आगरा के बाह तहसील के बासौनी के पुरोहितन पुरा (बरहा) गांव में रहने वाले 10 साल के बच्चे सनी का शव कुएं में पड़ा मिला। शव को जब बाहर निकाला तो बच्चे की कमर में साड़ी बंधी थी। पता चला कि बच्चा कुएं में गिरी साइकिल को उतारने के लिए नानी की साड़ी बांधकर अंदर उतारा था। साड़ी टूटने से वह कुएं में गिर गया। रविवार रातभर परिवार के लोग उसे तलाशते रहे। सोमवार को 24 घंटे बाद कुएं में शव मिलने से मातम पसर गया। बसौनी निवासी रामधुन ने बताया कि उनकी बहन का बेटा सनी पुत्र संजू निवासी पार्वतीपुरा, बाह बचपन से ही ननिहाल पुरोहितन पुरा (बरहा) गांव में रह रहा था। सनी चंचल और निडर स्वभाव का था। दोपहर वह घर से निकला था। शाम तक घर नहीं लौटा तो उसकी रातभर तलाश की गई थी। सोमवार की दोपहर कुछ बच्चों ने कुएं के पास सनी को साइकिल का टायर चलाते हुए देखने की जानकारी दी। इस पर कुएं पर पहुंचे तो बाहर उसका टायर पड़ा हुआ था। अंदर झांक कर देखा तो सनी पर नजर पड़ी। सूचना पर बासौनी पुलिस मौके पर पहुंच गई। ग्रामीणों की मदद से सनी को बाहर निकाला गया तो उसकी मौत हो चुकी थी। सिर पर चोट के निशान थे, खून बहा था। प्रभारी निरीक्षक बासौनी ने बताया कि सनी के कमर पर साड़ी की रस्सी बंधी हुई थी। पूछताछ में पता चला है कि बच्चों ने कुएं में साइकिल पड़ी होने की जानकारी दी थी। जिस पर सनी साड़ी की रस्सी बनाकर कुएं में उतरने की कोशिश की। इसी दौरान हादसा हो गया। कुएं के बाहर भी साड़ी के टुकड़े पड़े थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद हादसे का सच सामने आएगा। तीन भाई, बहनों में मंझला था सनी
पार्वतीपुरा के संजू के तीन बच्चों में सनी मंझला था। बहन सोना (12) बड़ी है, जबकि भाई मनी (8) छोटा है। संजू की आर्थिक स्थिति कमजोर है। अच्छे से लालन पालन हो इसलिए संजू ने सनी को ननिहाल भेज दिया था। जबकि सोना और मनी के साथ खुद गांव में रहकर मेहनत मजदूरी कर रहा है। सनी की मौत की जानकारी मिलते ही मां मीरा देवी सुधबुध खो बैठीं। संजू भी सदमे में हैं। वहीं मामा रामधुन और विष्णु ने बताया कि अच्छी परिवरिश के लिए सनी को लाए थे, चंचल और निडर था, दिल्ली में जाकर काम करने की बातें करता था। मगर, उसकी मौत ने कलंक लगा दिया। पुरोहितन पुरा एवं पार्वतीपुरा गांव में दोनों परिवारों में मातम पसर गया है। 100 फीट गहरा है कुआं पुराने कुएं में सनी के पड़े दिखने के बाद रेस्क्यू की तैयारी हुई। कुआं 100 फीट गहरा है। कुएं में गैस होने के अंदेशे में कोई उतरने को तैयार नहीं हुआ। गैस का पता लगाने के लिए कुएं में जलती हुई मोमबत्ती रस्सी के सहारे भेजी गई, बुझी नहीं। इसके बाद नीम के पत्ते भेजे गए, जो झुलसे नहीं। ग्रामीणों ने बताया कि कुएं में गैस होने की जांच मोमबत्ती और पत्तों से की गई। फिर कुएं में उतरने में माहिर पड़ोस के गांव धांधूपुरा के भूप सिंह को बुलाया गया। वे कुएं में उतरे और सनी को बांधकर बाहर निकलवाया। उन्होंने पुलिस को बताया कि कुएं में शव कीचड़ में धंस गया था।


