उसमें यह पूरी प्रक्रिया कैसे पूरी होगी। अधिकांश भर्तियां 2026-27 तक पूरी होने का अनुमान है।

प्रदेश की यूनिर्सिटी और खाली पद

बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी, भोपाल-68
एमपी भोज ओपन यूनिवर्सिटी, भोपाल-50
अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी विवि-14
जीवाजी यूनिवर्सिटी, ग्वालियर-79
देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी, इंदौर-68
एपीएस यूनिवर्सिटी, रीवा-42
रानी दुर्गावती यूनिवर्सिटी, जबलपुर-130
विक्रम यूनिवर्सिटी, उज्जैन-112
महात्मा गांधी ग्रामोदय यूनिवर्सिटी, चित्रकूट-68
पं. एसएन शुक्ल यूनिवर्सिटी, शहडोल-97
पाणिनी यूनिवर्सिटी, उज्जैन-22
डॉ. आंबेडकर यूनिवर्सिटी ऑफ सोशल साइंस, महू-100
रानी अवंती बाई विश्वविद्यालय, सागर-140
राजा शंकर शाह विश्वविद्यालय, छिंदवाड़ा-175
महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, छतरपुर-140
क्रांतिसूर्य टंटया भील विश्वविद्यालय, खरगोन-140
क्रांतिवीर तात्या टोपे विश्वविद्यालय, गुना-140

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