रेवाड़ी पुलिस द्वारा खरखड़ा भटसाना रोड पर 12 जनवरी की रात एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार सोनू पर 21 नहीं 42 केस दर्ज हैं। जिनमें से अधिकतर हत्या, हत्या प्रयास, लूट और रंगदारी व फिरौती जैसे मामले हैं। शुरूआती जांच में सोनू के खिलाफ हत्या के 10 मामलों सहित 21 केस दर्ज बताए गए थे। पुलिस जांच में पता चला है कि सोनू ने हिसार की एग्रो कंपनी का बिजनेस बचाने के लिए व्यापारी मोहन की हत्या की थी। हत्या की वारदात को चार लोगों ने अंजाम दिया था। जिनमें से दो की गिरफ्तारी हो चुकी है और दो की पहचान हो चुकी है।
दक्षिणी हरियाणा का डिस्ट्रीब्यूटर था मोहन
बहाला निवासी हिसार की एग्रो कंपनी का दक्षिणी हरियाणा में इकलौता डिस्ट्रीब्यूटर था। जिसने अलग अलग स्थानों पर अपने एजेंट बनाए हुए थे। कंपनी के साथ लेनदेन का विवाद होने के बाद मोहन कंपनी की डिस्ट्रीब्यूटरशिप छोड़कर दूसरी कंपनी के साथ चला गया था। जिससे हिसार की एग्रो कंपनी का दक्षिणी हरियाणा में काम सिमट गया था। खरखड़ा भटसाना रोड पर एनकाउंटर
सोनू का धारूहेड़ा सीआईए और गुरुग्राम एटीएस ने खरखड़ा भटसाना रोड पर 12 जनवरी की रात एनकाउंटर किया था। एनकाउंटर के दौरान दोनों पैरों में पुलिस की गोली लगने से इनामी बदमाश जयभगवान उर्फ सोनू महाल घायल हो गया था। जिसके बाद पुलिस ने उसे ट्रॉमा सेंटर में भर्ती करवाया था।
एग्रो कंपनी का एमडी हो चुका गिरफ्तार
पुलिस ने बहाला निवासी व्यापारी मोहन हत्याकांड में सबसे पहले हिसार की एग्रो कंपनी के डायरेक्टर जयवीर सिंह को गिरफ्तार किया था। जिससे पूछताछ के बाद सोनीपत के पिनाना निवासी इनामी बदमाश जयभगवान उर्फ सोनू का नाम सामने आया था। 23 दिसंबर की शाम हुई थी हत्या
गांव बहाला निवासी व्यापारी मोहन की 23 दिसंबर को दुकान में गोलियां मारकर हत्या कर दी। आरोपी हत्या के बाद कार में सवार होकर फरार हो गए थे। जिसकी सीसीटीवी फुटेज भी सामने आई थी। व्यापारी के परिजनों ने हिसार की एग्रो कंपनी के एमडी पर पैसों के लेनदेन में हत्या की आशंका जताई थी। आरोपियों की जल्द होगी गिरफ्तारी डीएसपी सुरेंद्र श्योराण ने बताया कि व्यापारी हत्याकांड में चार लोग शामिल थे। बाकी बचे दोनों आरोपियों की पुलिस ने पहचान कर ली है। जिन्हें जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। मोहन के डिस्ट्रीब्यूटरशिप छोड़ने से कंपनी को नुकसान हो रहा था। इसलिए उसकी हत्या की गई। अब तक की पूछताछ में यही सामने आया है।


